HomeCrimeSamarth Singh Surrender: पति समर्थ सिंह सरेंडर करने पहुंचा जबलपुर कोर्ट, जज...

Samarth Singh Surrender: पति समर्थ सिंह सरेंडर करने पहुंचा जबलपुर कोर्ट, जज ने कहा- ‘भोपाल जाओ, वहीं करो आत्मसमर्पण’

Samarth Singh Surrender: पति समर्थ सिंह सरेंडर करने पहुंचा जबलपुर कोर्ट, जज ने कहा- ‘भोपाल जाओ, वहीं करो आत्मसमर्पण’

Samarth Singh Surrender: 30 हजार का इनामी पति समर्थ जबलपुर कोर्ट में हाजिर, लुकआउट नोटिस के बीच सरेंडर से इनकार, अब भोपाल पुलिस करेगी पूछताछ। ट्विशा शर्मा मौत मामले में फरार चल रहा 30 हजार का इनामी पति समर्थ सिंह शुक्रवार को जबलपुर जिला कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा। हालांकि, कोर्ट ने उसे भोपाल में सरेंडर करने का आदेश दिया है। जानिए अब भोपाल की कटारा हिल्स पुलिस क्या कदम उठाएगी।

Samarth Singh Surrender: ट्विशा शर्मा मौत मामले में सबसे बड़ी खबर! 12 मई की रात से फरार चल रहा मृतका का पति समर्थ सिंह अचानक शुक्रवार को जबलपुर जिला कोर्ट में सरेंडर करने पहुंच गया। लेकिन यहाँ उसे बड़ा झटका लगा; कोर्ट ने साफ़ कह दिया कि मामला भोपाल का है, इसलिए सरेंडर भी भोपाल में ही करो! ₹30,000 के इस इनामी आरोपी पर लुकआउट नोटिस भी जारी था। अब भोपाल की कटारा हिल्स पुलिस उससे पूछताछ करेगी। क्या खुलेंगे ट्विशा की मौत के गहरे राज़?

Samarth Singh Surrender: ट्विशा शर्मा मौत मामला जबलपुर कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा 30 हजार का इनामी पति समर्थ सिंह, जज का आदेश- ‘भोपाल में करो आत्मसमर्पण’, अब कटारा हिल्स पुलिस करेगी पूछताछ

Samarth Singh Surrender
Samarth Singh Surrender

जबलपुर/भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित और बेहद संवेदनशील ट्विशा शर्मा मौत मामले में शुक्रवार को उस वक्त एक हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब मृतका का फरार चल रहा पति समर्थ सिंह अचानक जबलपुर जिला कोर्ट (Jabalpur District Court) के रूम में सरेंडर करने पहुंच गया। 12 मई की रात से ही पुलिस की आँखों में धूल झोंककर फरार चल रहे समर्थ सिंह पर मध्य प्रदेश पुलिस ने ₹30,000 का नकद इनाम घोषित कर रखा था और उसके देश छोड़कर भागने की आशंका के चलते लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था।

जबलपुर की अदालत में समर्थ सिंह के अचानक प्रकट होने से कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। हालांकि, समर्थ सिंह को यहाँ कोई राहत नहीं मिली। जबलपुर जिला अदालत के जज ने मामले के क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) का हवाला देते हुए समर्थ सिंह को स्पष्ट निर्देश दिया कि वह भोपाल जाकर संबंधित कोर्ट या पुलिस के सामने ही सरेंडर करे। इस आदेश के बाद अब इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की कमान एक बार फिर भोपाल की कटारा हिल्स पुलिस के हाथों में आ गई है, जो आरोपी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ करने की तैयारी में है।

सरेंडर से ठीक पहले वापस ली अग्रिम जमानत याचिका

Samarth Singh Surrender कानूनी जानकारों का कहना है कि समर्थ सिंह चारों तरफ से पुलिस के जाल में फंस चुका था। एक तरफ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में ट्विशा शर्मा के शव का दिल्ली एम्स (AIIMS) की टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराने का ऐतिहासिक आदेश दिया था, जिससे फॉरेंसिक सबूतों के नए सिरे से सामने आने का डर था। दूसरी तरफ पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थीं।

लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद उसके विदेश भागने के सारे रास्ते बंद हो चुके थे। ऐसे में समर्थ सिंह ने पहले कानूनी दांवपेच के तहत अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) पाने की कोशिश की थी, लेकिन जब उसे लगा कि कोर्ट से राहत मिलना नामुमकिन है, तो उसने शुक्रवार को अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली और सीधे जबलपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट रूम में सरेंडर करने की रणनीति अपनाई।

Samarth Singh Surrender
Samarth Singh Surrender

कोर्ट रूम में क्या हुआ? जज ने क्यों कहा- ‘भोपाल जाओ’?

