Ahmedabad Dog Crematorium अहमदाबाद की अनूठी पहल पालतू कुत्तों के लिए देश का पहला शहरी CNG शवदाह गृह शुरू
Ahmedabad Dog Crematorium अहमदाबाद की अनूठी पहल पालतू कुत्तों के लिए देश का पहला शहरी CNG शवदाह गृह शुरूअहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने बहेरमपूरा में पालतू कुत्तों के लिए गुजरात का पहला और देश का पहला शहरी सीएनजी शवदाह गृह शुरू किया है। जानें इसकी तकनीक, क्षमता और पशु प्रेमियों के लिए इसके महत्व के बारे में।

Ahmedabad Dog Crematorium वफादार साथियों को अब मिलेगी सम्मानजनक विदाई
अहमदाबाद, जो अपनी आधुनिक सुविधाओं और नवाचारों के लिए जाना जाता है, ने पशु कल्याण की दिशा में एक और कदम उठाया है। अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) ने पालतू कुत्तों के अंतिम संस्कार के लिए गुजरात का पहला और देश का अपनी तरह का पहला शहरी सीएनजी शवदाह गृह (CNG Crematorium) चालू किया है।


हमारे वफादार साथी अब सम्मानजनक विदाई के हकदार हैं। अहमदाबाद में देश का पहला शहरी सीएनजी डॉग शवदाह गृह शुरू



1. बहेरमपूरा में आधुनिक सुविधा
यह अत्याधुनिक सुविधा शहर के बહેરામપુરા क्षेत्र में स्थित AMC के सीएनસીડી एबीसी (CNCD ABC) सेंटर में स्थापित की गई है। लगभग 30 लाख रुपये की लागत से तैयार यह सीएनजी आधारित शवदाह गृह उन नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है, जिन्हें अपने पालतू कुत्ते की मृत्यु के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए जगह की तलाश में भटकना पड़ता था।
2. तकनीक और क्षमता
यह केवल एक मशीन नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन नमूना है:
- बहु-क्षमता: यह गैस-फायर्ड डोमेस्टिक डॉग क्रिमेटर एक साथ तीन कुत्तों के अंतिम संस्कार करने की क्षमता रखता है।
- प्रदूषण मुक्त: इसमें प्राइमरी और सेकेंडरी चैंबर की व्यवस्था की गई है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि दहन की प्रक्रिया के दौरान चिमनी से किसी भी प्रकार की दुर्गंध (Smell) बाहर नहीं आती, जिससे आसपास के वातावरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
- उच्च तापमान: मशीन में अधिकतम 850 डिग्री सेल्सियस तक काम करने की क्षमता है। सामान्यतः दहन की प्रक्रिया 800°C से 900°C के बीच संपन्न होती है, जिससे पूरी प्रक्रिया स्वच्छ और त्वरित होती है।
3. पशु प्रेमियों के लिए एक भावनात्मक संबल
जो लोग पालतू जानवर रखते हैं, वे जानते हैं कि एक कुत्ता केवल जानवर नहीं बल्कि परिवार का सदस्य होता है। अब तक शहरों में जमीन की कमी के कारण पालतू जानवरों का अंतिम संस्कार एक बड़ी चुनौती थी। कई बार लोगों को मजबूरी में उन्हें खुले में छोड़ना पड़ता था या लावारिस फेंकना पड़ता था, जो काफी दुखद था। AMC की इस पहल से अब शहरवासी अपने वफादार साथियों को एक सम्मानजनक और पवित्र विदाई दे सकेंगे।
4. पर्यावरण की सुरक्षा
पारंपरिक लकड़ी आधारित अंतिम संस्कार के मुकाबले सीएनजी का उपयोग पर्यावरण के अनुकूल है। इससे पेड़ों की कटाई कम होती है और कार्बन उत्सर्जन भी न्यूनतम रहता है। यह ‘स्वच्छ भारत’ और ‘प्रदूषण मुक्त शहर’ के विजन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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