भारत में तेजी से बढ़ा ‘एग फ्रीजिंग'(Egg Freezing India) का चलन: जानें सही उम्र, प्रक्रिया और खर्च
क्या आप भी करियर के लिए प्रेगनेंसी टालना चाहती हैं? जानें एग फ्रीजिंग (Egg Freezing) क्या है, यह कैसे होती है और भारत में इसका खर्च कितना है। डॉक्टर्स से जानें इसके फायदे और रिस्क।

भारत में महिलाओं की प्राथमिकताएं बदल रही हैं। करियर, आर्थिक स्थिरता और देर से शादी करने के फैसलों के बीच ‘बायोलॉजिकल क्लॉक’ (Biological Clock) की चिंता अक्सर बनी रहती थी। लेकिन मेडिकल साइंस की प्रगति ने महिलाओं को एक बड़ा तोहफा दिया है—एग फ्रीजिंग (Egg Freezing)। प्रियंका चोपड़ा, एकता कपूर और मोना सिंह जैसी सेलिब्रिटीज द्वारा इसे अपनाने के बाद भारत में यह एक बड़ा ट्रेंड बन गया है।
अब ‘बायोलॉजिकल क्लॉक’ के डर से सपने नहीं रुकेंगे! 🕰️💪 भारत में महिलाएं अब अपने करियर और मदरहुड को अपनी शर्तों पर प्लान कर रही हैं। ‘एग फ्रीजिंग’ वह तकनीक है जिसने इसे मुमकिन बनाया है। क्या यह सुरक्षित है? खर्चा कितना है?
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भारत में तेजी से बढ़ रही एग फ्रीजिंग – हर महिला के लिए जानना जरूरी
कुछ साल पहले तक भारत में ‘एग फ्रीजिंग’ या ‘ओसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन’ (Oocyte Cryopreservation) के बारे में बहुत कम जानकारी थी। लेकिन आज मेट्रो शहरों में आईवीएफ क्लीनिकों में यह सबसे ज्यादा पूछी जाने वाली प्रक्रियाओं में से एक है। यह तकनीक महिलाओं को उनकी फर्टिलिटी (प्रजनन क्षमता) को सुरक्षित रखने और भविष्य में माँ बनने का विकल्प देती है।

एग फ्रीजिंग क्या है? (What is Egg Freezing?)
सरल भाषा में, यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें महिला के अंडाशय (Ovaries) से एग्स (अंडे) निकाले जाते हैं और उन्हें भविष्य में उपयोग के लिए फ्रीज (जमा) कर दिया जाता है। इन अंडों को लिक्विड नाइट्रोजन में -196 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर सुरक्षित रखा जाता है। जब महिला मां बनने के लिए तैयार होती है, तो इन अंडों को डिफ्रॉस्ट (पिघलाया) किया जाता है और स्पर्म के साथ फर्टिलाइज करके गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाता है।
इसकी जरूरत क्यों और किसे है?
मुख्य रूप से दो कारणों से महिलाएं एग फ्रीजिंग चुन रही हैं:
- सोशल फ्रीजिंग (Social Freezing): वे महिलाएं जो अभी करियर बनाना चाहती हैं, सही पार्टनर का इंतजार कर रही हैं या अभी मानसिक रूप से मां बनने को तैयार नहीं हैं। चूंकि उम्र बढ़ने के साथ (खासकर 35 के बाद) अंडों की गुणवत्ता कम हो जाती है, इसलिए वे कम उम्र में ही एग्स फ्रीज करवा लेती हैं।
- मेडिकल फ्रीजिंग (Medical Freezing): कैंसर जैसी बीमारियों में कीमोथेरेपी या रेडिएशन से फर्टिलिटी खत्म होने का खतरा होता है। ऐसे में इलाज शुरू होने से पहले डॉक्टर्स एग फ्रीजिंग की सलाह देते हैं।
कैसे होती है प्रक्रिया? (Step-by-Step Process)
यह प्रक्रिया लगभग 10 से 14 दिनों की होती है:
- जांच (Screening): सबसे पहले डॉक्टर ओवेरियन रिजर्व (AMH टेस्ट) और अन्य ब्लड टेस्ट करते हैं।
- स्टिमुलेशन (Stimulation): महिला को 10-12 दिनों तक हार्मोनल इंजेक्शन दिए जाते हैं ताकि अंडाशय में एक साथ कई अंडे तैयार हो सकें।
- एग रिट्रीवल (Egg Retrieval): जब अंडे परिपक्व हो जाते हैं, तो एनेस्थीसिया देकर एक मामूली प्रक्रिया के जरिए सुई की मदद से अंडे निकाल लिए जाते हैं। इसमें दर्द नहीं होता।
- फ्रीजिंग (Freezing): निकाले गए स्वस्थ अंडों को ‘विट्रिफिकेशन’ (Vitrification) तकनीक से तुरंत फ्रीज कर दिया जाता है।

एग फ्रीजिंग की सही उम्र क्या है?
फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, एग फ्रीजिंग कराने की सबसे सही उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच या अधिकतम 34 वर्ष तक है। इस उम्र में अंडों की गुणवत्ता (Quality) और मात्रा (Quantity) सबसे अच्छी होती है, जिससे भविष्य में सफल प्रेगनेंसी की संभावना बढ़ जाती है। 37-38 साल के बाद एग फ्रीज कराने पर सफलता दर कम हो सकती है।
भारत में कितना आता है खर्च?
भारत में एग फ्रीजिंग का खर्च क्लीनिक और शहर पर निर्भर करता है। आमतौर पर:
- प्रक्रिया का खर्च: 1.5 लाख से 2.5 लाख रुपये तक।
- सालाना मेंटेनेंस (Storage Cost): अंडों को फ्रीज रखने का किराया सालाना 15,000 से 30,000 रुपये के बीच हो सकता है।
क्या यह 100% सफल है?
डॉक्टर्स का कहना है कि एग फ्रीजिंग भविष्य में मां बनने की गारंटी नहीं है, लेकिन यह एक बहुत मजबूत ‘बीमा’ (Insurance) की तरह है। फ्रोजन एग्स से प्रेगनेंसी की सफलता दर 40% से 60% के बीच मानी जाती है, जो महिला की उस उम्र पर निर्भर करता है जब उसने एग्स फ्रीज कराए थे।
एग फ्रीजिंग ने महिलाओं को अपनी ‘बायोलॉजिकल घड़ी’ के तनाव से मुक्त किया है। यह एक व्यक्तिगत और सशक्त निर्णय है। यदि आप भी इसे अपनाना चाहती हैं, तो किसी अच्छे फर्टिलिटी विशेषज्ञ (IVF Specialist) से सलाह लें और सही समय पर फैसला लें।
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