फलों की दुनिया सिर्फ सेब और केले तक सीमित नहीं है! पेश हैं दुनिया के 10 सबसे अनोखे Exotic Fruits
दुनिया के 10 सबसे अनोखे और रसीले फल, जिन्हें आपको जीवन में एक बार जरूर खाना चाहिए! क्या आपने कभी ‘स्नेक फ्रूट’ या ‘फलों की रानी’ मैंगोस्टीन का स्वाद चखा है? जानिये दुनिया के 10 सबसे मशहूर Exotic Fruits के बारे में, जो अपने स्वाद और फायदों के लिए दुनियाभर में जाने जाते हैं। आपने इनमें से कौन सा खाया है?
दुनिया के 10 सबसे बेहतरीन विदेशी फल
प्रकृति ने हमें उपहार के रूप में कई तरह के फल दिए हैं। आम, केला और सेब तो हम रोज़ खाते हैं, लेकिन दुनिया के कोनों-कोनों में कुछ ऐसे फल भी उगते हैं जो अपनी बनावट, रंग और अनोखे स्वाद के लिए मशहूर हैं। इन्हें ‘Exotic Fruits’ कहा जाता है। आज हम आपको दुनिया के 10 ऐसे ही शानदार फलों की सैर पर ले चलते हैं।
1. आर्टिचोक (Artichoke)


आर्टिचोक वास्तव में कोई फल नहीं, बल्कि एक सब्जी है जो थीस्ल (Thistle) पौधे की ‘फूल की कली’ होती है। हिंदी में इसे कभी-कभी ‘हाथी चक’ भी कहा जाता है। यह बाहर से सख्त, हरे और कांटेदार पत्तों से ढका होता है, लेकिन इसके अंदर का गूदा (जिसे ‘हार्ट’ कहते हैं) बहुत नरम और स्वादिष्ट होता है। इसे बनाने के लिए इसे उबाला या स्टीम किया जाता है और पत्तों के निचले हिस्से को दातों से खुरच कर खाया जाता है। यह लीवर और पाचन तंत्र के लिए बहुत गुणकारी माना जाता है और इटैलियन खाने में इसका खूब इस्तेमाल होता है।
यह फल अब भारत में भी काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसका बाहरी आवरण किसी ड्रैगन की त्वचा जैसा दिखता है, जो गुलाबी और हरे रंग का होता है। अंदर से यह सफेद या लाल गूदे वाला होता है, जिसमें छोटे-छोटे काले बीज होते हैं। इसका स्वाद कीवी और नाशपाती के मिश्रण जैसा लगता है। यह एंटी-ऑक्सीडेंट्स का खजाना है। मूल रूप से भूमध्यसागरीय क्षेत्र (Mediterranean region), उत्तरी अफ्रीका और एशिया माइनर का पौधा है, जिसे प्राचीन काल से उगाया और खाया जाता रहा है, और आजकल कैलिफोर्निया, स्पेन, इटली जैसे देशों में इसकी व्यापक खेती होती है, जो भारत में भी लोकप्रिय हो रहा है
2. डुरियन (Durian)

इसे “फलों का राजा” (King of Fruits) कहा जाता है, लेकिन इसकी पहचान इसकी तेज़ गंध है। दक्षिण-पूर्व एशिया में यह बहुत मशहूर है। बाहर से यह कांटेदार होता है और अंदर से इसमें कस्टर्ड जैसा क्रीमी गूदा निकलता है। लोग इसे या तो बहुत पसंद करते हैं या इसकी गंध के कारण इससे नफरत करते हैं! डुरियन (Durian) दक्षिण-पूर्व एशिया (Southeast Asia) का मूल फल है, खासकर मलेशिया, इंडोनेशिया और थाईलैंड का, जहाँ इसे ‘फलों का राजा’ कहा जाता है और यह अपनी तेज़ गंध व अनोखे स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। यह फल अपनी मलाईदार बनावट और पोषण से भरपूर होने के कारण लोकप्रिय है, हालांकि इसकी तेज़ गंध के कारण कुछ जगहों पर इस पर प्रतिबंध भी है

3. मैंगोस्टीन (Mangosteen)

