Uttar Pradesh Sthapna Divas: गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति और ‘उत्तम प्रदेश’ बनने की कहानी
Uttar Pradesh Sthapna Divas उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस (24 जनवरी) क्यों मनाया जाता है? जानें इस राज्य के ‘यूनाइटेड प्रोविंस’ से ‘उत्तर प्रदेश’ बनने का सफर, इसका इतिहास और इस दिन का विशेष महत्व।
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस: इतिहास और महत्व
प्रस्तावना: भारत का हृदय ‘उत्तर प्रदेश’ Uttar Pradesh Sthapna Divas
भारत के उत्तर में स्थित और जनसंख्या के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य, उत्तर प्रदेश केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह भारतीय सभ्यता, अध्यात्म और राजनीति का केंद्र है। हर साल 24 जनवरी को ‘उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस’ (UP Diwas) पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन की शुरुआत कब हुई और 24 जनवरी की तारीख ही क्यों चुनी गई?
24 जनवरी ही क्यों? Why January 24?
जैसा कि इतिहास में बताया गया, 24 जनवरी 1950 वह ऐतिहासिक तारीख थी जब इस राज्य को अपनी नई पहचान ‘उत्तर प्रदेश’ मिली थी। इसीलिए 24 जनवरी को यूपी का जन्मदिन या स्थापना दिवस माना जाता है।
इतिहास: ‘यूनाइटेड प्रोविंस’ से ‘उत्तर प्रदेश’ तक का सफर
ब्रिटिश शासन के दौरान इस राज्य को ‘नॉर्थ-वेस्टर्न प्रोविंस’ कहा जाता था, जिसका नाम 1902 में बदलकर ‘यूनाइटेड प्रोविंस ऑफ आगरा एंड अवध’ कर दिया गया। 1937 में इसे छोटा करके केवल ‘यूनाइटेड प्रोविंस’ (संयुक्त प्रांत) कहा जाने लगा।
आजादी के बाद, देश में राज्यों के नाम और सीमाओं को पुनर्गठित करने की प्रक्रिया शुरू हुई। 24 जनवरी 1950 को भारत के तत्कालीन गवर्नर जनरल ने ‘यूनाइटेड प्रोविंस’ का नाम बदलकर ‘उत्तर प्रदेश’ करने की आधिकारिक घोषणा की। इसी ऐतिहासिक दिन की याद में हम 24 जनवरी को स्थापना दिवस मनाते हैं।
Uttar Pradesh Sthapna Divas क्यों मनाते हैं यह खास दिन?
दिलचस्प बात यह है कि उत्तर प्रदेश का नाम 1950 में ही बदल गया था, लेकिन ‘यूपी दिवस’ मनाने की परंपरा बहुत बाद में शुरू हुई। उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नाईक के सुझाव पर, राज्य सरकार ने 2018 में पहली बार आधिकारिक तौर पर इसे मनाना शुरू किया। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के लोगों में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व की भावना जगाना, निवेश को बढ़ावा देना और राज्य की कला, शिल्प व व्यंजनों को दुनिया के सामने लाना है।
इस दिन का खास महत्व
- सांस्कृतिक पहचान: यह दिन उत्तर प्रदेश की गौरवशाली संस्कृति (कथक, ब्रज की लठमार होली, अवध की तहजीब) को प्रदर्शित करने का अवसर है।
- सरकारी उपलब्धियों का जश्न: इस दिन सरकार ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ODOP) जैसी योजनाओं की प्रदर्शनी लगाती है, जिससे स्थानीय कलाकारों को मंच मिलता है।
- सम्मान समारोह: खेल, कला और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेशवासियों को ‘लक्ष्मण पुरस्कार’ और ‘रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार’ जैसे सम्मान दिए जाते हैं।
उत्तर प्रदेश: अध्यात्म और आधुनिकता का संगम
आज का उत्तर प्रदेश केवल इतिहास तक सीमित नहीं है। एक तरफ जहाँ अयोध्या में प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर, काशी की दिव्यता और मथुरा की भक्ति है, वहीं दूसरी तरफ जेवर एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे का जाल और डिफेंस कॉरिडोर इसे आधुनिक भारत का ग्रोथ इंजन बना रहे हैं।
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