नाभि में तेल लगाने के जादुई फायदे जानें किस समस्या के लिए कौन सा तेल है सबसे बेहतर (Nabhi Chikitsa)
नाभि (Nabhi Chikitsa) हमारे शरीर का केंद्र बिंदु है। आयुर्वेद में इसे ‘पेचोटी’ कहा जाता है, जहाँ शरीर की 72,000 से अधिक नसें जुड़ी होती हैं। नाभि में तेल लगाना एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जो बिना किसी दुष्प्रभाव के शरीर को अद्भुत स्वास्थ्य लाभ पहुँचाती है। आयुर्वेद के अनुसार नाभि में तेल लगाना कई बीमारियों का रामबाण इलाज है। त्वचा, आंखों और पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए जानें सही तेल और उसके लाभ।
Nabhi Chikitsa नाभि में तेल लगाने के फायदे: एक प्राचीन आयुर्वेदिक रहस्य
आयुर्वेद के अनुसार, नाभि शरीर का वह हिस्सा है जहाँ से जीवन की शुरुआत होती है। माँ के गर्भ में बच्चा नाभि के जरिए ही पोषण प्राप्त करता है। जन्म के बाद भी यह बिंदु शरीर की ऊर्जा का केंद्र बना रहता है। नाभि में तेल लगाने की प्रक्रिया को ‘नाभि चिकित्सा’ कहा जाता है।


किस समस्या के लिए कौन सा तेल लगाएं?
समस्या के आधार पर अलग-अलग तेलों का उपयोग किया जाता है:
1. सरसों का तेल (Mustard Oil)
- फायदे: अगर आपके होंठ बार-बार फटते हैं, तो सरसों का तेल सबसे अच्छा है। यह आंखों की रोशनी बढ़ाने, पाचन तंत्र को सुधारने और जोड़ों के दर्द में राहत देने में मदद करता है।
- उपयोग: रात को सोते समय 2 बूंद लगाएं।
2. बादाम का तेल (Almond Oil)
- फायदे: चमकती त्वचा (Glowing Skin) के लिए बादाम का तेल रामबाण है। यह चेहरे के दाग-धब्बों को कम करता है और रंगत निखारता है। यह दिमाग की नसों को शांति देने के लिए भी अच्छा है।
3. नीम का तेल (Neem Oil)
- फायदे: अगर आपको चेहरे पर कील-मुंहासे (Acne) या व्हाइट हेड्स की समस्या है, तो नीम का तेल लगाएं। इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो त्वचा के इन्फेक्शन को ठीक करते हैं।


4. नारियल का तेल (Coconut Oil)
- फायदे: बालों के झड़ने की समस्या और रूखी त्वचा के लिए नारियल तेल श्रेष्ठ है। यह प्रजनन क्षमता (Fertility) में सुधार करने के लिए भी उपयोगी माना जाता है।
5. जैतून का तेल (Olive Oil)
- फायदे: मोटापे को नियंत्रित करने और कब्ज (Constipation) की समस्या को दूर करने के लिए जैतून का तेल नाभि में लगाना फायदेमंद होता है।
6. घी (Cow Ghee)
- फायदे: यदि त्वचा बहुत अधिक रूखी और बेजान है, तो शुद्ध देसी घी की कुछ बूंदें नाभि में लगाने से त्वचा मुलायम और कोमल हो जाती है।
छोटे बच्चों की नाभि में तेल लगाना (जिसे अक्सर हमारे यहाँ ‘नाल में तेल डालना’ कहा जाता है) उनके विकास और स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। बच्चों की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है, इसलिए सही तेल का चुनाव और सही तरीका जानना बहुत ज़रूरी है।
यहाँ छोटे बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित और असरदार तेलों की जानकारी दी गई है:
छोटे बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित तेल
