HomeVideshCorona Origin: अमेरिकी टैक्सपेयर्स के पैसे से चीन की लैब में हो...

Corona Origin: अमेरिकी टैक्सपेयर्स के पैसे से चीन की लैब में हो रही थी ‘खतरनाक रिसर्च’? नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर के इस्तीफे के बीच बड़ा दावा

Corona Origin: अमेरिकी टैक्सपेयर्स के पैसे से चीन की लैब में हो रही थी ‘खतरनाक रिसर्च’? नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर के इस्तीफे के बीच बड़ा दावा

Corona Origin: अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड के इस्तीफे के बीच कोरोना वायरस और चीन की वुहान लैब को अमेरिकी फंडिंग का मुद्दा फिर गरमा गया है। जानिए क्या है इकोहेल्थ एलायंस और अमेरिकी वैज्ञानिकों का वुहान कनेक्शन।

Corona Origin: बड़ा खुलासा: क्या अमेरिकी वैज्ञानिकों की फंडिंग से चीन की वुहान लैब में फैला था कोरोना? ट्रंप कैबिनेट से तुलसी गबार्ड के इस्तीफे के बीच फिर उठा विवाद

वाशिंगटन: Corona Origin

पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेने वाले कोरोना वायरस (COVID-19) की उत्पत्ति को लेकर एक बार फिर बहुत बड़ा खुलासा और राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। अमेरिकी राजनीति और खुफिया एजेंसियों के गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या अमेरिका के ही कुछ बड़े वैज्ञानिकों और शीर्ष अधिकारियों की शह पर चीन की वुहान लैब (Wuhan Institute of Virology) को लाखों डॉलर की फंडिंग दी गई थी? यह विवाद ऐसे समय में दोबारा गरमाया है जब डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) के पद से तुलसी गबार्ड ने अचानक इस्तीफा दे दिया है।

तुलसी गबार्ड ट्रंप प्रशासन में पद छोड़ने वाली चौथी बड़ी कैबिनेट अधिकारी बन गई हैं। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे पारिवारिक कारणों (पति के कैंसर से जूझने) का हवाला दिया है, लेकिन उनके जाते ही अमेरिकी खुफिया फाइलों और वुहान लैब को मिलने वाली अमेरिकी फंडिंग की जांच से जुड़े कई पन्ने एक बार फिर पलट रहे हैं।

Corona Origin क्या अमेरिकी वैज्ञानिकों ने की थी वुहान लैब की फंडिंग?

इस पूरे विवाद के केंद्र में अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसियां और विशेष रूप से नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) और डॉ. एंथनी फौसी (Dr. Anthony Fauci) का नाम लंबे समय से उछलता रहा है। अमेरिकी संसद (Congress) की जांच समितियों की रिपोर्ट और हालिया खुलासों के मुताबिक, अमेरिका की एक गैर-सरकारी संस्था ‘इकोहेल्थ एलायंस’ (EcoHealth Alliance) को अमेरिकी सरकार से रिसर्च के लिए भारी अनुदान (Grants) मिलता था।

इस संस्था ने अमेरिकी टैक्सपेयर्स के पैसों में से लगभग 6 लाख डॉलर (करीब 5 करोड़ रुपये से अधिक) चीन की वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को ट्रांसफर किए थे। यह फंडिंग चमगादड़ों में पाए जाने वाले कोरोना वायरस पर रिसर्च करने के लिए दी गई थी। अमेरिकी रिपब्लिकन सांसदों और जांचकर्ताओं का आरोप है कि इसी पैसे का इस्तेमाल वुहान लैब में ‘गैन-ऑफ़-फंक्शन’ (Gain-of-Function) रिसर्च के लिए किया जा रहा था। ‘गैन-ऑफ़-फंक्शन’ एक ऐसी वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसमें किसी वायरस को जानबूझकर अधिक संक्रामक या खतरनाक बनाया जाता है ताकि उसकी काट ढूंढी जा सके।