अगर डुरियन राजा है, तो मैंगोस्टीन को “फलों की रानी” (Queen of Fruits) कहा जाता है। इसका गहरा बैंगनी छिलका होता है और अंदर बर्फ जैसा सफेद, रसीला और मीठा गूदा होता है। इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि यह दुनिया भर में बेशकीमती माना जाता है। मैंगोस्टीन (Mangosteen) मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया (Southeast Asia) का एक उष्णकटिबंधीय फल है, खासकर थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया और फिलीपींस में पाया जाता है, जो अपने मीठे-खट्टे स्वाद के लिए प्रसिद्ध है और भारत में भी कुछ उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगाया जाता है

4. रामबुतान (Rambutan)

मलेशिया और इंडोनेशिया का यह फल देखने में किसी समुद्री जीव जैसा लगता है। लाल रंग के इस फल पर बाल (Hairs) जैसे रेशे होते हैं। जब आप इसे छीलते हैं, तो अंदर से यह लीची जैसा दिखता है और इसका स्वाद भी लीची जैसा मीठा और रसीला होता है। रामबुतान (Rambutan) मुख्य रूप से दक्षिण पूर्व एशिया, खासकर मलेशिया और इंडोनेशिया का मूल फल है, जो अपने बालों जैसे लाल-हरे बाहरी आवरण और मीठे, रसदार गूदे के लिए जाना जाता है, और यह लीची से मिलता-जुलता है. यह थाईलैंड, फिलीपींस, श्रीलंका जैसे देशों में भी बड़े पैमाने पर उगाया जाता है और अब अन्य उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में भी पाया जाता है

5. पैशन फ्रूट (Passion Fruit)


इसे हिंदी में कभी-कभी ‘कृष्ण फल’ भी कहा जाता है। दक्षिण अमेरिका का यह फल अपनी तेज़ खुशबू के लिए जाना जाता है। इसे काटने पर अंदर रसीले बीज मिलते हैं, जिन्हें चम्मच से खाया जाता है या जूस बनाया जाता है। इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है। पैशन फ्रूट (Passion Fruit) मूल रूप से दक्षिण अमेरिका (ब्राजील, पैराग्वे, अर्जेंटीना) का फल है, लेकिन अब यह दुनिया भर के गर्म और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों (जैसे ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण पूर्व एशिया, भारत, अफ्रीका) में उगाया जाता है और इसकी खेती भारत में भी होती है, खासकर केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में, और यह अपनी पौष्टिकता और स्वाद के कारण बहुत लोकप्रिय है

6. कीवानो (Kiwano / Horned Melon)


यह फल किसी साइंस फिक्शन फिल्म का हिस्सा लगता है। इसका बाहरी हिस्सा नारंगी होता है जिस पर छोटे-छोटे सींग होते हैं। अंदर से यह हरे रंग की जेली जैसा होता है। इसका स्वाद खीरे, कीवी और केले के मिश्रण जैसा होता है। यह अफ्रीका में मुख्य रूप से पाया जाता है। किवानो (Kiwano / Horned Melon) मुख्य रूप से अफ्रीका के मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों, विशेषकर कालाहारी रेगिस्तान, का एक मूल फल है, जिसे ‘अफ्रीकी हॉर्न्ड कुकुम्बर’ या ‘सींग वाला खरबूजा’ भी कहते हैं, और यह अपने कांटेदार नारंगी छिलके और हरे, जिलेटिन जैसे गूदे के लिए जाना जाता है
7. सलाक या स्नेक फ्रूट (Salak / Snake Fruit)

इस फल का नाम इसके छिलके की वजह से पड़ा है, जो बिल्कुल सांप की त्वचा (Snake Skin) जैसा दिखता है। यह इंडोनेशिया में उगता है। छीलने पर यह लहसुन की कलियों जैसा दिखता है लेकिन इसका स्वाद अनानास और नींबू जैसा खट्टा-मीठा और कुरकुरा होता है। सलाक (Salak), जिसे स्नेक फ्रूट (Snake Fruit) भी कहते हैं, मुख्य रूप से इंडोनेशिया (Indonesia) का फल है, जो दक्षिण पूर्व एशिया (Southeast Asia) जैसे मलेशिया और थाईलैंड में भी पाया जाता है, और यह अपनी साँप जैसी दिखने वाली छिलके (Scaly skin) के कारण जाना जाता है. यह जावा और सुमात्रा जैसे क्षेत्रों में होता है और अपने मीठे-खट्टे स्वाद के लिए लोकप्रिय है

