MP: पीसीसी प्रमुख जीतू पटवारी ने सागर मामले में सरकार को घेरते हुए कहा कि मध्य प्रदेश ने जंगल राज का चरम उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रदेश हर दिन घोटाले के मामले सामने आते हैं।
विपक्ष सरकार पर हावी होते जा रहा है जब चाचा का शव ले जाती भतीजी को एंबुलेंस से गिरने से मौत हो गई। पीसीसी प्रमुख जीतू पटवारी ने राज्य की मोहन सरकार पर कड़ी टिप्पणी की है। उन्हें लगता है कि मध्य प्रदेश जंगल राज का चरम उदाहरण है। प्रदेश हर दिन दलितों पर अत्याचार, आदिवासियों पर अन्याय, किसानों पर कुठाराघात, व्यापारी वर्ग के साथ लूटपाट, हत्याएं, बलात्कार और सत्ता पक्ष के लोगों द्वारा घोटाले का शिकार होता है।
MP: क्या अब राज्य में दलित होना अपराध है?
क्या पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में दलित होना अब गुनाह हो गया है? क्या राज्य, जो आदिवासी अत्याचारों में सर्वश्रेष्ठ है, दलित उत्पीड़न में भी उदाहरण बनना चाहता है? प्रदेश के हर जिले को यह संकट हुआ है, न सिर्फ सागर को। कानून व्यवस्था, जो मजाक बन चुकी है, अपराधियों के हौसलों को बढ़ा रही है। सरकार भी चुप है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आप गृहमंत्री के पद पर सबसे बदनाम कार्यकाल के बावजूद सबक लेने को तैयार नहीं हैं। भाजपा सरकार ने बेलगाम अपराधों को रोकने की कोई योजना नहीं बनाई है।
MP: प्रदेश की कानून व्यवस्था ने अराजकता को पार किया
जीतू पटवारी ने बताया कि सागर जिले की खुरई विधानसभा के बरोदिया नोनागिर गांव में पांच लोगों ने राजेन्द्र अहिरवार नामक युवक पर राजीनामा करने के दबाव में हमला किया है। राजेन्द्र को गंभीर रूप से घायल करके उपचार के लिए भोपाल ले जाते समय उनकी निधन हो जाती है।
पोस्टमार्टम के बाद 26 मई को शव परिवार को दिया जाएगा। ड्राइवर, मरने वाले की भतीजी अंजना अहिरवार और मरने वाले के माता-पिता बरोदिया नोनागिर शव वाहन में निकलते हैं। खुरई बायपास पर एक अंजना शव वाहन से गिरकर मर जाता है। यहां उल्लेखनीय है कि अंजना के भाई नितिन अहिरवार की सरेआम हत्या अगस्त 2023 में बरोदिया नोनागिर में हुई थी।
उसका परिवार अभी भी न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है। जीतू पटवारी ने कहा कि मोहन यादव जी को रंजिश और जघन्य हत्या की यह कहानी सिर्फ इसलिए बताई गई कि प्रदेश की कानून व्यवस्था अराजकता के सारे पड़ाव पार कर चुकी है।
MP: Kamalnath ने भी मामले में सरकार को घेर लिया।
मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी सरकार को घेर लिया है “क्या मध्यप्रदेश में अब दलित होना गुनाह हो गया है?” उन्होंने एक ट्वीट किया। क्या बीजेपी संरक्षित आरोपियों को सजा मिलेगी जो एक पूरे दलित परिवार को मार डाले? क्या मुख्यमंत्री इस परिवार के बचे हुए लोगों को जीवित रहने की गारंटी देंगे?’
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