अमेरिकी संसद की जांच और फौसी पर आरोप

अमेरिकी संसद की ‘सिलेक्ट सबकमेटी ऑन द कोरोना वायरस पेंडेमिक’ ने अपनी रिपोर्टों में स्पष्ट किया है कि अमेरिकी वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने वुहान में हो रही इस खतरनाक रिसर्च की ठीक से निगरानी नहीं की। शुरुआत में अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने वुहान को किसी भी तरह की ‘गैन-ऑफ़-फंक्शन’ फंडिंग देने से इनकार किया था, लेकिन बाद में सामने आए दस्तावेजों ने इस दावे की पोल खोल दी। नतीजा यह हुआ कि अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग (HHS) ने ‘इकोहेल्थ एलायंस’ को मिलने वाली सभी सरकारी फंडिंग पर पूरी तरह बैन लगा दिया।

तुलसी गबार्ड का इस्तीफा: क्यों चर्चा में आया यह मुद्दा?

तुलसी गबार्ड ने पिछले महीने ही ट्रंप प्रशासन के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) के पद से इस्तीफा दिया था। गबार्ड ने अपने त्यागपत्र में बेहद भावुक वजह बताते हुए लिखा कि:

“मेरे पति अब्राहम एक बेहद दुर्लभ किस्म के बोन कैंसर (हड्डी के कैंसर) से जूझ रहे हैं। आने वाले महीने उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हैं। ऐसे समय में, मैं देश सेवा से हटकर पूरी तरह उनके साथ खड़े रहना चाहती हूं।”

Corona Origin डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर तुलसी के काम की तारीफ की और उनके पति के जल्द ठीक होने की कामना की।

Corona Origin

खुफिया फाइलों को सार्वजनिक करने का कनेक्शन: Corona Origin

तुलसी गबार्ड का इस्तीफा इसलिए भी इस खुलासे से जोड़ा जा रहा है क्योंकि अपने छोटे से कार्यकाल के दौरान उन्होंने अमेरिकी खुफिया तंत्र के कई बड़े बंद पड़े पन्नों को खोला था। गबार्ड ने कई गोपनीय सरकारी दस्तावेजों को डीक्लासिफाई (सार्वजनिक) करने की प्रक्रिया शुरू की थी। चूंकि वह अमेरिका की 18 खुफिया एजेंसियों की प्रमुख थीं, इसलिए कोरोना की उत्पत्ति और चीन-अमेरिका के खुफिया वैज्ञानिक संबंधों से जुड़ी कई रिपोर्ट्स उनके कार्यकाल में दोबारा जांची जा रही थीं।

ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का बढ़ता संकट

Corona Origin तुलसी गबार्ड का जाना ट्रंप सरकार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में पद छोड़ने वाली वह चौथी कैबिनेट अधिकारी हैं। उनसे पहले अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी, होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम और लेबर सेक्रेटरी लोरी चावेज़-डेरेमर भी अपने पदों से हट चुकी हैं। खुफिया विभाग के शीर्ष पद से गबार्ड के हटने के बाद अब उनके डिप्टी रहे आरोन लुकास को कार्यवाहक निदेशक बनाया गया है।

क्या कभी सामने आएगा सच?

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की एक बड़ी रिपोर्ट पहले ही मान चुकी है कि कोरोना वायरस का वुहान की लैब से लीक होना (Lab Leak Theory) सबसे संभावित कारणों में से एक है। अब जब यह लगभग साफ हो चुका है कि अमेरिकी संस्थाओं ने सीधे या परोक्ष रूप से वुहान लैब को वित्तीय मदद पहुंचाई थी, तो पूरी दुनिया के वैज्ञानिक और राजनीतिक विशेषज्ञ यह सवाल उठा रहे हैं: क्या अनजाने में ही सही, अमेरिका के पैसे से ही दुनिया को तबाह करने वाला वायरस तैयार हुआ था?


← Back

Thank you for your response. ✨

Rating(required)

VR NEWS LIVE NEWS



कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल (Cholesterol) करने का महामंत्र: जानें क्या खाएं, क्या न खाएं और परफेक्ट डाइट चार्ट

शोर्ट वीडियोज देखने के लिए VR लाइव से जुड़िये

हमारे फेसबुक पेज से जुड़ने के लिए इस लींक पर क्लीक कीजिए VR LIVE

इन्स्टाग्राम की पोस्ट देखने के लिए हम से जुड़िये VR LIVE

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments