Saturday, January 17, 2026
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बच्चा बात नहीं सुनता? Stubborn Child अपनाएं ये कोरियन रूल्स

बच्चा बात नहीं सुनता? Stubborn Child अपनाएं ये कोरियन रूल्स

क्या आपका बच्चा बहुत ज़िद्दी है? Stubborn Child सीखिए कोरियन पेरेंटिंग का ‘Hoon-yuk’ तरीका, जिससे आप बिना चिल्लाए या बिना मारे बच्चे के व्यवहार को सुधार सकते हैं। जानिए ‘प्रतीक्षा का नियम’ और अनुशासन के जादुई टिप्स। जानिए कोरियन माता-पिता अपने ज़िद्दी बच्चों को कैसे शांत रखते हैं। इस लेख/वीडियो में हम ‘Jeong’ स्टाइल और कोरियन अनुशासन के मुख्य नियमों के बारे में चर्चा करेंगे। आज ही अपनी पेरेंटिंग बदलें!

Stubborn Child Korean Parenting: बिना मारे-डांटे बच्चे को सुधारने का मंत्र

ऐसा लगता है कि आप “Jeong” (정) (जिसका उच्चारण ‘जंग’ या ‘जोंग’ जैसा होता है) या फिर लोकप्रिय कोरियन पेरेंटिंग स्टाइल (जिसे अक्सर डॉ. ओ इउन-यंग जैसी मशहूर चाइल्ड एक्सपर्ट्स द्वारा सिखाया जाता है) के बारे में पूछ रहे हैं। Stubborn Child

कोरियाई संस्कृति में जिद्दी बच्चों को संभालने के लिए “Hoon-yuk” (훈육) यानी अनुशासन (Discipline) का एक खास तरीका अपनाया जाता है। यह तरीका बच्चे को मारने या चिल्लाने के बजाय उसे शांत और दृढ़ (Firm) तरीके से सही और गलत सिखाने पर जोर देता है।

यहाँ इस विधि के मुख्य बिंदु हिंदी में दिए गए हैं:

Stubborn Child
Stubborn Child

1. इमोशनल कनेक्शन (Jeong – 정)

यह कोरियन कल्चर का आधार है। इसका मतलब है बच्चे के साथ गहरा भावनात्मक जुड़ाव।

  • अनुशासन से पहले माता-पिता बच्चे को यह महसूस कराते हैं कि वे उससे प्यार करते हैं, लेकिन उसका व्यवहार गलत है।
  • तरीका: बच्चे को सुधारने से पहले उसकी भावनाओं को स्वीकार करें (Empathy), लेकिन गलत व्यवहार को नहीं।

2. ‘प्रतीक्षा’ का नियम (The Waiting Method)

जब बच्चा जिद्द करता है या रोता है, तो कोरियाई माता-पिता तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देते।

  • वे बच्चे के शांत होने का इंतजार करते हैं।
  • वे बच्चे के सामने बिना कुछ बोले, बस उसे देखते हुए खड़े रहते हैं जब तक कि वह रोना बंद न कर दे। इससे बच्चे को समझ आता है कि रोने से काम नहीं बनेगा।

3. आँखें मिलाना और सख्त लहज़ा (Eye Contact & Low Voice)

  • माता-पिता बच्चे के लेवल पर नीचे झुकते हैं और उसकी आँखों में सीधे देखते हैं।
  • आवाज़ ऊँची नहीं करते, बल्कि एक नीची और गंभीर (Low and Firm) टोन में बात करते हैं।
  • उदाहरण: “नहीं, यह गलत है। हम ऐसा नहीं करते।” (बस इतना ही, ज्यादा बहस नहीं)।

4. ‘थिंकिंग चेयर’ या ‘शांत जगह’ (Thinking Spot)

  • बच्चे को कुछ देर के लिए एक अलग जगह या कुर्सी पर बैठने को कहा जाता है ताकि वह अपने व्यवहार पर विचार कर सके।
  • यह सजा नहीं है, बल्कि बच्चे को Self-regulation (खुद को शांत करना) सिखाने का तरीका है।

संक्षेप में (Summary)

यह तरीका गुस्से के बजाय धैर्य (Patience) और अधिकार (Authority) पर काम करता है। इसका मुख्य मंत्र है:

“बच्चे की भावनाओं को समझें, लेकिन उसके गलत व्यवहार के सामने झुकें नहीं।”

क्या आप चाहते हैं कि मैं इस बारे में और विस्तार से बताऊँ कि इसे लागू कैसे करें?



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