PM Modi Emmanuel Macron Mumbai visit प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय वार्ता की। जानें इस रणनीतिक मुलाकात के मुख्य बिंदु, रक्षा सौदे और भारत-फ्रांस संबंधों का भविष्य।


PM Modi Emmanuel Macron Mumbai visit भारत-फ्रांस दोस्ती का नया अध्याय
भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई आज एक ऐतिहासिक कूटनीतिक हलचल की गवाह बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच मुंबई के ‘लोक भवन’ में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जैसे ही राष्ट्रपति मैक्रों लोक भवन पहुंचे, प्रधानमंत्री मोदी ने गर्मजोशी से उन्हें गले लगाकर उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच की यह केमिस्ट्री केवल व्यक्तिगत मित्रता ही नहीं, बल्कि भारत और फ्रांस के बीच अटूट रणनीतिक साझेदारी की गहराई को भी दर्शाती है।


मुंबई के लोक भवन में खास स्वागत


आमतौर पर दिल्ली में होने वाली हाई-प्रोफाइल मुलाकातें इस बार समंदर के किनारे यानी मुंबई में आयोजित की गईं। राष्ट्रपति मैक्रों की यह भारत यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक है। लोक भवन में हुई इस बैठक से पहले दोनों नेताओं ने मीडिया के सामने हाथ मिलाया और एक-दूसरे का अभिवादन किया। ‘हग डिप्लोमेसी’ की इन तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर तुरंत सुर्खियां बटोर लीं, जिसे विशेषज्ञों ने यूरोप और एशिया के दो सबसे मजबूत लोकतंत्रों के बीच बढ़ते भरोसे का प्रतीक बताया है।
मुंबई के लोक भवन में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया
इस बैठक में कई ऐसे वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई जो आने वाले दशक में भारत और फ्रांस के संबंधों की दिशा तय करेंगे:

1. रक्षा और सुरक्षा सहयोग
फ्रांस भारत का एक भरोसेमंद रक्षा साझेदार रहा है। राफेल विमानों की सफलता के बाद, चर्चा अब ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में ही फ्रांसीसी रक्षा तकनीक के निर्माण पर केंद्रित है। दोनों नेताओं ने समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
2. तकनीक और एआई (AI)
प्रधानमंत्री मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और फ्रांस के तकनीकी कौशल को एक मंच पर लाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर निर्माण में फ्रांस भारत का सहयोग करने को तैयार है।
3. व्यापार और निवेश
चूँकि यह बैठक मुंबई में हुई, इसलिए आर्थिक एजेंडा सबसे ऊपर रहा। फ्रांसीसी कंपनियों को भारत के विशाल बाजार और बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया। ऊर्जा, विशेष रूप से परमाणु ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन पर भी विशेष ध्यान दिया गया।



हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी
राष्ट्रपति मैक्रों की यात्रा का एक बड़ा हिस्सा हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता से जुड़ा है। भारत और फ्रांस दोनों ही इस क्षेत्र में एक स्वतंत्र और समावेशी व्यवस्था के पक्षधर हैं। लोक भवन में हुई बातचीत में समुद्री डकैती, साइबर सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे साझा खतरों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। ‘विश्व बंधु’ के रूप में उभरता भारत
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