Tuesday, January 13, 2026
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मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ (Til Gud) क्यों खाया जाता है? जानें सूर्य-शनि मिलन की पौराणिक कथा और इसका वैज्ञानिक रहस्य

मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ (Til Gud) क्यों खाया जाता है? जानें सूर्य-शनि मिलन की पौराणिक कथा और इसका वैज्ञानिक रहस्य

मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ (Til Gud) के लड्डू खाने की परंपरा क्यों है? जानें भगवान सूर्य और उनके पुत्र शनि देव की वो कथा, जिससे शुरू हुआ यह रिवाज। साथ ही जानें इसका सेहत से जुड़ा राज।

तिल-गुड़ का रिवाज: स्वाद, सेहत और संस्कृति

Til Gud
Til Gud

मकर संक्रांति के दिन घर-घर में तिल और गुड़ के लड्डू बनाए जाते हैं। महाराष्ट्र में लोग एक-दूसरे को तिल-गुड़ देते हुए कहते हैं- “तिल-गुड़ घ्या, गोड़-गोड़ बोला” (तिल-गुड़ लो और मीठा-मीठा बोलो)। लेकिन यह परंपरा शुरू कैसे हुई?

1. पौराणिक कथा: सूर्य और शनि का अनोखा मिलन (Til Gud)

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति वह दिन है जब सूर्य देव (Sun God) अपने पुत्र शनि देव (Shani Dev) के घर जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में ‘मकर’ राशि (Capricorn) के स्वामी शनि देव माने जाते हैं।

कथा के अनुसार, सूर्य देव और उनके पुत्र शनि देव के बीच संबंध अच्छे नहीं थे। एक बार क्रोधित होकर सूर्य देव ने शनि का घर ‘कुंभ’ (Aquarius) जला दिया था, जिससे शनि और उनकी माता छाया को बहुत कष्ट हुआ। लेकिन जब सूर्य देव का क्रोध शांत हुआ, तो वे मकर संक्रांति के दिन अपने पुत्र शनि से मिलने उनके दूसरे घर ‘मकर’ राशि में पहुंचे।

जब सूर्य देव वहां पहुंचे, तो शनि देव के पास अपने पिता के स्वागत के लिए कुछ भी नहीं था। उनका घर जल चुका था और वहां केवल काले तिल (Black Sesame) बचे थे। शनि देव ने इन्हीं काले तिलों से अपने पिता का पूजन और स्वागत किया।

शनि की इस भक्ति और प्रेम को देखकर सूर्य देव बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने वरदान दिया कि जो भी व्यक्ति मकर संक्रांति के दिन काले तिल और गुड़ से मेरा और शनि का पूजन करेगा या इसका सेवन करेगा, उसके जीवन से सारे कष्ट दूर हो जाएंगे और रिश्तों में मिठास आएगी। तभी से इस दिन तिल-गुड़ खाने की परंपरा शुरू हुई।

Til Gud
Til Gud

2. वैज्ञानिक महत्व (Scientific Reason)

मकर संक्रांति जनवरी में आती है, जब उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ती है।

  • शरीर को गर्मी: तिल (Sesame) की तासीर गर्म होती है और इसमें तेल की मात्रा होती है जो शरीर को अंदर से गर्म रखती है।
  • ऊर्जा का स्रोत: गुड़ (Jaggery) आयरन और कार्बोहाइड्रेट का बेहतरीन स्रोत है जो शरीर को तुरंत ऊर्जा (Energy) देता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है।
  • सर्दी-जुकाम से रक्षा: सर्दी के मौसम में जोड़ों का दर्द और जकड़न आम है। तिल और गुड़ का मिश्रण हड्डियों को मजबूत बनाता है और शरीर को सर्दी से लड़ने की ताकत देता है।
Til Gud
Til Gud

3. सामाजिक संदेश

तिल और गुड़ का लड्डू हमें जीवन का एक बड़ा पाठ पढ़ाता है। तिल के दाने अलग-अलग होते हैं, लेकिन गुड़ की चाशनी उन्हें एक साथ बांधकर एक ‘लड्डू’ का रूप देती है। यह त्यौहार संदेश देता है कि हम भले ही अलग-अलग हों, लेकिन हमें परिवार और समाज के साथ मिलकर (गुड़ की तरह चिपके) रहना चाहिए। पुरानी कड़वाहट (Bitterness) को भुलाकर, रिश्तों में नई मिठास लाने का ही नाम मकर संक्रांति है।



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