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ट्रंप की ‘मिडनाइट डिप्लोमेसी’: (Donald Trump Geopolitics) जनरल मुनीर और उस दूसरे रहस्यमयी फोन कॉल ने कैसे बदली ईरान-इजरायल युद्ध की दिशा?

ट्रंप की ‘मिडनाइट डिप्लोमेसी’: (Donald Trump Geopolitics) जनरल मुनीर और उस दूसरे रहस्यमयी फोन कॉल ने कैसे बदली ईरान-इजरायल युद्ध की दिशा?

Donald Trump Geopolitics डोनाल्ड ट्रंप ने आधी रात को दो बड़े फोन कॉल्स किए। एक पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर को और दूसरा एक ऐसे नेता को जिसने ईरान से सीजफायर की नींव रखी। जानिए इस इनसाइड स्टोरी के हर राज। आधी रात का वक्त, दो फोन कॉल्स और दुनिया की राजनीति में बड़ा धमाका!

ट्रंप की मिडनाइट कॉल्स और ईरान सीजफायर का सच

दुनिया अभी सोई ही थी कि वाशिंगटन के गलियारों से दो फोन कॉल्स ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के पारा को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा वैश्विक राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरे डोनाल्ड ट्रंप ने आधी रात को दो बेहद महत्वपूर्ण कॉल किए। इनमें से एक कॉल पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को था, लेकिन चर्चा उस दूसरे फोन कॉल की है, जिसने ईरान और इजरायल के बीच संभावित महायुद्ध को सीजफायर की मेज पर ला खड़ा किया।

पहला कॉल: जनरल आसिम मुनीर और पाकिस्तान का रोल Donald Trump Geopolitics

डोनाल्ड ट्रंप जानते हैं कि अफगानिस्तान और ईरान की सीमा से सटे पाकिस्तान की भूमिका मध्य पूर्व (Middle East) की शांति में कितनी अहम है। जनरल आसिम मुनीर को किए गए फोन कॉल का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान के जरिए ईरान पर दबाव बनाना और मध्यस्थता के रास्ते खोलना था। सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप ने पाकिस्तान को आगाह किया कि यदि ईरान अपनी आक्रामक नीतियों से पीछे नहीं हटता, तो आने वाले समय में आर्थिक और सैन्य परिणाम गंभीर होंगे। पाकिस्तान, जिसके ईरान के साथ गहरे सुरक्षा संबंध हैं, को एक ‘ब्रिज’ (पुल) के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की गई।

वह दूसरा रहस्यमयी कॉल: कौन था लाइन पर?

ट्रंप ने दूसरा फोन कॉल किसे किया? रक्षा विशेषज्ञों और इनसाइड सोर्सेज का दावा है कि यह कॉल सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) को था। ट्रंप और MBS के संबंध जगजाहिर हैं। ट्रंप जानते हैं कि बिना सऊदी अरब के समर्थन के ईरान को शांत करना नामुमकिन है।

Donald Trump Geopolitics इस कॉल में चर्चा केवल तेल की कीमतों पर नहीं थी, बल्कि ईरान को यह संदेश पहुँचाने पर थी कि यदि वह सीजफायर के लिए तैयार होता है, तो उसे कुछ क्षेत्रीय रियायतें दी जा सकती हैं। यह कॉल ‘कैरट एंड स्टिक’ (लालच और डर) की नीति का हिस्सा था।

ईरान से सीजफायर: पर्दे के पीछे की कहानी

ईरान, जो महीनों से इजरायल के साथ सीधे युद्ध की कगार पर खड़ा है, अचानक सीजफायर की भाषा क्यों बोलने लगा? इसकी तीन मुख्य वजहें सामने आ रही हैं:

  1. आर्थिक शिकंजा: ट्रंप ने अपने कॉल के दौरान स्पष्ट कर दिया कि यदि युद्ध नहीं रुका, तो ईरान के तेल निर्यात पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। पहले से ही चरमराई अर्थव्यवस्था वाला ईरान इसे झेलने की स्थिति में नहीं है।
  2. आंतरिक दबाव: ईरान के भीतर भी एक वर्ग युद्ध के खिलाफ है। ट्रंप के कॉल्स ने इस वर्ग को मजबूती दी कि कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है।
  3. चीन का मौन समर्थन: कूटनीतिक हलकों में चर्चा है कि ट्रंप ने चीन के साथ भी अनौपचारिक चैनल के जरिए यह संदेश पहुँचाया कि मिडिल ईस्ट में अस्थिरता चीन के ऊर्जा हितों के खिलाफ है।

इजरायल का रुख और ट्रंप का प्रभाव

ट्रंप की इस ‘मिडनाइट डिप्लोमेसी’ का असर इजरायल पर भी पड़ा। बेंजामिन नेतन्याहू, जो ट्रंप को अपना सबसे करीबी सहयोगी मानते हैं, को यह संकेत दिया गया कि अमेरिका अब एक लंबा और अंतहीन युद्ध नहीं चाहता। ट्रंप की रणनीति है—”Peace through Strength” (शक्ति के माध्यम से शांति)। उन्होंने यह साफ कर दिया कि वह व्हाइट हाउस की दौड़ में शांति के मसीहा बनकर उतरना चाहते हैं, न कि युद्ध के समर्थक के रूप में।

क्या यह सीजफायर स्थायी होगा? Donald Trump Geopolitics

सवाल यह है कि क्या आधी रात को लिए गए ये फैसले जमीन पर टिक पाएंगे? विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप ने केवल एक ‘पॉज बटन’ (Pause Button) दबाया है। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद नहीं करेगा, और न ही इजरायल अपने अस्तित्व के खतरों को नजरअंदाज करेगा। हालांकि, ट्रंप की इस पहल ने दुनिया को उस परमाणु युद्ध की आहट से फिलहाल बचा लिया है, जो कुछ दिनों पहले तक अपरिहार्य लग रहा था।

डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह प्रोटोकॉल से ज्यादा परिणामों पर भरोसा करते हैं। जनरल मुनीर को कॉल करके उन्होंने दक्षिण एशिया को साधा और MBS के जरिए ईरान को मेज पर ले आए। यह इनसाइड स्टोरी बताती है कि वैश्विक राजनीति में अब केवल बंदूकें नहीं, बल्कि सही समय पर किए गए सही फोन कॉल्स भी इतिहास बदल सकते हैं।



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