Women In Business छोटे शहर की बड़ी उड़ान कोल्हापुर से ग्लोबल CEO बनने तक का सफर
Women In Business जानिए कोल्हापुर की उस लड़की की अविश्वसनीय कहानी, जिसने अभावों में पलकर भी हार नहीं मानी और आज एक वैश्विक लग्जरी ब्रांड की CEO बनकर दुनिया में भारत का मान बढ़ा रही है।
सपनों की कोई सीमा नहीं होती! ✨ कोल्हापुर की साधारण सी लड़की से लेकर एक ग्लोबल लग्जरी ब्रांड की CEO बनने तक का सफर। यह कहानी है कड़ी मेहनत, अटूट विश्वास और कभी न हार मानने वाले जज्बे की। पढ़िए प्रेरणा से भरी यह ‘Success Story’
संघर्ष से शिखर तक का सफर Women In Business

कोल्हापुर की गलियां और नंगे पैर का संघर्ष
महाराष्ट्र का कोल्हापुर शहर अपनी चप्पलों और कुश्ती के लिए मशहूर है, लेकिन इसी मिट्टी से एक ऐसी कहानी जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह कहानी एक ऐसी लड़की की है जिसके पास कभी स्कूल जाने के लिए जूते तक नहीं थे। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि बुनियादी सुविधाएं भी किसी लग्जरी से कम नहीं थीं। लेकिन, उस छोटी सी बच्ची की आंखों में जो सपने थे, वे कोल्हापुर की सीमाओं से कहीं बड़े थे।


शिक्षा: सफलता की पहली सीढ़ी
बचपन के अभावों ने उसे कमजोर करने के बजाय और भी मजबूत बना दिया। उसने समझ लिया था कि गरीबी के चक्रव्यूह को तोड़ने का एकमात्र रास्ता ‘शिक्षा’ है। स्थानीय स्कूल में अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद, उसने अपनी मेहनत के दम पर उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप हासिल की। यह सफर आसान नहीं था; भाषा की बाधा, शहर का नया माहौल और आर्थिक तंगी हर कदम पर परीक्षा ले रही थी। लेकिन उसने हार नहीं मानी और अपनी मैनेजमेंट की पढ़ाई में उत्कृष्टता हासिल की।
ग्लोबल लग्जरी ब्रांड तक का रास्ता
पढ़ाई पूरी करने के बाद, उसने कॉर्पोरेट जगत में कदम रखा। शुरुआत छोटी थी, लेकिन उसकी सोच और काम करने का तरीका हमेशा ‘ग्लोबल’ रहा। उसने कई मल्टीनेशनल कंपनियों में काम किया, जहाँ उसकी रणनीतिक सोच और ब्रांड बिल्डिंग की क्षमता ने बड़े-बड़े दिग्गजों को प्रभावित किया।
धीरे-धीरे उसकी पहचान एक ऐसी लीडर के रूप में होने लगी जो न केवल समस्याओं का समाधान करती थी, बल्कि ब्रांड्स को एक नई पहचान दिलाने का हुनर भी रखती थी। इसी काबिलियत ने उसे दुनिया के एक मशहूर ‘ग्लोबल लग्जरी ब्रांड’ के दरवाजे तक पहुँचाया।

CEO का पद और दुनिया में पहचान
आज वह उस मुकाम पर है जहाँ पहुँचना लाखों का सपना होता है। एक वैश्विक लग्जरी ब्रांड की CEO के रूप में, वह न केवल कंपनी का नेतृत्व कर रही है, बल्कि दुनिया भर के फैशन और लग्जरी बाजार में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही है। वह बोर्ड मीटिंग्स में उन रणनीतियों पर चर्चा करती है जो दुनिया भर के ट्रेंड्स को प्रभावित करती हैं।
उसकी सफलता यह दर्शाती है कि ‘लग्जरी’ केवल महंगे सामानों का नाम नहीं है, बल्कि उस ‘दृष्टिकोण’ का नाम है जो एक इंसान को शून्य से शिखर तक ले जाता है।
युवाओं के लिए संदेश
उनकी कहानी हमें तीन बड़ी बातें सिखाती है:
- जड़ें मत भूलिए: आप कहाँ से आए हैं, यह आपके भविष्य को तय नहीं करता।
- निरंतर सीखना: सफलता के लिए खुद को समय के साथ अपडेट रखना और नई चीजें सीखना अनिवार्य है।
- धैर्य: बड़ी सफलता रातों-रात नहीं मिलती; इसके लिए सालों का संघर्ष और धैर्य चाहिए होता है।
आज जब वह दुनिया के बड़े मंचों पर भाषण देती है, तो उसके शब्दों में वही कोल्हापुरी सादगी और आत्मविश्वास झलकता है। वह उन सभी लड़कियों के लिए एक मिसाल है जो छोटे शहरों में रहकर बड़े सपने देखती हैं।
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K-Pop ट्रेनी से इंटरनेशनल सॉन्गराइटर बनी EJAE की प्रेरक कहानी
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