Twisha Sharma Case: यातना, दहेज उत्पीड़न और मानसिक बीमारी का आरोप; पूर्व मिस पुणे की मौत का घिनौना खेल या कोई गहरा राज?
भोपाल में पूर्व मिस पुणे ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत ने देश को झकझोर दिया है। ससुराल पक्ष ने लगाया मानसिक बीमारी और ड्रग्स का आरोप, तो सेना में मेजर भाई और पिता ने लगाए हत्या और दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप। जानिए इस हाई-प्रोफाइल मौत का पूरा सच।
Twisha Sharma Case: यातना, दहेज उत्पीड़न और आरोपों का घिनौना खेल; सच क्या है?
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का पॉश इलाका कटारा हिल्स इस समय एक हाई-प्रोफाइल और बेहद संवेदनशील मौत के मामले को लेकर सुर्खियों में है। 12 मई 2026 की रात को 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा (पूर्व मिस पुणे, मॉडल और कंटेंट क्रिएटर) अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी पाई गईं। शादी के महज 5 महीने के भीतर हुई इस मौत ने एक तरफ जहां दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के खौफनाक चेहरे को सामने लाया है, वहीं दूसरी तरफ कोर्ट-कचहरी और रसूख की जंग ने इसे ‘चरित्र हनन’ और ‘आरोपों के घिनौने खेल’ में तब्दील कर दिया है।

एक तरफ जहां देश की रक्षा में तैनात ट्विशा के मेजर भाई और परिवार इंसाफ के लिए मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे हैं, वहीं दूसरी तरफ रिटायर्ड जज सास और वकील पति कानूनी दांव-पेच के बीच ट्विशा को ही मानसिक रोगी और ड्रग एडिक्ट साबित करने में जुटे हैं। आखिर इस दर्दनाक मौत का असली सच क्या है?
Twisha Sharma Case एक हंसमुख मॉडल, पूर्व मिस पुणे और खुशमिजाज बेटी… शादी के महज 5 महीने बाद भोपाल के एक बंद कमरे में फंदे से लटकी मिली। सेना में तैनात मेजर भाई का आरोप- 'मेरी बहन की हत्या हुई है', तो रिटायर्ड जज सास का दावा- 'वह ड्रग एडिक्ट थी'। आखिर क्या है ट्विशा शर्मा की मौत का खौफनाक सच?
कौन थीं ट्विशा शर्मा? (Who was Twisha Sharma)
Twisha Sharma Case मूल रूप से नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा बेहद होनहार, हंसमुख और महत्वाकांक्षी लड़की थीं। उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई थी, फिल्मों में काम किया था और वह ‘मिस पुणे’ का खिताब भी जीत चुकी थीं। साल 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए उनकी मुलाकात भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई। प्यार परवान चढ़ा और दिसंबर 2025 में दोनों ने धूमधाम से शादी कर ली। शादी के बाद ट्विशा अपनी नौकरी छोड़कर भोपाल शिफ्ट हो गईं। लेकिन किसे पता था कि नोएडा की इस ‘ब्राइट और जॉयफुल’ लड़की के सुनहरे सपनों का अंत महज 5 महीने में भोपाल के एक बंद कमरे में हो जाएगा।


मेजर भाई ने किए चौंकाने वाले खुलासे: “वह फंदे पर लटकी नहीं, मारी गई है”
ट्विशा शर्मा के भाई मेजर हर्षित शर्मा, जो भारतीय सेना में देश की सेवा कर रहे हैं, अपनी बहन को खोने के गम और गुस्से से टूटे हुए हैं। मेजर हर्षित और उनके पिता नवनिधि शर्मा ने पुलिस और व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मेजर भाई ने मीडिया के सामने आकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं: Twisha Sharma Case
- मौत से ठीक पहले का फोन: मेजर हर्षित के मुताबिक, मौत से कुछ समय पहले ही ट्विशा ने उनसे और अपनी मां से बात की थी। वह बेहद डरी हुई थी और उस पर ससुराल वालों का भारी दबाव था।
- शरीर पर चोट के निशान: परिवार का दावा है कि ट्विशा के हाथों और कानों पर चोट के गहरे निशान थे। यह आत्महत्या का मामला नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या और सबूतों को मिटाने की साजिश है।
- ससुराल का वीआईपी रसूख: ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह एक रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज (प्रिंसिपल जज) हैं और ससुर भी न्यायिक सेवा से जुड़े रहे हैं। पति समर्थ सिंह खुद भोपाल का नामी वकील है। मेजर हर्षित का आरोप है कि इसी रसूख के कारण भोपाल में निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। जांच अधिकारी ने शुरुआती पोस्टमॉर्टम के समय डॉक्टरों के सामने वह बेल्ट (जिससे लटकने की बात कही गई) पेश ही नहीं की, जिससे वैज्ञानिक रूप से निशानों का मिलान हो सके।
“मेरी बहन उस घर में घुट रही थी। उसने मां से रोते हुए कहा था कि वह इस नरक से निकलना चाहती है। उसने नोएडा वापस आने के लिए ट्रेन का टिकट भी बुक कर लिया था, लेकिन उसके लौटने से पहले ही उसे मौत की नींद सुला दिया गया।” – मेजर हर्षित शर्मा (ट्विशा के भाई)

