Baby Massage Benefits: बच्चों की मालिश क्यों है जरूरी? जानें कब से शुरू करें मालिश और कौन सा तेल रहेगा सबसे बेस्ट?
बच्चों की मालिश उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए वरदान है। जानें मालिश शुरू करने का सही समय, सही तरीका और इससे होने वाले आश्चर्यजनक स्वास्थ्य लाभों के बारे में पूरी जानकारी।
नवजात शिशु की देखभाल में ‘मालिश’ यानी ‘बेबी मसाज’ एक सदियों पुरानी परंपरा है, जिसे आज का आधुनिक विज्ञान भी बेहद फायदेमंद मानता है। मालिश केवल एक शारीरिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह मां और बच्चे के बीच भावनात्मक बंधन को मजबूत करने का एक जरिया भी है।
बच्चों की मालिश: क्यों है यह इतनी जरूरी?

मालिश शुरू करने का सही समय
विशेषज्ञों के अनुसार, शिशु के जन्म के तुरंत बाद मालिश शुरू करने के बजाय थोड़ा इंतजार करना बेहतर होता है।
- सही समय: आमतौर पर जब बच्चे की गर्भनाल (Umbilical Cord) गिर जाए और वह हिस्सा पूरी तरह सूख जाए, तब मालिश शुरू करनी चाहिए। इसमें जन्म के बाद 10 से 15 दिन लग सकते हैं।
- समय का चुनाव: मालिश तब करें जब बच्चा शांत हो और भूखा न हो। दूध पिलाने के तुरंत बाद मालिश करने से बचें, कम से कम 45 मिनट का अंतराल रखें।
मालिश से होने वाले बेमिसाल फायदे Baby Massage Benefits

1. हड्डियों और मांसपेशियों की मजबूती: नियमित मालिश से बच्चे के शरीर में रक्त संचार (Blood Circulation) बेहतर होता है। इससे मांसपेशियों में लचीलापन आता है और हड्डियां मजबूत होती हैं, जिससे बच्चे के शारीरिक विकास में तेजी आती है।
2. बेहतर नींद में सहायक: मालिश के दौरान शरीर में ‘ऑक्सीटोसिन’ और ‘मेलाटोनिन’ जैसे हार्मोन्स रिलीज होते हैं, जो बच्चे को रिलैक्स महसूस कराते हैं। इससे बच्चा गहरी और सुकून भरी नींद सोता है।
3. पाचन और पेट की समस्याओं से राहत: अक्सर छोटे बच्चों को गैस, कब्ज या कोलिक (Colic) की समस्या रहती है। पेट की हल्के हाथों से मालिश करने से पाचन तंत्र सक्रिय होता है और पेट के दर्द में आराम मिलता है।
4. भावनात्मक जुड़ाव (Bonding): मालिश के दौरान जब माता-पिता बच्चे को छूते हैं और उससे बातें करते हैं, तो इससे बच्चा सुरक्षित महसूस करता है। यह ‘स्किन-टू-स्किन’ टच बच्चे के मानसिक विकास के लिए बहुत जरूरी है।
5. वजन बढ़ाने में मददगार: अध्ययनों से पता चला है कि जिन शिशुओं की नियमित मालिश की जाती है, उनके वजन में उन बच्चों की तुलना में बेहतर सुधार देखा जाता है जिनकी मालिश नहीं होती।

महत्वपूर्ण टिप्स: मालिश करते समय क्या ध्यान रखें?
- तेल का चुनाव: मौसम के हिसाब से तेल चुनें। गर्मियों में नारियल तेल और सर्दियों में जैतून या बादाम का तेल अच्छा रहता है। ध्यान रहे कि तेल खुशबू रहित (Fragrance-free) हो।
- दबाव: बच्चे की त्वचा बहुत नाजुक होती है, इसलिए दबाव बहुत हल्का रखें। हाथों को हमेशा नीचे से ऊपर की दिशा में चलाएं।
- तापमान: कमरा न तो बहुत ठंडा हो और न ही बहुत गर्म। मालिश के बाद बच्चे को गुनगुने पानी से नहलाना फायदेमंद होता है।
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