Middle East Conflict जानिए क्यों भिड़े हैं ईरान और इजरायल? अमेरिका की क्या भूमिका है? मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के पीछे की पूरी कहानी और इतिहास विस्तार से।
ईरान-इजरायल संघर्ष: दुश्मनी, बारूद और बदलती दुनिया की कहानी
आज जब हम समाचार खोलते हैं, तो मिसाइलों की गड़गड़ाहट और धमाकों की खबरें आम हो गई हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ये देश एक-दूसरे के खून के प्यासे क्यों हैं? क्या यह सिर्फ ज़मीन का झगड़ा है या इसके पीछे विचारधारा और सत्ता की गहरी जंग है?
Middle East Conflict दोस्त से दुश्मन बनने का सफर
हैरानी की बात यह है कि 1979 से पहले ईरान और इजरायल के बीच अच्छे संबंध थे। लेकिन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ईरान की सत्ता बदल गई और नई सरकार ने इजरायल को मान्यता देने से इनकार कर दिया। तब से ईरान, इजरायल को “छोटा शैतान” और अमेरिका को “बड़ा शैतान” कहने लगा।
युद्ध की ताज़ा चिंगारी: हमास और हिजबुल्लाह
मौजूदा तनाव की मुख्य वजह 7 अक्टूबर 2023 की घटना है, जब हमास (एक फिलिस्तीनी संगठन) ने इजरायल पर हमला किया। इजरायल का मानना है कि हमास को पूरी तरह से ईरान का समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा, लेबनान का हिजबुल्लाह भी ईरान के इशारे पर इजरायल पर हमले करता रहता है। इजरायल इन संगठनों को खत्म करना चाहता है, जबकि ईरान इन्हें अपनी ‘प्रतिरोध की धुरी’ (Axis of Resistance) मानता है।
‘शैडो वॉर’ से सीधी जंग तक Middle East Conflict
दशकों तक ये दोनों देश एक-दूसरे पर परोक्ष रूप से (Proxy War) हमला करते रहे। लेकिन हाल ही में स्थिति तब बिगड़ी जब:
- इजरायल ने सीरिया में ईरानी दूतावास पर हमला किया।
- जवाब में ईरान ने पहली बार अपनी धरती से सीधे इजरायल पर सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे।
- इजरायल ने भी पलटवार किया, जिससे यह ‘छाया युद्ध’ अब एक खुले युद्ध में बदलता दिख रहा है।
अमेरिका की क्या भूमिका है?
अमेरिका इस पूरे मामले में इजरायल का सबसे मजबूत सहयोगी है। अमेरिका के यहाँ दो मुख्य उद्देश्य हैं:

- इजरायल की सुरक्षा: अमेरिका ने इजरायल को आधुनिक हथियार और रक्षा प्रणालियाँ (जैसे आयरन डोम) प्रदान की हैं।
- तेल और व्यापार: मध्य पूर्व दुनिया के तेल का एक बड़ा हिस्सा नियंत्रित करता है। अगर वहां युद्ध होता है, तो पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छूने लगेंगे, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचेगी।
परमाणु हथियारों का डर
इजरायल का सबसे बड़ा डर यह है कि ईरान परमाणु बम बना रहा है। इजरायल का मानना है कि अगर ईरान के पास परमाणु शक्ति आ गई, तो वह इजरायल का अस्तित्व मिटा देगा। वहीं, ईरान कहता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
इस युद्ध का दुनिया पर क्या असर होगा?
अगर यह तनाव एक पूर्ण युद्ध (Full-scale War) में बदलता है, तो इसके परिणाम भयावह होंगे:
- महंगाई: कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से हर चीज़ महंगी हो जाएगी।
- शरणार्थी संकट: लाखों लोग बेघर हो जाएंगे।
- वैश्विक विभाजन: दुनिया फिर से दो गुटों में बंट जाएगी—एक तरफ अमेरिका और पश्चिमी देश, दूसरी तरफ ईरान, रूस और चीन।
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