Monday, February 16, 2026
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Korean Culture in India भारत में ‘के-वेव’ का तूफान सिर्फ मनोरंजन नहीं, अब लाइफस्टाइल और जुबान पर भी चढ़ा कोरियाई रंग

Korean Culture in India भारत में ‘के-वेव’ का जादू! जानें कैसे के-ड्रामा और के-पॉप अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं की लाइफस्टाइल, खान-पान और भाषा का हिस्सा बन चुके हैं।

Korean Culture in India किमची से लेकर ‘सारंगहे’ तक… भारत में कोरियन कल्चर का क्रेज सातवें आसमान पर है! 🇰🇷🇮🇳 क्या आप भी के-ड्रामा के दीवाने हैं? जानिए कैसे यह लहर अब एक अरबों का बिजनेस बन चुकी है। लॉकडाउन में शुरू हुआ शौक अब एक बड़ा बिजनेस इकोसिस्टम बन गया है। ब्यूटी प्रोडक्ट्स से लेकर कोरियन नूडल्स तक, भारत के बाजार पर अब ‘के-इफेक्ट’ है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

भारत में ‘के-वेव’ का तूफान: स्क्रीन से निकलकर लाइफस्टाइल तक का सफर

भारत में इन दिनों एक नया रंग देखने को मिल रहा है—कोरियाई रंग। चाहे वह दिल्ली के मोमोज की जगह लेते ‘कोरियन नूडल्स’ हों या युवाओं की बातचीत में शामिल ‘ओप्पा’ और ‘सारंगहे’ जैसे शब्द, दक्षिण कोरियाई संस्कृति (Hallyu) ने भारतीय समाज में गहरी पैठ बना ली है। यह अब केवल मोबाइल स्क्रीन तक सीमित नहीं है, बल्कि एक लाइफस्टाइल बन चुकी है।

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स: जहाँ से शुरू हुई लहर

इस क्रांति की शुरुआत लॉकडाउन के दौरान हुई। जब लोग घरों में कैद थे, तब नेटफ्लिक्स जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने ‘क्रैश लैंडिंग ऑन यू’ (Crash Landing on You) और ‘स्क्विड गेम’ (Squid Game) जैसे शोज के जरिए भारतीय ड्राइंग रूम में दस्तक दी। खूबसूरत लोकेशंस, सधी हुई कहानी और पारिवारिक मूल्यों ने भारतीय दर्शकों का दिल जीत लिया। देखते ही देखते, के-ड्रामा (K-Drama) भारतीय युवाओं की पहली पसंद बन गए।

सिर्फ मनोरंजन नहीं, अब लाइफस्टाइल पर कब्जा

कोरियाई संस्कृति का असर अब मनोरंजन से आगे बढ़कर तीन मुख्य क्षेत्रों में दिख रहा है:

  1. खान-पान (K-Food): भारत के बड़े शहरों में कोरियन रेस्टोरेंट्स की बाढ़ आ गई है। किमची, बिबिंबाप और राम्योन (Ramyeon) अब भारतीय युवाओं के ‘कंफर्ट फूड’ बन गए हैं। मैगी की जगह अब कई घरों में कोरियन स्पाइसी नूडल्स ने ले ली है।
  2. ब्यूटी और स्किनकेयर (K-Beauty): ‘ग्लास स्किन’ की चाहत ने भारतीय कॉस्मेटिक बाजार को बदल दिया है। राइस वॉटर, शीट मास्क और स्नेल म्यूसिन जैसे कोरियाई ब्यूटी प्रोडक्ट्स की डिमांड इतनी बढ़ गई है कि अब भारतीय कंपनियां भी कोरियाई फॉर्मूला अपनाने लगी हैं।
  3. फैशन: ओवरसाइज्ड टी-शर्ट्स, पेस्टल कलर्स और मिनिमलिस्टिक एक्सेसरीज—कोरियाई फैशन सेंस अब भारतीय कॉलेज गोइंग स्टूडेंट्स की पहली पसंद है।

सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी और अरबों का बिजनेस

यह लोकप्रियता केवल शौक तक सीमित नहीं है। भारत में दक्षिण कोरिया एक ‘सॉफ्ट पावर’ के रूप में उभरा है। के-वेव ने भारत में अरबों डॉलर का बिजनेस इकोसिस्टम खड़ा कर दिया है। सैमसंग और हुंडई जैसे ब्रांड्स तो पहले से ही थे, लेकिन अब एंटरटेनमेंट, फूड और कॉस्मेटिक इंडस्ट्री में कोरियाई निवेश तेजी से बढ़ा है।

कोरियाई भाषा सीखने का क्रेज भी इसी का हिस्सा है। कई भाषा केंद्रों और स्कूलों में अब कोरियन भाषा (Hangul) सीखने वाले छात्रों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है।

भारतीय युवाओं को क्यों पसंद आ रहा है कोरिया?

विशेषज्ञों का मानना है कि कोरियाई संस्कृति और भारतीय संस्कृति में कई समानताएं हैं। बड़ों का सम्मान करना, पारिवारिक मूल्य और खान-पान के प्रति लगाव—ये ऐसी चीजें हैं जो भारतीय युवाओं को कोरियाई शोज से जोड़ती हैं। साथ ही, के-पॉप (K-Pop) म्यूजिक बैंड्स जैसे BTS और Blackpink ने संगीत के जरिए एक वैश्विक समुदाय (Fandom) बनाया है, जिससे भारतीय युवा खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।



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