International Shiva Temples महाशिवरात्रि 2026 पर करें इन 5 प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय शिव मंदिरों के दर्शन
देश ही नहीं विदेशों में भी गूंजता है ‘हर-हर महादेव’!
महाशिवरात्रि के मौके पर जानें दुनिया भर में स्थित भगवान शिव के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में। नेपाल से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक, यहाँ विराजमान हैं महादेव। देखें पूरी लिस्ट।
महाशिवरात्रि 2026: सरहदों के पार भी विराजमान हैं महादेव, ये हैं विदेश के 5 प्रसिद्ध शिव मंदिर
भगवान शिव, जिन्हें हम देवों के देव महादेव कहते हैं, उनकी महिमा केवल भारत तक ही सीमित नहीं है। सनातन संस्कृति और भगवान शिव की मान्यता पूरी दुनिया में फैली हुई है। महाशिवरात्रि के अवसर पर जब भारत के शिवालयों में भक्तों का तांता लगता है, ठीक उसी समय दुनिया के कई अन्य कोनों में भी ‘ओम् नमः शिवाय’ की गूँज सुनाई देती है।
एशिया के पड़ोसी देशों से लेकर यूरोप और ऑस्ट्रेलिया तक, भगवान शिव के ऐसे कई मंदिर मौजूद हैं जो अपनी वास्तुकला, प्राचीन इतिहास और अटूट आस्था के लिए जाने जाते हैं। आइए, इस महाशिवरात्रि जानते हैं उन प्रसिद्ध विदेशी शिव मंदिरों के बारे में जहाँ आप दर्शन का सौभाग्य पा सकते हैं। International Shiva Temples
1. पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू (नेपाल)

भारत के बाहर अगर सबसे प्रसिद्ध शिव मंदिर की बात हो, तो नेपाल के काठमांडू में स्थित पशुपतिनाथ मंदिर का नाम सबसे ऊपर आता है। बागमती नदी के किनारे स्थित यह मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है।
- महत्व: माना जाता है कि जो व्यक्ति पशुपतिनाथ के दर्शन करता है, उसे पशु योनि में जन्म नहीं लेना पड़ता। महाशिवरात्रि के दिन यहाँ भारत और दुनिया भर से लाखों साधु-संत और भक्त पहुँचते हैं। इसकी वास्तुकला और यहाँ की शांति आपको मंत्रमुग्ध कर देगी।
2. मुन्नेश्वरम मंदिर (श्रीलंका)

श्रीलंका का रामायण काल से गहरा संबंध है और यहाँ के मुन्नेश्वरम मंदिर की महिमा निराली है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण का वध करने के बाद ब्रह्महत्या के दोष से मुक्ति पाने के लिए भगवान राम ने इसी स्थान पर शिव जी की आराधना की थी।
- खासियत: इस मंदिर परिसर में पांच मंदिर हैं, जिनमें से मुख्य मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। शिवरात्रि के दौरान यहाँ का उत्सव देखने लायक होता है, जहाँ सिंहली और तमिल दोनों समुदायों के लोग श्रद्धा से जुटते हैं।
3. कटास राज मंदिर, पंजाब (पाकिस्तान)


पाकिस्तान के चकवाल जिले में स्थित कटास राज मंदिर एक अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक शिव मंदिर है। इस मंदिर के साथ कई पौराणिक कथाएँ जुड़ी हुई हैं।
- कथा: कहा जाता है कि जब माता सती आत्मदाह के बाद सती हुई थीं, तब भगवान शिव के आंसू यहाँ गिरे थे, जिससे एक पवित्र कुंड का निर्माण हुआ। पांडवों ने भी अपने वनवास का काफी समय यहाँ बिताया था। महाशिवरात्रि पर हिंदू श्रद्धालु विशेष अनुमति लेकर यहाँ दर्शन के लिए जाते हैं।
4. प्रम्बानन मंदिर, जावा (इंडोनेशिया)


इंडोनेशिया, जो एक मुस्लिम बहुल देश है, वहाँ भगवान शिव का भव्य ‘प्रम्बानन मंदिर’ स्थित है। यह 9वीं शताब्दी का मंदिर है और अपनी अद्भुत नक्काशी के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
- वास्तुकला: यह मंदिर त्रिमूर्ति (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) को समर्पित है, लेकिन मुख्य आकर्षण भगवान शिव का भव्य मंदिर है। इसकी दीवारों पर रामायण और भागवत पुराण के चित्र उकेरे गए हैं, जो हमारी प्राचीन संस्कृति की वैश्विक पहुंच को दर्शाते हैं।
5. मुक्ति गुप्तेश्वर मंदिर, न्यू साउथ वेल्स (ऑस्ट्रेलिया)


हैरानी की बात है कि सुदूर ऑस्ट्रेलिया में भी महादेव का एक अद्भुत धाम है। यह दुनिया का पहला ‘मानव निर्मित’ गुफा मंदिर माना जाता है।
- विशेषता: यहाँ भगवान शिव के 13वें ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा की जाती है। इस मंदिर में नेपाल के तत्कालीन राजा द्वारा उपहार में दिया गया एक भव्य शिवलिंग स्थापित है। यहाँ की महाशिवरात्रि ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन होती है।
6. ऑकलैंड का शिव मंदिर

ऑकलैंड में स्थित शिव मंदिर ओवरसीज इंडियन कम्युनिटी की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ये मंदिर आधुनिक शैली में बना हुआ है, लेकिन यहां सभी पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के साथ भगवान शिव की पूजा की जाती है। शांत माहौल आपका दिल जीत लेगा। यहां रोजाना पूजा, अभिषेक और विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं।
विदेशी मंदिरों की यात्रा का महत्व
इन मंदिरों का अस्तित्व यह सिद्ध करता है कि महादेव की भक्ति भौगोलिक सीमाओं से परे है। ये मंदिर न केवल धार्मिक केंद्र हैं, बल्कि इतिहास और कला के भी बेहतरीन नमूने हैं। यदि आप इस शिवरात्रि कुछ अलग अनुभव करना चाहते हैं, तो इन अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की योजना बना सकते हैं।
International Shiva Temples यात्रा के लिए टिप्स
- वीजा और अनुमति: पाकिस्तान और नेपाल जैसे देशों के लिए यात्रा नियम अलग हैं, इसलिए पहले से पूरी जानकारी जुटा लें।
- भीड़ का ध्यान: महाशिवरात्रि पर पशुपतिनाथ जैसे मंदिरों में भारी भीड़ होती है, अतः दर्शन के लिए सुबह जल्दी पहुँचें।
महादेव कण-कण में व्याप्त हैं। चाहे वह हिमालय की बर्फीली चोटियाँ हों या ऑस्ट्रेलिया की गुफाएं, शिव का नाम हर जगह श्रद्धा के साथ लिया जाता है। इस महाशिवरात्रि, आप जहाँ भी हों, महादेव की भक्ति में लीन होकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
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