शुक्रवार को जब समर्थ सिंह अपने वकीलों के साथ चुपचाप जबलपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट पहुंचा, तो उसने सरेंडर की अर्जी लगाई। लेकिन अदालत ने मामले की गंभीरता और कानूनी नियमों को देखते हुए सख्त रुख अपनाया। चूंकि घटना भोपाल की है और मृतका ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला भोपाल के कटारा हिल्स थाने में दर्ज है, इसलिए जबलपुर के जज ने आरोपी की सरेंडर अर्जी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

अदालत ने कहा कि आरोपी को उसी अधिकार क्षेत्र की अदालत या पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करना चाहिए, जहाँ मामला दर्ज है और जहाँ की पुलिस इस मामले की तफ्तीश कर रही है। कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद समर्थ सिंह की जबलपुर में सरेंडर कर पुलिस रिमांड से बचने या कानूनी प्रक्रिया को लंबा खींचने की योजना धरी की धरी रह गई।

12 मई की रात से चल रहा था रहस्यमयी घटनाक्रम

गौरतलब है कि 12 मई की रात को ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन ट्विशा के माता-पिता और परिजनों ने तुरंत सामने आकर दामाद समर्थ सिंह और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का आरोप है कि ट्विशा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, और उसकी मौत सामान्य आत्महत्या नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश या हत्या है।

इस घटना के बाद से ही समर्थ सिंह रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया था। पुलिस ने जब उसकी तलाश शुरू की, तो उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद भोपाल पुलिस ने उस पर ₹30,000 का इनाम घोषित किया और सभी एयरपोर्ट्स को अलर्ट करते हुए लुकआउट नोटिस जारी किया ताकि वह देश से बाहर न भाग सके।

अब कटारा हिल्स पुलिस की ‘थर्ड डिग्री’ और पूछताछ का सामना

जबलपुर कोर्ट से झटका लगने के बाद अब समर्थ सिंह को कानूनी तौर पर भोपाल की अदालत या फिर सीधे भोपाल की कटारा हिल्स पुलिस के सामने ही आत्मसमर्पण करना होगा। भोपाल पुलिस पहले से ही इस पल का इंतजार कर रही थी।

कटारा हिल्स पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, समर्थ सिंह के हाथ आते ही उसे पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस उससे निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर पूछताछ करेगी, जिससे इस मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकती है:

  1. फरारी का ठिकाना: 12 मई की रात से लेकर अब तक समर्थ सिंह कहाँ छुपा हुआ था और उसे पनाह देने में किन लोगों ने मदद की?
  2. मौत की रात का सच: 12 मई की रात को ट्विशा शर्मा के साथ ऐसा क्या हुआ था जिसके कारण उसकी जान गई? क्या दोनों के बीच कोई झगड़ा या मारपीट हुई थी?
  3. सबूतों के साथ छेड़छाड़: क्या समर्थ ने फरार होने से पहले घटनास्थल से किसी भी प्रकार के डिजिटल या भौतिक सबूत (जैसे मोबाइल चैट, सुसाइड नोट या सीसीटीवी फुटेज) को गायब करने की कोशिश की?
Samarth Singh Surrender
Samarth Singh Surrender

एम्स की री-पोस्टमार्टम रिपोर्ट और समर्थ का सरेंडर: क्या है कनेक्शन?

इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प बात यह है कि समर्थ सिंह के सरेंडर की यह कोशिश ठीक उसी समय हुई है जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दिल्ली एम्स की फॉरेंसिक टीम को भोपाल भेजकर ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम करने की इजाजत दी है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि समर्थ सिंह को इस बात का आभास हो गया था कि दिल्ली एम्स की निष्पक्ष और अत्याधुनिक फॉरेंसिक जांच में पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कमियां उजागर हो सकती हैं। अगर री-पोस्टमार्टम में हत्या या गंभीर चोटों की पुष्टि होती, तो उस पर धाराएं और सख्त हो जातीं। ऐसे में खुद को कानून के हवाले करना ही उसके पास आखिरी रास्ता बचा था।

ट्विशा के परिजनों ने समर्थ सिंह की इस सरेंडर की कोशिश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “वह कानून से भाग नहीं सकता। उसने हमारी बेटी के साथ जो किया है, उसका सच अब सामने आकर रहेगा। हमें भोपाल पुलिस और देश की अदालतों पर पूरा भरोसा है कि सच को छुपाने की समर्थ की हर कोशिश नाकाम होगी।”

अब देखना बेहद अहम होगा कि समर्थ सिंह कितनी जल्दी भोपाल पहुंचता है और कटारा हिल्स पुलिस की पूछताछ में ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े कौन से नए और चौंकाने वाले राज़ बाहर आते हैं।


← Back

Thank you for your response. ✨

Rating(required)


VR NEWS LIVE NEWS



Tvisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़ हाई कोर्ट ने दी दोबारा पोस्टमार्टम की इजाजत, दिल्ली से बुलाई गई एम्स की टीम

Twisha Sharma Case: यातना, दहेज उत्पीड़न और मानसिक बीमारी का आरोप; पूर्व मिस पुणे की मौत का घिनौना खेल या कोई गहरा राज?

शोर्ट वीडियोज देखने के लिए VR लाइव से जुड़िये

हमारे फेसबुक पेज से जुड़ने के लिए इस लींक पर क्लीक कीजिए VR LIVE

इन्स्टाग्राम की पोस्ट देखने के लिए हम से जुड़िये VR LIVE

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments