Winter Baby Care: पहली सर्दी में नवजात का ऐसे रखें ख्याल, अपनाएं ये 7 जरूरी टिप्स तो हमेशा हेल्दी रहेगा बच्चा!
क्या आप भी नवजात शिशु की पहली सर्दी को लेकर चिंतित हैं? जानें Winter Baby Care के बेहतरीन टिप्स। कपड़ों की लेयरिंग से लेकर मालिश वाले तेल तक, यहाँ है पूरी जानकारी ताकि आपका बच्चा रहे गर्म और सुरक्षित।
सर्दियों की हवाएं नन्ही जान को परेशान न करें! नवजात शिशु को ठंड से बचाने के लिए केवल स्वेटर काफी नहीं है। मालिश, धूप और सही तापमान का भी रखना होगा ख्याल। जानिए एक्सपर्ट्स क्या सलाह देते हैं।
सर्दियों में नवजात शिशु की देखभाल – संपूर्ण गाइड Winter Baby Care


नवजात शिशु के लिए उसका पहला जाड़ा (First Winter) एक बड़े बदलाव जैसा होता है। माँ के गर्भ के गर्म वातावरण से निकलकर बाहरी दुनिया की ठंडक से तालमेल बिठाना उनके नन्हे शरीर के लिए आसान नहीं होता। ऐसे में, माता-पिता को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
यहाँ हम आपको 7 ऐसे महत्वपूर्ण टिप्स बता रहे हैं, जो इस सर्दी में आपके बच्चे को हेल्दी और स्ट्रॉन्ग बनाए रखेंगे।



1. कपड़ों की लेयरिंग (The Layering Rule)
सर्दियों में बच्चे को एक बहुत भारी जैकेट पहनाने के बजाय, ‘परतों’ (Layers) में कपड़े पहनाना ज्यादा सुरक्षित है।
- नियम: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जितने कपड़े आपने पहने हैं, बच्चे को उससे एक परत ज्यादा पहनाएं।
- फायदा: परतों के बीच हवा फंस जाती है जो इन्सुलेशन (Insulation) का काम करती है और शरीर को गर्म रखती है। अगर बच्चे को गर्मी लगे, तो आप एक परत आसानी से हटा भी सकते हैं।
2. मालिश है सबसे जरूरी (Oil Massage)
सर्दियों में धूप में बैठकर बच्चे की मालिश करना उसकी हड्डियों और मांसपेशियों के लिए अमृत समान है।
- कौन सा तेल चुनें? सर्दियों के लिए बादाम का तेल, जैतून का तेल (Olive Oil) या पारंपरिक सरसों का तेल (लहसुन और अजवाइन पकाकर) सबसे अच्छा माना जाता है। ये तेल शरीर में गर्माहट पैदा करते हैं।
- समय: नहलाने से पहले मालिश करने से रक्त संचार (Blood Circulation) बढ़ता है और शरीर गर्म रहता है।
3. नहलाने में बरतें सावधानी
नवजात को सर्दियों में रोज़ नहलाना जरूरी नहीं है। आप उन्हें हफ्ते में 2 या 3 बार नहला सकते हैं।
- बाकी दिनों में बच्चे के शरीर को स्पंज (Sponge) यानी गीले तौलिए से पोंछ दें (Sponge Bath)।
- ध्यान रखें कि कमरा गर्म हो और पानी गुनगुना हो। नहलाने के तुरंत बाद बच्चे को तौलिए में लपेटें ताकि उसे हवा न लगे।
4. कमरे का तापमान (Room Temperature)
अगर आप हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सावधान रहें। हीटर कमरे की नमी (Moisture) सोख लेता है, जिससे बच्चे की नाक और त्वचा ड्राई हो सकती है।
- उपाय: हीटर चलाते समय कमरे में एक कोने में पानी से भरा कटोरा रखें। यह हवा में नमी बनाए रखेगा। बच्चे को कभी भी सीधे हीटर के सामने न सुलाएं।
5. त्वचा की देखभाल (Skin Care)
सर्दियों की शुष्क हवा बच्चे के कोमल गालों और होठों को फाड़ सकती है।
- नहलाने के तुरंत बाद अच्छी क्वालिटी का बेबी लोशन या मॉइस्चराइजर लगाएं।
- डायपर रैश से बचने के लिए डायपर बदलने के बाद नारियल तेल या रैश क्रीम जरूर लगाएं, क्योंकि सर्दियों में बच्चे गीलेपन से जल्दी बीमार पड़ते हैं।
6. माँ का दूध है ‘सुपरफूड’
6 महीने से छोटे बच्चे के लिए माँ का दूध ही उसकी एकमात्र दवाई और भोजन है।
- ब्रेस्ट मिल्क (Breast Milk) में एंटीबॉडीज होती हैं जो बच्चे की इम्यूनिटी को मजबूत करती हैं और उसे सर्दी, खांसी और संक्रमण से लड़ने की ताकत देती हैं।
- माँ को भी अपनी डाइट में गर्म तासीर वाली चीजें (जैसे मेथी, गोंद के लड्डू, सूप) शामिल करनी चाहिए ताकि बच्चे को पोषण मिले।
7. धूप का सेवन (Vitamin D)
सुबह की कोमल धूप (सुबह 10 बजे से पहले) नवजात के लिए बहुत जरूरी है। यह न केवल शरीर को गर्माहट देती है, बल्कि विटामिन D की कमी को पूरा करती है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए अनिवार्य है।


माँ का स्पर्श और सही देखभाल ही है बच्चे का असली सुरक्षा कवच!
सावधानी: कब डॉक्टर के पास जाएं?
अगर बच्चे की सांस तेज चल रही हो, पसलियां चल रही हों, वह दूध पीना छोड़ दे या उसे तेज बुखार हो, तो घरेलू नुस्खों का इंतज़ार न करें और तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) को दिखाएं।
निष्कर्ष: थोड़ी सी समझदारी और एक्स्ट्रा केयर से आप अपने बच्चे की पहली सर्दी को यादगार और सुरक्षित बना सकते हैं। याद रखें, बच्चे को सिर्फ ठंड से नहीं, बल्कि संक्रमण (Infection) से भी बचाना है, इसलिए उसे छूने से पहले हाथ जरूर धोएं।
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