अजित पवार के सफर के बाद रडार पर आई विमान कंपनी: DGCA ने दिया ‘स्पेशल ऑडिट’ का आदेश, सुरक्षा नियमों की होगी कड़ी जाँच Ajit Pawar Plane DGCA Audit
Ajit Pawar Plane DGCA Audit महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार जिस निजी कंपनी के विमान से यात्रा कर रहे थे, अब DGCA उसका पूरा हिसाब-किताब करेगा। सुरक्षा में चूक की शिकायतों के बाद DGCA ने स्पेशल ऑडिट का फैसला लिया है।

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की हवाई यात्रा के बाद अब विमानन कंपनी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ✈️ सुरक्षा प्रोटोकॉल में संभावित चूक को देखते हुए DGCA ने ‘स्पेशल ऑडिट’ का आदेश दिया है। अब कंपनी के रखरखाव से लेकर कागजों तक की होगी गहन जाँच। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।

अजित पवार की यात्रा के बाद विमानन कंपनी पर संकट: DGCA करेगा ‘स्पेशल ऑडिट’
भूमिका विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए उस निजी चार्टर्ड विमानन कंपनी के ‘स्पेशल ऑडिट’ (Special Audit) का आदेश दिया है, जिसके विमान का उपयोग हाल ही में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने किया था। यह कार्रवाई वीआईपी सुरक्षा और विमानन सुरक्षा मानकों (Safety Standards) के प्रति सरकार की सख्ती को दर्शाती है।

क्या है पूरा मामला?
हाल ही में उपमुख्यमंत्री अजित पवार एक आधिकारिक दौरे या राजनीतिक कार्यक्रम के सिलसिले में एक चार्टर्ड प्लेन से यात्रा कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा के दौरान या उसके तुरंत बाद सुरक्षा और तकनीकी संचालन से जुड़ी कुछ ऐसी बातें सामने आईं, जिन्होंने DGCA को सतर्क कर दिया। हालांकि, अभी तक किसी बड़े हादसे की खबर नहीं है, लेकिन प्रक्रियागत खामियों को देखते हुए नियामक ने कंपनी के पूरे रिकॉर्ड की जाँच करने का फैसला किया है।

‘स्पेशल ऑडिट’ में क्या होगा?
DGCA का स्पेशल ऑडिट एक सामान्य निरीक्षण से कहीं अधिक गहन होता है। इसमें निम्नलिखित पहलुओं की बारीकी से जाँच की जाएगी:
- विमान का रखरखाव (Maintenance): क्या विमान की समय-समय पर सर्विसिंग की गई थी? क्या इस्तेमाल किए गए कलपुर्जे प्रमाणित थे?
- क्रू ट्रेनिंग (Crew Training): क्या पायलट और केबिन क्रू के पास आवश्यक अनुभव और वैध लाइसेंस थे? क्या उन्होंने उड़ान से पहले के सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया?
- लॉग बुक और दस्तावेज: कंपनी के पिछले 6 महीनों से एक साल तक के उड़ान रिकॉर्ड और लॉग बुक की जाँच की जाएगी ताकि किसी भी तरह की विसंगति का पता लगाया जा सके।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल: वीआईपी मूवमेंट के दौरान जो विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल होते हैं, क्या कंपनी ने उनका शत-प्रतिशत पालन किया?

अजित पवार और वीआईपी सुरक्षा का पहलू
भारत में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है। जब भी कोई वीआईपी निजी चार्टर्ड विमान का उपयोग करता है, तो उस विमान को ‘फिट टू फ्लाई’ (Fit to Fly) का कड़ा प्रमाण पत्र चाहिए होता है। इस मामले में DGCA यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कंपनी ने कहीं भी शॉर्टकट तो नहीं अपनाया। यदि ऑडिट में कोई बड़ी चूक पाई जाती है, तो कंपनी का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है या भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
विमानन क्षेत्र में सख्ती का संदेश
पिछले कुछ समय में भारत में चार्टर्ड विमानों और हेलीकॉप्टरों से जुड़ी तकनीकी खराबी की खबरें बढ़ी हैं। DGCA का यह आदेश केवल एक कंपनी के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी चार्टर्ड विमानन इंडस्ट्री के लिए एक संदेश है कि सुरक्षा मानकों के साथ कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, खासकर जब मामला देश के महत्वपूर्ण नेताओं की सुरक्षा से जुड़ा हो।
अजित पवार के विमान से जुड़े इस ऑडिट ने महाराष्ट्र के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। अब सबकी नजरें DGCA की रिपोर्ट पर हैं। यदि रिपोर्ट में खामियां पाई जाती हैं, तो उस निजी कंपनी के लिए भविष्य में परिचालन करना मुश्किल हो सकता है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि आसमान की ऊंचाइयों में सुरक्षा ही सबसे बड़ा कानून है।
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