Maharashtra Elections महाराष्ट्र में महायुति की बंपर जीत के बाद हलचल: होटल पहुंचे शिंदे गुट के पार्षद, फडणवीस बोले- मेयर पद पर कोई विवाद नहीं
Maharashtra Elections महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद मुंबई में सियासी हलचल तेज। शिंदे गुट के 29 पार्षद होटल में शिफ्ट। जानें देवेंद्र फडणवीस का मेयर पद पर बयान और उद्धव गुट के ‘जयचंद’ वाले तंज पर पूरी रिपोर्ट।


मुंबई: नगर निगम चुनावों में ‘महाविजय’ के बाद भी सियासी पारा गरम
Maharashtra Elections महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 29 में से 17 निगमों पर अकेले अपने दम पर कब्जा जमाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, वहीं दूसरी तरफ गठबंधन सहयोगियों के बीच खींचतान की खबरें भी सामने आ रही हैं।


शिंदे गुट के पार्षदों की ‘होटल शिफ्टिंग’ Maharashtra Elections
नतीजों के अगले ही दिन शनिवार को शिवसेना (शिंदे गुट) के सभी 29 नवनिर्वाचित पार्षद मुंबई के लग्जरी ताज होटल पहुंच गए। पार्षदों को होटल में शिफ्ट किए जाने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या गठबंधन में सब कुछ ठीक है? हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह एकजुटता बनाए रखने के लिए किया गया है, लेकिन विपक्षी इसे डर और अंतर्कलह का नाम दे रहे हैं।
अजित पवार और शिंदे की ‘नाराजगी’ और कैबिनेट से दूरी
सूत्रों के मुताबिक, इस बंपर जीत के बावजूद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम अजित पवार के गुट उतने खुश नहीं हैं। बताया जा रहा है कि दोनों गुटों को अपनी सीटों की संख्या और प्रदर्शन से जितनी उम्मीद थी, परिणाम वैसा नहीं रहा। शनिवार को हुई महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए। हालांकि, शिंदे खेमे की ओर से आधिकारिक बयान आया कि मुख्यमंत्री बीमार हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह नाराजगी का संकेत हो सकता है।
देवेंद्र फडणवीस का रुख: “विवाद जैसी कोई बात नहीं”
इन अटकलों के बीच डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मोर्चा संभाला। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मेयर पद को लेकर महायुति में कोई मतभेद नहीं है। फडणवीस ने कहा, “मेयर कौन बनेगा और कब चुना जाएगा, यह फैसला मैं, एकनाथ शिंदे और गठबंधन के अन्य नेता मिलकर लेंगे। हम एक साथ हैं और जीत का यह सिलसिला जारी रहेगा।”
चुनाव परिणामों का गणित: महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों की कुल 2,869 सीटों में से बीजेपी और उसके सहयोगियों ने क्लीन स्वीप किया है:
- भाजपा: 17 निगमों पर अकेले बहुमत।
- महायुति (कुल): 25 निगमों पर जीत।
- प्रमुख नतीजे: बीएमसी (BMC) में बीजेपी 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जिससे तीन दशक से चला आ रहा उद्धव ठाकरे का दबदबा खत्म हो गया है।
विपक्ष का तीखा हमला: “जयचंद” वाला तंज
हार से बौखलाई शिवसेना (UBT) ने एकनाथ शिंदे पर सीधा हमला बोला है। संजय राउत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “अगर एकनाथ शिंदे शिवसेना के जयचंद नहीं बनते, तो बीजेपी को मुंबई में कभी मेयर नहीं मिलता। मराठी लोग उन्हें हमेशा गद्दार के रूप में याद रखेंगे।” वहीं, उद्धव ठाकरे ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और वह मराठी मानुस के सम्मान के लिए लड़ते रहेंगे। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भी निराशा जताई लेकिन भविष्य में संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
बीजेपी के लिए यह जीत 2024 के आगामी चुनावों से पहले एक बड़े बूस्टर डोज की तरह है। पहली बार मुंबई महानगरपालिका (BMC) में बीजेपी का मेयर बनने जा रहा है, जो राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगा। अब देखना यह है कि क्या फडणवीस, शिंदे और अजित पवार के बीच की यह ‘नाराजगी’ केवल अटकलें हैं या भविष्य में महायुति के समीकरण बदलेंगे।
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