वाट्सएप चैट से खुला प्रताड़ना का राज
ट्विशा और उनकी मां रेखा शर्मा के बीच हुई वाट्सएप चैट ने इस मामले में चल रहे उत्पीड़न की गवाही दी है। चैट से साफ होता है कि शादी के तुरंत बाद ही ट्विशा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा था। उसे फिर से नौकरी करने के लिए मजबूर किया जा रहा था और बात-बात पर ताने दिए जा रहे थे। ट्विशा दो महीने की गर्भवती थीं, और परिवार का आरोप है कि अनियोजित प्रेग्नेंसी को लेकर भी उस पर मानसिक दबाव बनाया गया और जबरन गर्भपात (Forced Abortion) कराने की कोशिश की गई।
सास का पलटवार: मानसिक बीमारी और ड्रग्स का घिनौना आरोप?
इस हाई-प्रोफाइल मामले में तब एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ आया, जब आरोपी सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका दायर की। जमानत अर्जी में मृतका ट्विशा शर्मा के चरित्र पर गंभीर कीचड़ उछाला गया।
ससुराल पक्ष ने कोर्ट में जो दावे किए, वे इस प्रकार हैं: Twisha Sharma Case
- मानसिक बीमारी (Schizophrenia): सास का दावा है कि ट्विशा स्वभाव से बेहद उग्र, भावुक रूप से अस्थिर और सिज़ोफ्रेनिया (Schizophrenia) जैसी गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित थी। उसका साइकियाट्रिक इलाज चल रहा था।
- ड्रग एडिक्शन का आरोप: जमानत याचिका में आरोप लगाया गया कि ट्विशा भारी मात्रा में मारिजुआना (गांजा) और प्रतिबंधित नशीले पदार्थों का सेवन करती थी। उनकी मौत कैनबिस ओवरडोज और मानसिक अवसाद के कारण हुई।
- गर्भपात की गोली का दावा: सास ने यह भी आरोप लगाया कि ट्विशा ने खुद भारी मात्रा में ड्रग्स और गर्भपात की दवाइयां ली थीं, जिससे उसकी स्थिति बिगड़ गई।
परिवार ने कहा- ‘यह चरित्र हनन का घिनौना खेल है’
Twisha Sharma Case ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आरोपी पक्ष कानून के रखवाले रह चुके हैं, इसलिए वे अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर मरे हुए इंसान का चरित्र हनन (Character Assassination) कर रहे हैं ताकि दहेज हत्या और क्रूरता के आरोपों से ध्यान भटकाया जा सके।

मामले में कानूनी पेच और वर्तमान स्थिति (Case Progress & Status)
यह मामला अब मध्य प्रदेश की राजनीति और न्याय व्यवस्था के लिए एक अग्निपरीक्षा बन चुका है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है।
| पक्ष / पहलू | वर्तमान स्थिति (Current Update) |
| पति समर्थ सिंह (आरोपी) | फरार है। कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। पुलिस ने उस पर ₹10,000 का इनाम घोषित किया है, लुकआउट नोटिस जारी किया है और पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है। |
| सास गिरिबाला सिंह (आरोपी) | कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है, जिसका ट्विशा का परिवार कड़ा विरोध कर रहा है। |
| ट्विशा का परिवार | भोपाल AIIMS की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को खारिज करते हुए दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग पर अड़ा है। पिता ने न्याय न मिलने पर सीएम हाउस के सामने आत्मदाह की चेतावनी दी है। |
सच क्या है? एक गंभीर सवाल
Twisha Sharma Case ट्विशा शर्मा की मौत सिर्फ एक लड़की की मौत नहीं है, बल्कि यह देश के उस सिस्टम पर सवाल है जहां रसूखदार लोग कानून की कमियों का फायदा उठाने की ताकत रखते हैं।
- अगर ट्विशा मानसिक रूप से बीमार और ड्रग एडिक्ट थीं, तो शादी से पहले और शादी के शुरुआती महीनों में उनके सोशल मीडिया और पब्लिक लाइफ में इसका कोई संकेत क्यों नहीं मिला?
- अगर वह खुदकुशी करना चाहती थीं, तो उन्होंने खुद अपने मायके लौटने का टिकट क्यों बुक कराया था?
- और सबसे बड़ा सवाल—अगर पति निर्दोष है, तो वह पुलिस के सामने आने के बजाय ₹10,000 का इनामी भगोड़ा बनकर क्यों भाग रहा है?
देश की न्याय व्यवस्था और भोपाल पुलिस की SIT को अब यह साबित करना होगा कि कानून की नजर में एक रिटायर्ड जज का परिवार और देश की सीमा पर तैनात एक मेजर का परिवार, दोनों बराबर हैं। ट्विशा को इंसाफ मिलना ही चाहिए, ताकि ‘दहेज’ और ‘रसूख’ की वेदी पर किसी और बेटी की बलि न चढ़े।
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