12 Years Of ModiJi: परिवर्तन के 12 वर्ष ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प से आत्मनिर्भरता तक, कैसे पीएम मोदी ने बदला भारत का भाग्य
12 Years Of ModiJi: मोदी सरकार के सफल 12 साल गरीब कल्याण से लेकर वैश्विक पटल पर धाक तक, ‘नए भारत’ के उदय की पूरी कहानी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे। जानिए कैसे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के महामंत्र के साथ 140 करोड़ देशवासियों की सेवा में समर्पित रहे ये 12 साल। नीति, प्रगति और वैश्विक गौरव के सफर पर एक विशेष रिपोर्ट।
सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 बेमिसाल वर्ष! 12 साल पहले आज ही के दिन आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने देश के विकास और परिवर्तन की शपथ ली थी। 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के संकल्प को जीवनधर्म बनाकर उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों के जीवन को संवारा है। नए भारत के इस महानायक को कोटि-कोटि नमन! 🙏
सेवा और सुशासन के 12 वर्ष: एक शपथ से ‘नये भारत’ के उदय की महागाथा 12 Years Of ModiJi:
नई दिल्ली: भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में कुछ क्षण ऐसे होते हैं जो आने वाले कई दशकों की दिशा और दशा तय कर देते हैं। आज से ठीक 12 वर्ष पहले, जब श्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, तब वह केवल एक सरकार का बदलाव नहीं था, बल्कि वह 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं, सपनों और एक नए आत्मविश्वास का सूर्योदय था। उस एक शपथ के साथ देश ने ‘नीतिगत पंगुता’ (Policy Paralysis) के दौर को पीछे छोड़कर ‘परिवर्तन और त्वरित विकास’ के एक नए अध्याय में प्रवेश किया था।
इस ऐतिहासिक सफर के केंद्र में एक ही मूलमंत्र रहा है — “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास।” पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने इसी संकल्प को अपना जीवनधर्म बनाकर, बिना थके और बिना रुके, देश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की सेवा में खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया है। आज भारत सिर्फ विकास की दौड़ में शामिल नहीं है, बल्कि वह दुनिया के सामने आत्मविश्वास, सामर्थ्य और सांस्कृतिक गौरव के साथ एक ‘विश्वमित्र’ के रूप में नई पहचान स्थापित कर चुका है।

गरीब कल्याण और अंत्योदय: सम्मान से जीने का अधिकार
12 Years Of ModiJi: प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि उन्होंने विकास के लाभ को मंत्रालयों के कमरों से निकालकर सीधे गरीब की झोपड़ी तक पहुंचाया है। ‘अंत्योदय’ (सबसे निचले स्तर के व्यक्ति का उदय) को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने ऐसी नीतियां बनाईं, जिन्होंने समाज के वंचित वर्ग को खैरात के भरोसे नहीं, बल्कि हक और सम्मान के साथ जीना सिखाया।
- जनधन-आधार-मोबाइल (JAM Trinity): करोड़ों गरीबों के बैंक खाते खोलकर बिचौलियों के भ्रष्टाचार को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया। अब सरकारी मदद सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों (DBT) में पहुंचती है।
- आयुष्मान भारत योजना: दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना ने गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के समय कर्ज के जाल में फंसने से बचाया और 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया।
- पीएम आवास और उज्ज्वला योजना: करोड़ों परिवारों को पक्का मकान मिला और माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाकर एलपीजी (LPG) सिलेंडर सौंपे गए।
- हर घर जल (जल जीवन मिशन): दशकों से पानी के संकट से जूझ रहे ग्रामीण भारत के करोड़ों घरों तक नल से साफ जल पहुंचाना किसी भगीरथ प्रयास से कम नहीं है।
नारी शक्ति का सशक्तिकरण: राष्ट्र निर्माण में आधी आबादी
विगत 12 वर्षों में भारत ने महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण में एक बड़ा बदलाव देखा है। सरकार की सोच ‘महिला विकास’ (Women’s Development) से आगे बढ़कर ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ (Women-led Development) पर केंद्रित हुई है।
तीन तलाक जैसी कुप्रथा की समाप्ति से मुस्लिम महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा मिली, तो वहीं ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने सामाजिक चेतना को जगाया। सेनाओं में महिलाओं को कमांड भूमिकाएं देना, ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के जरिए संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करना और ‘लखपति दीदी’ योजना के माध्यम से करोड़ों ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाना यह साबित करता है कि नए भारत की रीढ़ हमारी नारी शक्ति है।
