सावधान! क्या आपके गले पर भी निकल रहे हैं छोटे-मस्से? एंडोक्रोनोलॉजिस्ट से जानें इनका इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज से गहरा कनेक्शन Insulin Resistance
क्या गले के मस्से इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हैं? जानें क्यों होते हैं स्किन टैग्स, इनका मेटाबॉलिक हेल्थ से क्या संबंध है और एंडोक्रोनोलॉजिस्ट की इस पर क्या राय है। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
गले पर मस्से और इंसुलिन रेजिस्टेंस
अक्सर हम अपने चेहरे और शरीर की बनावट पर बहुत ध्यान देते हैं, लेकिन शरीर पर होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को ‘मामूली’ समझकर छोड़ देते हैं। इन्हीं में से एक है गले पर निकलने वाले मस्से (Skin Tags)। कई लोग इन्हें धागे से बांधकर या घरेलू नुस्खों से हटाने की कोशिश करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये मस्से बार-बार क्यों निकल रहे हैं?
मेडिकल साइंस और एंडोक्रोनोलॉजिस्ट (Endocrinologists) के अनुसार, ये मस्से केवल उम्र बढ़ने का संकेत नहीं हैं, बल्कि ये आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म में आ रही गड़बड़ी की चेतावनी हो सकते हैं।

क्या है इंसुलिन रेजिस्टेंस और मस्सों का संबंध?
इंसुलिन हमारे शरीर का एक हार्मोन है जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है। जब हमारे शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति सही प्रतिक्रिया देना बंद कर देती हैं, तो इसे इंसुलिन रेजिस्टेंस कहा जाता है। ऐसी स्थिति में अग्न्याशय (Pancreas) को अधिक इंसुलिन बनाना पड़ता है।

रक्त में इंसुलिन का उच्च स्तर (Hyperinsulinemia) त्वचा की कोशिकाओं के विकास को उत्तेजित करता है। इंसुलिन एक ‘ग्रोथ फैक्टर’ की तरह काम करता है, जो त्वचा की बाहरी परत (Epidermis) की कोशिकाओं को तेजी से विभाजित होने के लिए प्रेरित करता है, जिससे छोटे-छोटे मस्से या स्किन टैग्स बन जाते हैं।
एकैन्थोसिस निग्रिकन्स (Acanthosis Nigricans) – एक और बड़ा संकेत Insulin Resistance
सिर्फ मस्से ही नहीं, अगर आपकी गर्दन के पीछे या बगल (Underarms) की त्वचा काली और मखमली (Velvety) हो रही है, तो इसे मेडिकल भाषा में एकैन्थोसिस निग्रिकन्स कहा जाता है। एंडोक्रोनोलॉजिस्ट इसे इंसुलिन रेजिस्टेंस का सबसे पक्का संकेत मानते हैं। यह बताता है कि आपका शरीर डायबिटीज की दहलीज पर खड़ा है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
प्रसिद्ध एंडोक्रोनोलॉजिस्ट्स का मानना है कि यदि किसी व्यक्ति के शरीर पर अचानक बहुत सारे स्किन टैग्स उभरने लगें, तो उन्हें तुरंत अपना HbA1c और Fasting Insulin टेस्ट करवाना चाहिए। यह केवल सुंदरता की समस्या नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि आपके शरीर को कार्बोहाइड्रेट्स को पचाने में दिक्कत हो रही है।
Insulin Resistance किसे है सबसे ज्यादा खतरा?
Insulin Resistance इंसुलिन रेजिस्टेंस और मसों का खतरा उन लोगों में अधिक होता है जो:
- मोटापे से जूझ रहे हैं (विशेषकर पेट की चर्बी)।
- जिनकी जीवनशैली गतिहीन (Sedentary) है।
- जिन्हें PCOS/PCOD की समस्या है।
- जिनके परिवार में डायबिटीज का इतिहास रहा है।
बचाव और समाधान क्या है?
अगर आपको भी ऐसे लक्षण दिख रहे हैं, तो घबराने के बजाय अपनी लाइफस्टाइल में ये बदलाव करें:
- लो-कार्ब डाइट: अपनी डाइट में चीनी, मैदा और प्रोसेस्ड फूड को कम करें। फाइबर और प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं।
- नियमित व्यायाम: शारीरिक सक्रियता मांसपेशियों की इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाती है।
- वजन नियंत्रण: शरीर का वजन केवल 5-7% कम करने से भी इंसुलिन लेवल में सुधार हो सकता है।
- डॉक्टरी सलाह: अगर मस्से बढ़ रहे हैं, तो किसी विशेषज्ञ से मिलकर अपना मेटाबॉलिक प्रोफाइल चेक करवाएं।
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