भारतीय रेलवे (Indian Railways) का नया युग पीएम मोदी (PM Modi) ने देश की पहली ‘वंदे भारत स्लीपर’ और ‘अमृत भारत’ ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी
Indian Railways प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पहली ‘वंदे भारत स्लीपर ट्रेन’ को हरी झंडी दिखाकर देश को एक शानदार सौगात दी है। साथ ही अमृत भारत ट्रेनों की भी शुरुआत हुई। जानिए इन ट्रेनों की खूबियां, रूट और यात्रियों के लिए क्या है खास।
भारतीय रेलवे की नई रफ़्तार! 🇮🇳
प्रधानमंत्री PM Modi ने आज देश की पहली ‘वंदे भारत स्लीपर’ ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब रात का सफर न सिर्फ तेज़ होगा, बल्कि लग्जरी और आराम से भरपूर भी होगा। इसके साथ ही आम जनता के लिए ‘अमृत भारत’ ट्रेनों की भी शुरुआत हुई है।
भारतीय रेलवे के इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेलवे के कायाकल्प की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए देश की पहली ‘वंदे भारत स्लीपर ट्रेन’ (Vande Bharat Sleeper Train) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन भारत की स्वदेशी तकनीक और आधुनिक इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके साथ ही, आम नागरिकों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए ‘अमृत भारत’ ट्रेनों की भी शुरुआत की गई।



वंदे भारत स्लीपर: क्या है इसमें खास?
वंदे भारत चेयर कार की सफलता के बाद, स्लीपर वर्जन का इंतज़ार लंबे समय से किया जा रहा था। यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा (जैसे दिल्ली-मुंबई या दिल्ली-कोलकाता) के लिए डिज़ाइन की गई है।



- लग्जरी और आराम: इसके अंदर का इंटीरियर किसी हवाई जहाज जैसा अहसास देता है। इसमें बेहतर कुशनिंग वाली बर्थ, सेंसर-आधारित लाइटिंग और वर्ल्ड-क्लास टॉयलेट्स हैं।
- रफ़्तार और सुरक्षा: यह ट्रेन 160 किमी/घंटा की रफ़्तार से चलने में सक्षम है। सुरक्षा के लिहाज से इसमें भारत का अपना ‘कवच’ (Kavach) एंटी-कोलिजन सिस्टम लगा है, जो दो ट्रेनों की टक्कर को रोकता है।
- शोर-मुक्त सफर: ट्रेन को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि इसके अंदर बाहर का शोर (Noise level) बहुत कम आता है, जिससे यात्रियों को गहरी नींद मिल सके।


अमृत भारत ट्रेन: आम आदमी की सुपरफास्ट सवारी
पीएम मोदी ने सिर्फ प्रीमियम यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता के लिए भी ‘अमृत भारत’ ट्रेनों की सौगात दी है। यह एक ‘पुश-पुल’ तकनीक वाली ट्रेन है, जिसमें आगे और पीछे दोनों तरफ इंजन होते हैं। इससे ट्रेन को तुरंत रफ्तार पकड़ने और रोकने में मदद मिलती है। इसमें बिना एसी वाले कोच हैं, लेकिन उनकी बनावट और सुविधाएं पुरानी ट्रेनों के मुकाबले कहीं ज्यादा बेहतर हैं।



आत्मनिर्भर भारत की झलक:
ये दोनों ट्रेनें ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि “ये ट्रेनें न केवल शहरों को जोड़ रही हैं, बल्कि देश के आत्मविश्वास को भी जोड़ रही हैं।” वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निर्माण भारत में ही हुआ है, जो यह दर्शाता है कि अब भारत हाई-स्पीड रेल के लिए दुनिया पर निर्भर नहीं है।


यात्रियों के लिए फायदे:
इन ट्रेनों के चलने से न केवल यात्रा का समय 15% से 20% तक कम हो जाएगा, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। अमृत भारत ट्रेनें उन लोगों के लिए वरदान साबित होंगी जो कम बजट में तेज़ और सुरक्षित सफर करना चाहते हैं।
निष्कर्ष: वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत ट्रेनों की शुरुआत भारतीय रेलवे को ‘वर्ल्ड क्लास’ बनाने की दिशा में एक बड़ी छलांग है। प्रधानमंत्री मोदी का यह विज़न देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है, जहाँ सुविधा, सुरक्षा और गति—तीनों का संगम देखने को मिलता है।
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