PM MODI: प्रधानमंत्री मोदी से जमुई को लेकर तेजस्वी यादव ने प्रश्न उठाया था। CM नीतीश ने प्रतिक्रिया की शुरुआत की। पीएम मोदी ने कहा कि उस राज में सड़कें नहीं बनाई जाती थीं। गरीब लोगों को रोजगार देने के लिए जमीन लिखा लेते थे।

आज बिहार के 85 लाख से अधिक किसान PM किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। इस योजना के तहत जमुई में ही किसानों को 850 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। यदि यह घमंडी गठबंधन की सरकार होती तो क्या आपके खाते में सीधे धन भेजने का विचार होता? यह लोग आपके पैसे लूट लेते हैं और आपको ऐसा दिखाने के लिए हस्ताक्षर करवाते हैं कि पैसे आपके पास हैं। आप एक दूसरे को जेल में डालने की मांग करने वालों को डर लग रहा है कि मोदी आया।

भ्रष्टाचारी सुनिए, मोदी नहीं आया। 140 करोड़ लोगों का गुस्सा प्रकट हुआ है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव को सीधा जवाब देते हुए ये शब्द कहे। उनका कहना था कि उनके जमाने में गरीबों को नौकरी देने के लिए जमीन लिखवा दी जाती थी। नीतीश कुमार भी रेल मंत्री थे, लेकिन उनका नाम कभी नहीं बदला गया था। जिन लोगों की पहचान अपहरण उद्योग की रही, उन्हें सड़क बनाने नहीं दिया गया। वह बिहार को लालटेन युग में रखना चाहते हैं, जबकि हम नीतीश कुमार के साथ मिलकर बिहार में सड़क निर्माण कर रहे हैं।
PM MODI: जंगलराज से राम मंदिर तक
बिहार में प्रधानमंत्री मोदी ने जंगलराज से लेकर राम मंदिर तक की चर्चा की। उनका कहना था कि बेटियां जंगल में नहीं जा सकतीं। उठा ली गईं। कुछ भी अच्छा नहीं हुआ। अपहरण व्यवसाय था। प्रधानमंत्री ने राम मंदिर को अयोध्या में बनाए जाने पर कहा कि “राजद-कांग्रेस ने राम मंदिर को बनने से रोकने में पूरी ताकत लगा दी थी।” यह लोग अभी भी राम मंदिर का मजाक उड़ाते हैं। उन्हें हर बार बिहार और बिहार की गरिमा का अपमान हुआ है। कर्पूरी ठाकुर का अपमान यही लोग करते थे। इन लोगों ने हमारी सरकार द्वारा बिहार के गौरव कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का विरोध किया।
इन्हीं लोगों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का नामांकन करने का विरोध किया। द्रौपदी मुर्मु को राष्ट्रपति बनाने का विरोध था।”
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बिहार के सबसे चर्चित नेता Lalu Yadav का कैसा रहा सियासी सफर ? News18 Special
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