काला धागा पहनने के पीछे का रहस्य (Benefits of Black Thread) क्यों बच्चों के लिए इसे माना जाता है सुरक्षा कवच? जानें सही नियम!
Benefits of Black Thread जानें शरीर पर काला धागा बांधने का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व। बच्चों को काला धागा क्यों पहनाया जाता है और शरीर के किन अंगों पर इसे पहनना सबसे शुभ होता है? पढ़ें पूरी जानकारी।

Benefits of Black Thread पहनने का महत्व और इसके पीछे की मान्यताएं
भारतीय संस्कृति में जन्म से लेकर मृत्यु तक कई तरह की परंपराएं निभाई जाती हैं। इनमें से एक सबसे आम परंपरा है ‘काला धागा बांधना’। आपने अक्सर देखा होगा कि छोटे बच्चों के गले, हाथ या पैर में काला धागा जरूर होता है। बड़े लोग भी अपनी कलाई या टखने (Ankle) पर इसे पहनते हैं। आखिर इसके पीछे की वजह क्या है?
बच्चों को काला धागा क्यों पहनाते हैं?
बच्चों को काला धागा पहनाने के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण माने जाते हैं:
- नजर दोष (Evil Eye): बच्चों की मासूमियत किसी को भी आकर्षित कर सकती है। मान्यताओं के अनुसार, लोगों की प्रशंसा या ईर्ष्या भरी नजर से बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है (जिसे ‘नजर लगना’ कहते हैं)। काला रंग ऊष्मा और नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है, जिससे बुरी नजर का प्रभाव बच्चे तक नहीं पहुँच पाता।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता: आयुर्वेद और प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, शरीर के कुछ विशेष बिंदुओं (Pressure Points) पर धागा बांधने से ऊर्जा का प्रवाह सही रहता है, जिससे बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ती है।
- भय से मुक्ति: ऐसा माना जाता है कि काला धागा बच्चों को डरावने सपनों और रात में अचानक चौंक कर उठने से बचाता है।
- नकारात्मकता दूर करना: ज्योतिष के अनुसार, काला रंग शनि देव का प्रतीक है। बच्चों को काला धागा पहनाने से आसपास की नकारात्मक शक्तियां उनसे दूर रहती हैं।
- स्वास्थ्य लाभ: कुछ मान्यताओं के अनुसार, हाथ या पैर में काला धागा बांधने से बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बेहतर होती है और वह बार-बार बीमार नहीं पड़ता।
काला धागा पहनने का ज्योतिषीय मतलब
ज्योतिष शास्त्र में काला रंग शनि देव का प्रतीक माना गया है।
- शनि दोष से मुक्ति: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, काला धागा पहनने से कुंडली में शनि ग्रह मजबूत होता है और ‘शनि की साढ़ेसाती’ या ‘ढैया’ का प्रभाव कम होता है।
- सकारात्मक ऊर्जा: काला धागा बुरी ऊर्जा को खत्म कर शरीर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बनाए रखने में मदद करता है।
- सुरक्षा कवच: इसे एक रक्षा कवच माना जाता है जो व्यक्ति को दुर्घटनाओं और शत्रुओं से बचाता है।

शरीर के किन अंगों पर पहना जाता है काला धागा?
काला धागा शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर अलग-अलग लाभ के लिए बांधा जाता है:
- पैर का टखना (Ankle): महिलाएं अक्सर बाएं पैर में और पुरुष दाएं पैर में काला धागा बांधते हैं। यह बुरी नजर से बचाने के साथ-साथ पैरों के दर्द और साइटिका जैसी समस्याओं में भी राहत देता है।
- कलाई (Wrist): कलाई पर धागा बांधना आत्मविश्वास बढ़ाता है और कार्यों में आने वाली रुकावटों को दूर करता है।
- कमर (Waist): छोटे बच्चों को कमर में काला धागा (जिसे ‘कंधनी’ भी कहते हैं) पहनाया जाता है। माना जाता है कि इससे बच्चे का पेट नहीं बढ़ता और पाचन तंत्र (Digestion) दुरुस्त रहता है।
- गला (Neck): गले में काला धागा पहनने से एकाग्रता बढ़ती है और फेफड़ों व श्वसन तंत्र को सुरक्षा मिलती है।
- बाजू (Arm): इसे अक्सर रक्षा सूत्र के रूप में बाजू पर बांधा जाता है ताकि शारीरिक बल बना रहे।

Benefits of Black Thread पहनते समय बरतें ये सावधानियां
- अभिमंत्रित करें: धागा पहनने से पहले उसे हनुमान जी के चरणों का सिंदूर लगाकर या भैरव बाबा के मंदिर में पूजा करवाकर पहनना चाहिए।
- ब्रह्म मुहूर्त: इसे पहनने का सबसे शुभ समय शनिवार या मंगलवार का ब्रह्म मुहूर्त या दोपहर का समय होता है।
- अन्य धागों से दूरी: जिस अंग पर काला धागा बांधा हो, वहां लाल या पीला धागा न बांधें, क्योंकि इससे ग्रहों का टकराव हो सकता है।
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