महाशिवरात्रि 2026: क्या पीरियड के दौरान रख सकते हैं व्रत? Fasting During Periods जानें क्या कहता है शास्त्र और विज्ञान
Fasting During Periods महाशिवरात्रि पर मासिक धर्म (Periods) के दौरान व्रत रखने को लेकर अक्सर भ्रम रहता है। जानें क्या आप उपवास कर सकती हैं, पूजा के नियम क्या हैं और स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखें।
महाशिवरात्रि 2026: क्या पीरियड के दौरान व्रत रखना सही है? जानें सच

वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि का पर्व बेहद खास संयोग लेकर आ रहा है। भगवान शिव की भक्ति में सराबोर भक्त इस दिन व्रत और पूजन का संकल्प लेते हैं। लेकिन, कई बार महिलाओं के लिए यह दुविधा का विषय बन जाता है कि यदि महाशिवरात्रि के दौरान उन्हें मासिक धर्म (Periods) आ जाए, तो क्या वे व्रत रख सकती हैं? क्या उनकी भक्ति स्वीकार होगी? आइए, इस विषय के धार्मिक और व्यावहारिक पहलुओं को समझते हैं।
धार्मिक मान्यता और व्रत
हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, व्रत का संबंध ‘संकल्प’ और ‘शुद्धि’ से है। विद्वानों का मत है कि मानसिक व्रत किसी भी अवस्था में किया जा सकता है। यदि आपको पीरियड्स आ गए हैं, तब भी आप मन में भगवान शिव का ध्यान करते हुए उपवास (Fasting) रख सकती हैं। व्रत रखने के लिए शारीरिक शुद्धि से अधिक मन की पवित्रता अनिवार्य है। इसलिए, आप पूरी श्रद्धा के साथ महाशिवरात्रि का व्रत रख सकती हैं, इसमें कोई निषेध नहीं है।

पूजा-पाठ के नियम
भले ही आप व्रत रख सकती हैं, लेकिन पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कुछ नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है:
- मंदिर जाने से बचें: आमतौर पर मासिक धर्म के दौरान मंदिर जाने की मनाही होती है। आप घर पर रहकर ही मानसिक जाप कर सकती हैं।
- मूर्तियों का स्पर्श न करें: शास्त्रों के अनुसार, इस दौरान भगवान की प्रतिमा या शिवलिंग का प्रत्यक्ष स्पर्श नहीं करना चाहिए।
- किसी अन्य से कराएं पूजा: यदि आपने अभिषेक या विशेष पूजा का संकल्प लिया है, तो आप परिवार के किसी अन्य सदस्य से अपने नाम पर पूजा करवा सकती हैं और स्वयं दूर बैठकर मंत्र सुन सकती हैं।
- मानसिक जाप: ‘ॐ नमः शिवाय’ का मानसिक जाप करने के लिए किसी बाहरी शुद्धि की आवश्यकता नहीं होती। भगवान शिव तो स्वयं वैरागी हैं और वे केवल भक्त के भाव देखते हैं।
स्वास्थ्य का दृष्टिकोण (Health Perspective) Fasting During Periods
मासिक धर्म के दौरान शरीर को अधिक ऊर्जा और पोषण की आवश्यकता होती है। यदि आप व्रत रख रही हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- निर्जला व्रत न रखें: पीरियड्स में शरीर से रक्त स्राव होता है, जिससे कमजोरी महसूस हो सकती है। ऐसे में पानी और तरल पदार्थों का सेवन जारी रखें।
- फलाहार लें: केवल फल खाकर व्रत करें ताकि शरीर में ग्लूकोज का स्तर बना रहे।
- अत्यधिक परिश्रम से बचें: इस दौरान शरीर को आराम की जरूरत होती है, इसलिए जागरण या कठिन शारीरिक श्रम वाले कार्यों से बचें।
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