Mumbai Ahmedabad Bullet Train: मुंबई से अहमदाबाद सिर्फ 137 मिनट में! रेल मंत्री ने बताया बुलेट ट्रेन का पूरा प्लान; जानें क्यों है यह ‘भविष्य की सवारी’
भारत की पहली बुलेट ट्रेन (MAHSR) परियोजना अब अपने निर्णायक दौर में है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इस प्रोजेक्ट की प्रगति और इसकी अत्याधुनिक विशेषताओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। यह ट्रेन सिर्फ रफ्तार का जादू नहीं है, बल्कि इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना है।
Mumbai Ahmedabad Bullet Train क्या खास है इस बुलेट ट्रेन में?
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (Shinkansen Technology) कई मायनों में भारतीय रेल के इतिहास को बदलने वाली है:
- अविश्वसनीय रफ्तार: इसकी परिचालन गति 320 किमी/घंटा होगी, जो मुंबई और अहमदाबाद के बीच की दूरी को मात्र 2 घंटे 07 मिनट (सीमित स्टॉप के साथ) और 2 घंटे 57 मिनट (सभी 12 स्टेशनों पर रुकने के साथ) में तय करेगी।
- अत्याधुनिक कोच: ट्रेन में रोटेटिंग सीटें, बच्चों के लिए विशेष स्थान, और दिव्यांगों के लिए आधुनिक वॉशरूम की सुविधा होगी।
- शून्य शोर और कंपन: जापानी ‘शिंकानसेन’ तकनीक के कारण यात्रियों को हाई-स्पीड पर भी शोर या झटके महसूस नहीं होंगे।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन 2 घंटे 17 मिनट में सफर, जानें इसकी तकनीक और सुरक्षा फीचर्स
कैसे काम करती है यह ट्रेन?
Mumbai Ahmedabad Bullet Train बुलेट ट्रेन जापानी शिंकानसेन (Shinkansen) प्रणाली पर आधारित है। इसकी कार्यप्रणाली सामान्य ट्रेनों से काफी अलग है:
- समर्पित ट्रैक (Dedicated Tracks): यह ट्रेन सामान्य पटरियों पर नहीं चलती। इसके लिए एलिवेटेड (जमीन से ऊपर) कंक्रीट के ट्रैक तैयार किए गए हैं ताकि कोई जानवर या व्यक्ति रास्ते में न आ सके।
- एरोडायनामिक डिजाइन: इसका अगला हिस्सा ‘नाक’ की तरह लंबा होता है, जो हवा के दबाव को कम करता है और ‘टनल बूम’ (सुरंग में होने वाली तेज आवाज) को रोकता है।
- ऑटोमैटिक ट्रेन कंट्रोल (ATC): इसमें ड्राइवर की गलती की गुंजाइश खत्म करने के लिए पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित कंट्रोल सिस्टम होता है।
सुरक्षा के मामले में कितनी बेहतर?
सुरक्षा ही वह मुख्य बिंदु है जो बुलेट ट्रेन को दूसरी ट्रेनों से अलग करती है: Mumbai Ahmedabad Bullet Train
- भूकंप सेंसर (Early Warning System): इस ट्रेन में सबसे बड़ी खासियत इसका ‘सिस्मिक डिटेक्शन सिस्टम’ है। भूकंप के हल्के झटके महसूस होते ही ट्रेन में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेक लग जाएंगे।
- शून्य दुर्घटना रिकॉर्ड: जिस जापानी तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, उसका पिछले 50 वर्षों से अधिक का रिकॉर्ड है कि वहां एक भी यात्री की जान ट्रेन दुर्घटना में नहीं गई है।
- कवच (Kavach) से भी उन्नत: इसमें सुरक्षा के कई स्तर हैं जो हर पल ट्रैक और ट्रेन की स्थिति की निगरानी करते हैं।
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