युवाओं के सपनों को उड़ान: स्टार्टअप और डिजिटल क्रांति
12 Years Of ModiJi: प्रधानमंत्री अक्सर कहते हैं कि यह सदी भारत के युवाओं की है। पिछले 12 वर्षों में युवाओं को केवल ‘रोजगार मांगने वाला’ नहीं, बल्कि ‘रोजगार देने वाला’ (Job Creators) बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- स्टार्टअप इंडिया (Startup India): साल 2014 से पहले जहां गिने-चुने स्टार्टअप्स थे, आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है, जिसमें टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक है।
- डिजिटल इंडिया: आज भारत दुनिया में सबसे तेजी से डिजिटल भुगतान (UPI) करने वाला देश है। रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर बड़े मॉल्स तक डिजिटल लेनदेन भारत के युवाओं की तकनीकी क्षमता की गवाही दे रहा है।
- मुद्रा योजना: बिना गारंटी के लोन देकर करोड़ों युवाओं को स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराए गए हैं।
12 Years Of ModiJi: बुनियादी ढांचा (Infrastructure) और आधुनिक कनेक्टिविटी
भारत की आर्थिक रफ्तार को गति देने के लिए पिछले 12 वर्षों में जिस पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हुआ है, उसकी मिसाल पहले कभी नहीं मिलती।
| क्षेत्र (Sector) | अभूतपूर्व प्रगति और बदलाव (Scale of Transformation) |
| राजमार्ग (Highways) | प्रतिदिन रिकॉर्ड किलोमीटर सड़कों और एक्सप्रेसवे (Expressways) का निर्माण। |
| रेलवे (Railways) | ‘वंदे भारत’ (Vande Bharat) जैसी अत्याधुनिक सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों का जाल और स्टेशनों का पुनर्विकास। |
| उड्डयन (Aviation) | ‘उड़ान’ (UDAN) योजना के तहत हवाई चप्पल पहनने वाले नागरिकों के लिए भी हवाई यात्रा सुलभ हुई; दर्जनों नए हवाई अड्डों का निर्माण। |
| डिजिटल कनेक्टिविटी | दुनिया में सबसे तेजी से 5G रोलआउट करना और अब 6G की ओर कदम बढ़ाना। |
वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ता मान-सम्मान
12 साल पहले का भारत वैश्विक मंचों पर अक्सर एक मूक दर्शक की भूमिका में रहता था, लेकिन आज का भारत नीतियां और एजेंडा तय करता है। प्रधानमंत्री मोदी की स्पष्ट और दूरदर्शी विदेश नीति (Foreign Policy) का ही नतीजा है कि आज दुनिया के बड़े से बड़े संकटों में भारत की भूमिका मध्यस्थ और समाधानकर्ता की होती है।
भारत की अध्यक्षता में हुआ G20 शिखर सम्मेलन इसका सबसे बड़ा प्रमाण है, जहां पूरी दुनिया ने न केवल भारत के प्रबंधन कौशल को देखा, बल्कि नई दिल्ली घोषणापत्र पर आम सहमति बनाकर भारत के कूटनीतिक सामर्थ्य को भी स्वीकार किया। यूक्रेन संकट हो या वैश्विक महामारी के दौरान ‘वैक्सीन मैत्री’ के तहत दुनिया के देशों की मदद करना, भारत ने हमेशा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सिद्धांत को जिया है।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण: विरासत भी, विकास भी
12 Years Of ModiJi प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी आधुनिक प्रगति के साथ-साथ अपनी प्राचीन विरासत और सांस्कृतिक जड़ों को भी उतनी ही मजबूती से सींचा है। सरकार का मंत्र रहा है—“विरासत भी, विकास भी”।
अयोध्या में भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का कायाकल्प, उज्जैन के महाकाल लोक का निर्माण, और केदारनाथ-बद्रीनाथ धामों का जीर्णोद्धार केवल धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि यह भारत के सांस्कृतिक हीनभावना से बाहर निकलने और अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व करने का प्रतीक है। इसके साथ ही, योग को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में वैश्विक मान्यता दिलाना भारत की सॉफ्ट पावर की एक बड़ी जीत है।
निष्कर्ष: आत्मनिर्भरता और विकसित भारत का संकल्प
“यह समय ठहरने का नहीं है, यह समय थमने का नहीं है। यह समय भारत के संकल्पों को सिद्ध करने का है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
12 Years Of ModiJi: पिछले 12 वर्षों का यह सफर केवल एक राजनीतिक कार्यकाल की कहानी नहीं है। यह कहानी है निराशा के माहौल से निकलकर ‘अमृत काल’ में प्रवेश करते एक जीवंत राष्ट्र की। यह कहानी है 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक पुरुषार्थ की, जिसे पीएम मोदी के विजनरी नेतृत्व ने एक नई दिशा दी है।
आज जब भारत ‘वर्ष 2047 तक विकसित भारत’ बनने के विराट लक्ष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है, तो देश के कोने-कोने से एक ही आवाज गूंजती है कि प्रधानमंत्री मोदी की अटूट मेहनत और दूरदर्शी सोच ने देश को वह सामर्थ्य दिया है जिससे हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। देश निर्माण के इस अद्भुत, अकल्पनीय और स्वर्णिम 12 वर्षों के सफर के लिए… मोदी जी को सलाम!
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