80 के दशक का जादू (Best Hindi Songs of 80s): वो 10 सदाबहार गाने जो आज भी धड़कते हैं हर दिल में
Best Hindi Songs of 80s का दशक हिंदी सिनेमा और संगीत का वह 'स्वर्ण युग' था जहाँ डिस्को की थनक भी थी और गज़लों की नज़ाकत भी। आर.डी. बर्मन के प्रयोगों से लेकर बप्पी लहरी के डिस्को बीट्स तक, इस दौर ने हमें वह संगीत दिया जो आज भी हमारी प्लेलिस्ट का हिस्सा है। रेट्रो मैजिक किशोर दा से लेकर आशा भोसले तक, 80s के इन गानों के बिना अधूरी है आपकी शाम।
Best Hindi Songs of 80s के दशक के हिंदी संगीत के बेहतरीन सफर पर चलें। जानिए उन 10 सुपरहिट गानों के बारे में जिन्होंने भारतीय सिनेमा को एक नई पहचान दी। आर.डी. बर्मन, किशोर कुमार और लता मंगेशकर के जादुई दौर।

80 के दशक का संगीतमय सफर: एक ऐसा दौर जिसे भुलाया नहीं जा सकता
भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में 1980 का दशक एक क्रांतिकारी बदलाव का समय था। यह वह दौर था जब एक तरफ शंकर-जयकिशन और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की मेलोडी का जादू बरकरार था, तो दूसरी तरफ आर.डी. बर्मन और बप्पी लहरी पश्चिमी संगीत के साथ नए प्रयोग कर रहे थे। ‘मेलोडी’ से ‘डिस्को’ की ओर बढ़ते इस दौर ने हमें कुछ ऐसे नगीने दिए जो पीढ़ी दर पीढ़ी अपनी चमक बिखेर रहे हैं।

80 के दशक के वो 10 गाने जिन्होंने रचा इतिहास
यहाँ उन 10 गानों की सूची है जिन्हें चुनना वैसे तो मुश्किल था, लेकिन लोकप्रियता और प्रभाव के आधार पर इन्हें ‘बेस्ट’ कहा जा सकता है: Best Hindi Songs of 80s
1. तुम साथ हो जब अपने (लावारिस – 1981)
अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘लावारिस’ का यह गाना आज भी दोस्ती और प्यार की मिसाल माना जाता है। किशोर कुमार की मखमली आवाज़ और कल्याणजी-आनंदजी के संगीत ने इसे एक ऐसी ऊँचाई दी कि यह आज भी हर पार्टी और महफिल की जान है।
2. दिल चीज क्या है (उमराव जान – 1981)
अगर 80 के दशक में नज़ाकत और शास्त्रीय संगीत के मेल की बात हो, तो ‘उमराव जान’ का नाम सबसे ऊपर आता है। खय्याम के संगीत और आशा भोसले की गायकी ने इस गज़ल को अमर कर दिया। रेखा के अभिनय ने इसे स्क्रीन पर जीवंत बना दिया।
3. आई एम ए डिस्को डांसर (डिस्को डांसर – 1982)
80 के दशक में ‘डिस्को’ शब्द भारत के घर-घर में पहुँचाने का श्रेय बप्पी लहरी और मिथुन चक्रवर्ती को जाता है। विजय बेनेडिक्ट की आवाज़ में यह गाना आज भी क्लबों और शादियों में थिरकने पर मजबूर कर देता है।
4. नीले नीले अंबर पर (कलाकार – 1983)
किशोर कुमार के सबसे बेहतरीन गानों में से एक। इस गाने की धुन और इसके फिल्मांकन ने इसे प्रेमियों का एंथम बना दिया। कल्याणजी-आनंदजी का संगीत और किशोर दा की गहराई आज भी कानों में मिश्री घोलती है।
5. प्यार करने वाले कभी डरते नहीं (हीरो – 1983)
सुभाष घई की फिल्म ‘हीरो’ ने जैकी श्रॉफ को रातों-रात स्टार बना दिया। लता मंगेशकर और मनहर उधास की आवाज़ में यह गाना विद्रोह और प्रेम का प्रतीक बन गया। लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने इसमें बांसुरी का जो प्रयोग किया, वह अतुलनीय है।
6. तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो (अर्थ – 1982)
गज़ल सम्राट जगजीत सिंह ने 80 के दशक में फिल्मी संगीत को एक नया आयाम दिया। फिल्म ‘अर्थ’ का यह गीत आज भी लोगों को उनकी गलतियों और भावनाओं पर सोचने पर मजबूर कर देता है।
7. सागर किनारे (सागर – 1985)
आर.डी. बर्मन और किशोर कुमार की जोड़ी ने जब भी कुछ बनाया, वह इतिहास बन गया। ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया पर फिल्माया गया यह गाना समंदर की लहरों जैसा ही सुकून देता है। किशोर दा और लता जी की जुगलबंदी इसे संपूर्ण बनाती है।
8. चिठ्ठी आई है (नाम – 1986) Best Hindi Songs of 80s
पंकज उधास की यह गज़ल केवल एक गाना नहीं, बल्कि उन लाखों भारतीयों का दर्द है जो विदेश में रहकर अपने देश और घर को याद करते हैं। इस गाने ने उस समय हर किसी की आँखें नम कर दी थीं।
9. पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा (कयामत से कयामत तक – 1988)
80 के दशक के अंत में आमिर खान की एंट्री ने बॉलीवुड में ‘चॉकलेट बॉय’ इमेज की शुरुआत की। उदित नारायण की आवाज़ में यह गाना हर उस युवा की आवाज़ बना जो अपने सपनों को पूरा करना चाहता था।
10. हवा हवाई (मिस्टर इंडिया – 1987)
श्रीदेवी की चुलबुलाहट और कविता कृष्णमूर्ति की ऊर्जावान आवाज़। लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का यह ट्रैक 80 के दशक के सबसे मजेदार और चार्टबस्टर गानों में से एक है।
क्यों खास था 80 का दशक? Best Hindi Songs of 80s
80 के दशक का संगीत बहुआयामी था। इस दशक की शुरुआत गज़लों और मेलोडी से हुई थी, लेकिन मध्य तक आते-आते इसमें पश्चिमी प्रभाव और सिंथेसाइज़र (Synthesizer) का बोलबाला हो गया। बप्पी लहरी ने गोल्ड चेन और डिस्को बीट्स के साथ एक नया कल्चर पेश किया।
साथ ही, यह वह दौर था जब ‘साहित्य’ को संगीत में बहुत महत्व दिया जाता था। गीतकार जैसे आनंद बख्शी, गुलज़ार और जावेद अख्तर ने ऐसे बोल लिखे जो केवल तुकबंदी नहीं थे, बल्कि गहरी कहानियाँ कहते थे।
तकनीकी बदलाव और वीडियो का दौर
80 के दशक में ही कलर टीवी का विस्तार हुआ, जिससे गानों के फिल्मांकन (Cinematography) पर अधिक ध्यान दिया जाने लगा। विदेशों में गानों की शूटिंग का चलन बढ़ा और डांस मूव्स को अधिक कोरियोग्राफ किया जाने लगा।
आज भले ही हम ‘रीमिक्स’ के दौर में जी रहे हैं, लेकिन जब भी सुकून की तलाश होती है या पार्टी में जोश भरना होता है, हम मुड़कर 80 के दशक के इन सदाबहार गानों की ओर ही देखते हैं। ये गाने केवल धुनों का समूह नहीं हैं, बल्कि ये एक पूरे युग की यादें और भावनाएँ समेटे हुए हैं।
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