Amit Shah: बंगाल में घुसपैठ क्यों? अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया हर मुद्दा, कही ये बड़ी बातें
पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘घुसपैठ’ हमेशा से एक ज्वलंत मुद्दा रहा है। हाल ही में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस गंभीर समस्या पर केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट किया और राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर तीखे हमले किए। शाह ने न केवल घुसपैठ के कारणों पर चर्चा की, बल्कि इसे रोकने के लिए भविष्य के रोडमैप को भी साझा किया।
घुसपैठ: एक सुरक्षा और जनसांख्यिकीय चुनौती

अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल में घुसपैठ केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश की आंतरिक सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन (Demographic balance) के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में आबादी का बदलता स्वरूप आने वाले समय के लिए चिंता का विषय है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें: Amit Shah
- राज्य सरकार की विफलता: शाह ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार के सहयोग के बिना पूर्ण रूप से घुसपैठ रोकना कठिन है। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य सरकार घुसपैठियों को ‘वोट बैंक’ के रूप में देखना बंद नहीं करेगी, तब तक यह समस्या बनी रहेगी।
- भ्रष्टाचार और सिंडिकेट: उन्होंने दावा किया कि सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों के पीछे एक गहरा ‘सिंडिकेट’ काम कर रहा है, जिसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।
- CAA का महत्व: गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) शरणार्थियों को सम्मान देने के लिए है, जबकि घुसपैठियों के लिए देश में कोई जगह नहीं है।
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आखिर क्यों नहीं रुक रही घुसपैठ?
Amit Shah ने घुसपैठ के जारी रहने के पीछे कई तकनीकी और राजनीतिक कारण गिनाए:
- बाड़ लगाने में बाधा: कई स्थानों पर भूमि अधिग्रहण की समस्याओं के कारण सीमा पर बाड़ लगाने का काम अधूरा है। शाह के अनुसार, राज्य सरकार इन बाधाओं को दूर करने में रुचि नहीं दिखा रही है।
- वोट बैंक की राजनीति: केंद्र का मानना है कि घुसपैठियों को अवैध तरीके से पहचान पत्र और राशन कार्ड मुहैया कराए जाते हैं, ताकि उन्हें चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा सके।
- नदी तटीय सीमा: बंगाल की भौगोलिक स्थिति ऐसी है जहाँ कई जगह नदी मार्ग से सीमा जुड़ती है, जिसका फायदा घुसपैठिये उठाते हैं।
‘सोनार बांग्ला’ और सुरक्षा का संकल्प
अमित शाह ने बंगाल की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो “परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा”। उन्होंने वादा किया कि केंद्र सरकार सीमाओं को पूरी तरह से सील करने और आधुनिक तकनीक (ड्रोन और सेंसर) के इस्तेमाल के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घुसपैठ रुकने से न केवल बंगाल के संसाधनों पर स्थानीय लोगों का हक सुरक्षित होगा, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
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