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भारत में उत्सवों की बहार (Festivals Of India): बैसाखी, विशु और पुथंडु के साथ आज पूरा देश मना रहा है खुशियों का त्योहार!

भारत में उत्सवों की बहार (Festivals Of India): बैसाखी, विशु और पुथंडु के साथ आज पूरा देश मना रहा है खुशियों का त्योहार!

Festivals Of India: विविधता में एकता का रंग! आज उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक भारत उत्सवों में डूबा है। जानें आज भारत के हर राज्य में कौन सा त्योहार मनाया जा रहा है। बैसाखी से लेकर बोहाग बिहू तक, भारतीय नव वर्ष की सांस्कृतिक झलक और परंपराओं पर विशेष लेख। आज 14 अप्रैल, 2026 है, और भारत में आज का दिन सांस्कृतिक विविधता का एक अद्भुत संगम है। आज पूरा भारत किसी न किसी रूप में ‘नव वर्ष’ या ‘कटाई के उत्सव’ का आनंद ले रहा है।

नई फसल, नई उम्मीदें और नया साल! आप सभी को बैसाखी, विशु और पुथंडु की हार्दिक शुभकामनाएँ।

आप सभी को इन पावन पर्वों की अनंत शुभकामनाएँ!

Festivals Of India क्या आप जानते हैं आज भारत के अलग-अलग राज्यों में कौन से नाम से त्योहार मनाया जा रहा है?

Festivals Of India
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भारत के हर कोने में उत्सव की गूंज Festivals Of India

एक देश, अनेक उत्सव

Festivals Of India भारत एक ऐसा देश है जहाँ कैलेंडर की एक ही तारीख अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग रंगों में रंगी होती है। आज यानी 14 अप्रैल का दिन इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है (मेष संक्रांति), तो भारत के अधिकांश हिस्सों में सौर नव वर्ष की शुरुआत होती है। कहीं इसे किसान नई फसल की खुशी में मनाते हैं, तो कहीं इसे धार्मिक नव वर्ष के रूप में पूजा जाता है।

1. उत्तर भारत: बैसाखी की उमंग (पंजाब और हरियाणा)

उत्तर भारत, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में आज ‘बैसाखी’ का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

  • महत्व: यह त्योहार रबी की फसल पकने की खुशी में मनाया जाता है। सिखों के लिए इसका धार्मिक महत्व भी है, क्योंकि इसी दिन 1699 में गुरु गोविंद सिंह जी ने ‘खालसा पंथ’ की स्थापना की थी।
  • उत्सव का तरीका: ढोल की थाप पर भांगड़ा और गिद्दा, गुरुद्वारों में अरदास और कड़ाह प्रसाद का वितरण आज के दिन की मुख्य विशेषता है।

2. दक्षिण भारत: विशु और पुथंडु (केरल और तमिलनाडु)

दक्षिण के राज्यों में आज नव वर्ष का स्वागत बेहद पारंपरिक तरीके से किया जा रहा है।

  • केरल (विशु): केरल में आज ‘विशु’ मनाया जा रहा है। लोग सुबह-सुबह ‘विशु कणी’ (भगवान के दर्शन) करते हैं, जिसमें फल, फूल, अनाज और सोना सजाया जाता है। माना जाता है कि सुबह सबसे पहले शुभ चीजों को देखने से पूरा साल अच्छा बीतता है।
  • तमिलनाडु (पुथंडु): तमिलनाडु में इसे ‘पुथंडु’ या तमिल नव वर्ष कहा जाता है। घरों के बाहर खूबसूरत ‘कोलम’ (रंगोली) बनाई जाती है और ‘वेप्पम पू पचड़ी’ (नीम के फूलों से बनी चटनी) बनाई जाती है, जो जीवन के कड़वे और मीठे अनुभवों का प्रतीक है।

3. पूर्वोत्तर भारत: बोहाग बिहू (असम)

असम में आज से ‘बोहाग बिहू’ या ‘रोंगाली बिहू’ की शुरुआत हो रही है। यह असमिया नव वर्ष का प्रतीक है।

  • उत्सव: लोग पारंपरिक ‘मेखला चादर’ पहनकर बिहू नृत्य करते हैं। यह त्योहार सात दिनों तक चलता है, जिसमें प्रकृति और मवेशियों की पूजा की जाती है। ‘पीठा’ और ‘लारू’ जैसे व्यंजनों की खुशबू हर घर में महकती है।

4. पूर्वी भारत: पोइला बैसाख और महा विषुव संक्रांति (बंगाल और ओडिशा)

  • पश्चिम बंगाल (पोइला बैसाख): बंगाली समुदाय आज अपना नया साल मना रहा है। व्यापारी आज ‘हाल खाता’ (नया बहीखाता) शुरू करते हैं। पारंपरिक भोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस दिन की जान होते हैं।
  • ओडिशा (पड़ा संक्रांति): ओडिशा में इसे ‘महा विषुव संक्रांति’ या ‘पना संक्रांति’ कहा जाता है। यहाँ लोग ‘पना’ (एक विशेष पेय) का सेवन करते हैं और हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है।

5. अन्य राज्यों में झलक Festivals Of India

  • बिहार: यहाँ ‘जुड़ शीतल’ मनाया जाता है, जहाँ बड़ों का आशीर्वाद लिया जाता है और प्रकृति को ठंडा रखने के लिए जल दान किया जाता है।
  • उत्तराखंड: कुमाऊं और गढ़वाल में ‘बिखोती’ या ‘बिखौती’ का मेला लगता है।
  • पश्चिम बंगाल में आज ‘पोइला बैसाख’ (Poila Baisakh) का त्यौहार मनाया जा रहा है, जिसे बंगाली नव वर्ष के रूप में जाना जाता है।

सांस्कृतिक महत्व और एकता

नाम भले ही अलग हों—चाहे वह बैसाखी हो, विशु हो या बिहू—लेकिन इन सबके पीछे की भावना एक ही है: आभार और नई शुरुआत। यह त्योहार हमें सिखाते हैं कि हम प्रकृति से कितने गहराई से जुड़े हुए हैं। किसान अपनी मेहनत का फल देखकर ईश्वर को धन्यवाद देता है, और पूरा समाज मिलकर भाईचारे का संदेश देता है।

आज का दिन भारतीय संस्कृति की उस ‘खिचड़ी’ की तरह है जिसमें हर दाल और चावल का अपना स्वाद है, लेकिन मिलकर वह एक संपूर्ण और स्वादिष्ट व्यंजन बनता है। भारत के हर राज्य में आज खुशियों का माहौल है, जो यह दर्शाता है कि भौगोलिक दूरियों के बावजूद हमारा दिल एक ही लय में धड़कता है।



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