“गांधी सरनेम और कांग्रेस की राजनीति” जब पीएम मोदी ने पूछा— नेहरू का नाम इस्तेमाल करने में शर्म क्यों आती है? PM Modi on Gandhi Surname
PM Modi on Gandhi Surname प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ‘गांधी’ सरनेम के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। जानिए क्यों पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने महात्मा गांधी की विरासत और नाम का राजनीतिकरण किया है।
विरासत की जंग: क्या कांग्रेस ने ‘गांधी’ सरनेम का राजनीतिक लाभ लिया?
भारतीय राजनीति में ‘सरनेम’ की लड़ाई कोई नई बात नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे को एक नई धार दी है। संसद से लेकर चुनावी रैलियों तक, पीएम मोदी ने कई बार यह सवाल उठाया है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने महात्मा गांधी के ‘गांधी’ सरनेम को अपनी राजनीतिक पहचान क्यों बनाया, जबकि उनका सीधा पारिवारिक संबंध राष्ट्रपिता से नहीं था।

पीएम मोदी का वह चर्चित बयान
प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में एक संबोधन के दौरान सीधे तौर पर गांधी परिवार को घेरते हुए कहा था, “मुझे यह समझ नहीं आता कि उनकी पीढ़ी का कोई व्यक्ति ‘नेहरू’ सरनेम रखने से डरता क्यों है? नेहरू जी इतने महान व्यक्ति थे, तो आपको उनका नाम इस्तेमाल करने में शर्मिंदगी क्यों महसूस होती है?” इसी संदर्भ में उन्होंने यह भी तर्क दिया कि कांग्रेस ने जानबूझकर महात्मा गांधी के नाम और उनके सरनेम का उपयोग अपनी सत्ता को वैधानिकता देने के लिए किया।
इतिहास का पन्ना: कैसे मिला ‘गांधी’ सरनेम?
ऐतिहासिक रूप से, इंदिरा गांधी का विवाह फिरोज गांधी से हुआ था। फिरोज गांधी का महात्मा गांधी से कोई पारिवारिक रिश्ता नहीं था। फिरोज के सरनेम की वर्तनी (Spelling) पहले अलग थी, जिसे बाद में ‘Gandhi’ के रूप में अपनाया गया। पीएम मोदी और भाजपा का तर्क यह है कि कांग्रेस ने इस सरनेम का लाभ उठाकर देश की जनता को यह प्रभावित करने की कोशिश की कि वे राष्ट्रपिता के आदर्शों के एकमात्र उत्तराधिकारी हैं।
विरासत बनाम राजनीति PM Modi on Gandhi Surname
प्रधानमंत्री का आरोप है कि कांग्रेस ने महात्मा गांधी के चश्मे (स्वच्छ भारत अभियान का प्रतीक) को तो अपनाया नहीं, लेकिन उनके नाम को अपनी ‘जागीर’ समझ लिया। पीएम मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने तो आजादी के बाद कांग्रेस को भंग करने की सलाह दी थी, लेकिन कांग्रेस ने उनके नाम का इस्तेमाल करके दशकों तक शासन किया।
नेहरू की विरासत पर सवाल
मोदी सरकार लगातार यह संदेश देने की कोशिश करती है कि कांग्रेस ने सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस और बी.आर. अंबेडकर जैसे महापुरुषों की तुलना में केवल एक परिवार (नेहरू-गांधी) को ही सारा श्रेय दिया। पीएम मोदी का कहना है कि अगर कांग्रेस को अपनी विरासत पर इतना ही गर्व है, तो वे नेहरू नाम का इस्तेमाल करने के बजाय गांधी नाम के पीछे क्यों छिपते हैं?
विपक्ष का पलटवार PM Modi on Gandhi Surname
दूसरी ओर, कांग्रेस इन आरोपों को ध्यान भटकाने वाली राजनीति करार देती है। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि सरनेम विवाह और परंपरा का हिस्सा है और भाजपा केवल गांधी परिवार की लोकप्रियता से घबराकर ऐसे व्यक्तिगत हमले करती है।
यह भारत के इतिहास और उस पर दावेदारी की लड़ाई है। जहाँ पीएम मोदी इसे ‘नाम की राजनीति’ बताते हैं, वहीं यह मुद्दा आने वाले समय में भी भारतीय लोकतंत्र में राष्ट्रवाद और परिवारवाद की बहस का केंद्र बना रहेगा।
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