| तेल का नाम | मुख्य लाभ (Benefits) |
| नारियल का तेल (Coconut Oil) | यह सबसे सुरक्षित और ‘लाइट’ होता है। बच्चों में पेट दर्द (Colic), कब्ज और त्वचा के रूखेपन को ठीक करने के लिए सबसे बेहतर है। |
| सरसों का तेल (Mustard Oil) | सर्दियों के मौसम में बहुत फायदेमंद है। यह शरीर को गर्माहट देता है और बच्चे को सर्दी-खांसी से बचाता है। |
| बादाम का तेल (Almond Oil) | यह विटामिन-E से भरपूर होता है। यह बच्चे की रंगत निखारने और उनकी नसों को मजबूती देने के लिए अच्छा है। |
| जैतून का तेल (Olive Oil) | अगर बच्चे की त्वचा बहुत ज्यादा ड्राई है, तो जैतून का तेल उसे गहराई से नमी देता है। |
बच्चों की नाभि में तेल लगाने के विशेष फायदे
- पेट दर्द (Colic) से राहत: छोटे बच्चे अक्सर गैस या पेट दर्द की वजह से रोते हैं। नाभि में गुनगुना नारियल तेल लगाकर हल्के हाथ से मालिश करने से गैस पास होने में मदद मिलती है।
- अच्छी नींद: रात को सोते समय नाभि में तेल लगाने से बच्चे का तंत्रिका तंत्र (Nervous System) शांत होता है, जिससे उन्हें गहरी और सुकून भरी नींद आती है।
- संक्रमण से बचाव: नाभि का हिस्सा संवेदनशील होता है। नारियल या नीम का हल्का तेल (बहुत कम मात्रा में) लगाने से वहाँ बैक्टीरिया नहीं पनपते।
- पाचन शक्ति: नियमित तेल लगाने से बच्चों की भूख बढ़ती है और उनका पाचन तंत्र मजबूत होता है।
सावधानियाँ (Precautions)
- नाल (Umbilical Cord) का गिरना: जब तक नवजात शिशु की नाल (Navel Cord) सूखकर अपने आप गिर न जाए और वह हिस्सा पूरी तरह ठीक न हो जाए, तब तक नाभि के अंदर तेल न डालें।
- तेल गुनगुना हो: तेल को कभी भी बहुत गर्म न करें, हल्का सा गुनगुना (Lukewarm) ही काफी है।
- सफाई का ध्यान: तेल लगाने से पहले अपने हाथ और बच्चे की नाभि को साफ रखें।
- पैच टेस्ट: पहली बार कोई नया तेल लगाने से पहले बच्चे के हाथ या पैर पर लगाकर देखें कि कहीं उसे एलर्जी तो नहीं हो रही।
Nabhi Chikitsa नाभि में तेल लगाने के मुख्य स्वास्थ्य लाभ
- पाचन में सुधार: नाभि पर तेल की मालिश करने से जठराग्नि तेज होती है, जिससे गैस, बदहजमी और कब्ज जैसी समस्याएं दूर रहती हैं।
- मानसिक शांति: तेल लगाने से वेगस नर्व प्रभावित होती है, जो तनाव (Stress) और चिंता को कम करने में मदद करती है।
- आंखों के लिए वरदान: नाभि का सीधा संबंध आंखों की नसों से होता है। नियमित तेल लगाने से आंखों का सूखापन और कमजोरी दूर होती है।
- जोड़ों का दर्द: सूजनरोधी तेल (जैसे सरसों या तिल का तेल) लगाने से शरीर के विभिन्न जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
लगाने का सही तरीका
- रात को सोने से पहले नाभि को साफ करें।
- अपनी उंगली या ड्रॉपर की मदद से 2-3 बूंद तेल नाभि में डालें।
- नाभि के आसपास लगभग 1 इंच के घेरे में हल्के हाथ से 2 मिनट तक मालिश करें।
- इसे रात भर लगा रहने दें ताकि शरीर इसे पूरी तरह सोख ले।
सावधानी: हमेशा शुद्ध और प्राकृतिक तेल का ही प्रयोग करें। यदि नाभि में कोई घाव या संक्रमण हो, तो तेल लगाने से बचें।
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