8. कीवी बेरीज (Kiwi Berries)

कीवी बेरीज देखने में अंगूर जैसे छोटे होते हैं, लेकिन अंदर से ये बिल्कुल कीवी फल (Kiwi fruit) जैसे हरे और काले बीजों वाले होते हैं। आम कीवी और इनमें सबसे बड़ा अंतर यह है कि इनकी त्वचा पर रोएं (Fuzz) नहीं होते और छिलका बहुत पतला होता है। इसका मतलब है कि आपको इन्हें छीलने की जरूरत नहीं पड़ती; आप इन्हें धोकर सीधे अंगूर की तरह पूरा खा सकते हैं। स्वाद में ये सामान्य कीवी से थोड़े ज्यादा मीठे और रसीले होते हैं। ये विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो इन्हें एक बेहतरीन हेल्दी स्नैक बनाते हैं। कीवी बेरी (Kiwi Berry) मूल रूप से उत्तरी चीन, कोरिया और रूस के ठंडे क्षेत्रों की रहने वाली हैं, लेकिन अब इन्हें न्यूजीलैंड, अमेरिका (ओरेगन, वाशिंगटन), इटली, फ्रांस, और भारत (हिमाचल, उत्तराखंड) जैसे कई देशों में उगाया जाता है, ये सामान्य कीवी के छोटे, बिना रोएं वाले, और खाने में आसान संस्करण हैं जिन्हें छीलने की ज़रूरत नहीं होती.

9. ग्रेनेडिला (Granadilla)


ग्रेनेडिला, जिसे ‘स्वीट पैशन फ्रूट’ भी कहा जाता है, पैशन फ्रूट परिवार का ही एक फल है। यह बाहर से नारंगी या सुनहरे पीले रंग का होता है और इसका छिलका सख्त और चिकना होता है। सामान्य खट्टे पैशन फ्रूट के विपरीत, ग्रेनेडिला का स्वाद बहुत मीठा और खुशबूदार होता है। इसे खाने के लिए इसके सख्त छिलके को तोड़ा जाता है और अंदर मौजूद जेली जैसे पारदर्शी गूदे और कुरकुरे काले बीजों को चम्मच से खाया जाता है। यह दक्षिण अमेरिका (खासकर पेरू और कोलंबिया) में बहुत लोकप्रिय है और पाचन के लिए अच्छा माना जाता है। ग्रेनाडिला (Granadilla) मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका (South America), खासकर कोलंबिया, इक्वाडोर और बोलीविया जैसे देशों के एंडियन पहाड़ी इलाकों का मूल फल है, जो पैशन फ्रूट परिवार का सदस्य है और अपने मीठे, हल्के स्वाद के लिए जाना जाता है। इसे मध्य और दक्षिण अमेरिका में कई नामों से जाना जाता है और यह अपने मीठे गूदे और सुगंध के कारण लोकप्रिय है
10. मिरकल फ्रूट (Miracle Fruit)


यह पश्चिमी अफ्रीका का एक छोटा सा लाल बेरी जैसा फल है, लेकिन इसका काम जादुई है। इसे खाने के बाद, अगले एक घंटे तक आप जो भी खट्टी चीज़ (जैसे नींबू) खाएंगे, वह आपको मीठी लगेगी! इसमें ‘मिराकुलिन’ (Miraculin) नाम का प्रोटीन होता है जो स्वाद ग्रंथियों (Taste buds) को बदल देता है। मिरेकल फ्रूट (Miracle Fruit) (Synsepalum dulcificum) मुख्य रूप से पश्चिम अफ्रीका (West Africa) का मूल फल है, जो अपनी चमत्कारी क्षमता के लिए जाना जाता है कि यह खट्टे खाद्य पदार्थों (जैसे नींबू) को अस्थायी रूप से मीठा बना देता है, जिसका कारण इसमें पाया जाने वाला मिराकुलिन नामक प्रोटीन है

निष्कर्ष: ये फल न केवल स्वाद में बेहतरीन हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी हैं। अगर आपको कभी विदेश यात्रा के दौरान या किसी सुपरमार्केट में इनमें से कोई फल दिखे, तो उसका स्वाद लेना न भूलें। नई चीज़ों को आजमाना ही तो जीवन का असली मज़ा है!
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