PM Modi Speech Lok Sabha संसद के शीतकालीन सत्र में भारी हंगामा। विपक्ष ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का मौका न मिलने पर पीएम मोदी के भाषण को रोका। जानें क्या है पूरा विवाद और गुरुवार को क्या होने वाला है।
PM Modi Speech Lok Sabha विपक्ष की ज़िद और सरकार का रुख! राहुल गांधी को बोलने न देने के विरोध में पीएम मोदी का भाषण रोका गया। क्या गुरुवार को थमेगा बवाल?
संसद में संग्राम – जब टकराए सत्ता और विपक्ष के इरादे
भारतीय लोकतंत्र के सर्वोच्च सदन, लोकसभा में पिछले तीन दिनों से जो दृश्य देखने को मिल रहे हैं, वे संसदीय इतिहास में सत्ता और विपक्ष के बीच बढ़ते तनाव का नया अध्याय लिख रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण पहले से तय था, लेकिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के आक्रामक तेवरों ने पूरे परिदृश्य को बदल दिया। ‘हंगामे की भेंट चढ़ती कार्यवाही’ अब संसद की नई पहचान बनती जा रही है।
पीएम मोदी का भाषण क्यों रुका? PM Modi Speech Lok Sabha
गुरुवार को प्रधानमंत्री का संबोधन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान होना तय था। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने एक स्वर में नारेबाजी शुरू कर दी। मुख्य विवाद की जड़ ‘समान अवसर’ (Equal Opportunity) को लेकर है। विपक्ष का आरोप है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को महत्वपूर्ण विषयों पर बोलने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जा रहा है और जब वे बोलते हैं, तो अक्सर उनके माइक को बंद कर दिया जाता है या उनके भाषण के अंशों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाता है।

विपक्ष की रणनीति: PM Modi Speech Lok Sabha
‘जैसे को तैसा’ कांग्रेस सहित इंडिया (I.N.D.I.A.) गठबंधन के दलों ने इस बार एक सख्त रुख अख्तियार किया है। विपक्ष का स्पष्ट कहना है कि यदि सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की आवाज को दबाया जाएगा, तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी शांतिपूर्वक अपना भाषण पूरा नहीं करने देंगे। विपक्ष का तर्क है कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज ही जनता की आवाज होती है और यदि उसे ही सेंसर किया जाएगा, तो सदन की कार्यवाही का कोई अर्थ नहीं रह जाता।
पिछले तीन दिनों का हाल:
संसद का मौजूदा सत्र पिछले तीन दिनों से लगातार हंगामे की वजह से स्थगित हो रहा है। महंगाई, बेरोजगारी और हालिया कुछ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष चर्चा की मांग कर रहा है। सत्ता पक्ष का कहना है कि वे हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष केवल ‘अवरोध’ (Disruption) पैदा करना चाहता है। बुधवार को हंगामा इतना बढ़ गया कि स्पीकर को मात्र 15 मिनट के भीतर सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
गुरुवार को और बड़े बवाल की आशंका:
गुरुवार का दिन संसद के लिए बेहद निर्णायक होने वाला है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष अपनी रणनीति पर अडिग है। यदि सरकार और विपक्ष के बीच पर्दे के पीछे की बातचीत सफल नहीं होती, तो गुरुवार को भी सदन में वही शोर-शराबा देखने को मिलेगा। बीजेपी ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर सदन में उपस्थित रहने को कहा है, जो इस बात का संकेत है कि सरकार भी झुकने के मूड में नहीं है।
लोकतंत्र पर प्रभाव: PM Modi Speech Lok Sabha
संसद में जब बहस की जगह हंगामा ले लेता है, तो जनता के मुद्दों पर चर्चा ठप हो जाती है। करोड़ों रुपये के सार्वजनिक धन से चलने वाली संसद का समय नष्ट होना चिंता का विषय है। हालांकि, विपक्ष इसे ‘अधिकारों की लड़ाई’ कह रहा है, वहीं सरकार इसे ‘विकास विरोधी मानसिकता’।
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