परभणी मंदिर हादसा (Parbhani Temple Accident): यशवाड़ी हनुमान मंदिर का ‘सभा मंडप’ ढहा, शनिवार की पूजा के दौरान मचा कोहराम; 7 की मौत, 30 से अधिक घायल
Parbhani Temple Accident: “महाराष्ट्र के परभणी जिले के यशवाड़ी में स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। शनिवार की दोपहर मंदिर के निर्माणाधीन सभा मंडप की छत अचानक भक्तों पर गिर गई, जिसमें 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 32 से अधिक घायल हैं। जानिए कैसे हुआ यह हादसा और क्या है ताजा स्थिति।”
शनिवार के दिन दर्शन करने पहुंचे भक्तों पर टूटा दुखों का पहाड़। महाराष्ट्र के परभणी में बड़ा हादसा! यशवाड़ी हनुमान मंदिर में निर्माणाधीन ‘सभा मंडप’ की छत गिरने से 7 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत, 32 से अधिक घायल। मलबे से लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू जारी।
महाराष्ट्र में बड़ा हादसा: परभणी हनुमान मंदिर में भक्तों पर गिरी छत, 7 की मौत; जानें कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा
Parbhani Temple Accident परभणी (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के परभणी जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जिले के मानवत तालुका के अंतर्गत आने वाले यशवाड़ी गांव में स्थित एक प्रसिद्ध और ऐतिहासिक हनुमान मंदिर में शनिवार दोपहर को एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान अचानक ‘सभा मंडप’ (बाहरी असेंबली हॉल) की छत भरभराकर नीचे आ गिरी।
इस भयावह हादसे की चपेट में आने से कम से कम 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि 32 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। शनिवार का दिन होने के कारण मंदिर में दर्शन, कीर्तन और महाप्रसाद के लिए सैकड़ों भक्तों की भारी भीड़ जुटी हुई थी, तभी अचानक यह मौत का मंजर सामने आ गया।

कैसे और किस समय हुआ यह भीषण हादसा?
Parbhani Temple Accident: प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा शनिवार दोपहर करीब शाम 3:30 बजे हुआ। यशवाड़ी का यह हनुमान मंदिर बेहद जागृत देवस्थान माना जाता है, जहाँ हर शनिवार को न केवल परभणी बल्कि आसपास के कई जिलों से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
1. अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई छत Parbhani Temple Accident
हादसे के वक्त मंदिर के मुख्य गर्भगृह के ठीक सामने एक विशाल ‘सभा मंडप’ (Assembly Hall) का निर्माण कार्य चल रहा था। मंदिर को भव्य रूप देने के लिए राजस्थान के गुलाबी पत्थरों (Rajasthani Pink Stone) का उपयोग किया जा रहा था, जो कि बेहद भारी-भरकम थे। इन पत्थरों और पिलर को सपोर्ट देने के लिए बांस-बल्ली का मचान (Scaffolding) बनाया गया था।
दोपहर के समय जब कई भक्त हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहे थे और कुछ लोग पुजारियों से प्रसाद ले रहे थे, तभी अचानक एक जोरदार आवाज हुई। बिना संभलने का मौका दिए, भारी पत्थरों से बनी छत और पिलर का पूरा ढांचा नीचे खड़े भक्तों पर ताश के पत्तों की तरह गिर गया।
2. सीसीटीवी (CCTV) में कैद हुआ रोंगटे खड़े करने वाला मंजर
Parbhani Temple Accident इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि भक्त शांति से मंदिर परिसर में खड़े थे, तभी अचानक ऊपर से बांस की बल्लियाँ और भारी-भरकम पत्थर सीधे लोगों के ऊपर गिर जाते हैं। इसके बाद पूरे परिसर में चीख-पुकार मच गई और धूल का एक बड़ा गुबार उठ खड़ा हुआ।

राहत और बचाव कार्य: मलबे में दब गए थे 40 से अधिक लोग
Parbhani Temple Accident: हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए खुद ही राहत कार्य शुरू कर दिया। इसके तुरंत बाद परभणी जिला प्रशासन, पुलिस बल और आपातकालीन बचाव दल की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
- भारी मशीनरी और एंबुलेंस तैनात: मानवत के तहसीलदार पांडुरंग मोचेवाड ने बताया कि मलबे को हटाने के लिए तुरंत 5 भारी क्रेन और पोकलैंड मशीनों को काम पर लगाया गया। इसके साथ ही घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए 50 से अधिक एंबुलेंस की व्यवस्था की गई।
- संकरे रास्तों के कारण आई रुकावट: मंदिर की ओर जाने वाला रास्ता काफी संकरा होने के कारण शुरुआती दौर में रेस्क्यू टीमों और भारी गाड़ियों को दुर्घटनास्थल तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि, स्थानीय लोगों की मदद से मलबे के नीचे दबे करीब 25 लोगों को तत्काल बाहर निकाल लिया गया।
- घायलों की स्थिति: सभी घायलों को तुरंत परभणी जिला नागरिक अस्पताल (District Civil Hospital) और स्थानीय आर.पी. अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, घायल हुए लोगों में से कम से कम 6 श्रद्धालुओं की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसके कारण मौतों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

हादसे की मुख्य वजह: निर्माण के दौरान ही खोल दिया गया था मंदिर
इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की लापरवाही पर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। परभणी जिले की पालक मंत्री (Guardian Minister) मेघना बोर्डीकर ने घटना स्थल का जायजा लेने के बाद मीडिया को बताया कि हादसे की मुख्य वजह निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रहे भारी पत्थर और अपर्याप्त सपोर्ट था।
लापरवाही का बड़ा खुलासा:
Parbhani Temple Accident
पालक मंत्री मेघना बोर्डीकर के अनुसार, “मंदिर में निर्माण कार्य चल रहा था और भारी राजस्थानी पत्थरों को सेट किया जा रहा था। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के भारी आग्रह के कारण मंदिर को पूरी तरह तैयार होने से पहले ही दर्शन के लिए खोल दिया गया था। निर्माणधीन ढांचे के नीचे इतनी बड़ी संख्या में लोगों का इकट्ठा होना इस बड़ी त्रासदी का कारण बना।”
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे हर एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराना है। इसके बाद हादसे के सही कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की जाएगी।
पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता का आश्वासन
Parbhani Temple Accident: इस दर्दनाक घटना पर राज्य के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सरकार की ओर से मृत भक्तों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है। पालक मंत्री मेघना बोर्डीकर ने घोषणा की है कि सरकार की तरफ से इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को और गंभीर रूप से घायलों को पूरी आर्थिक और चिकित्सीय सहायता प्रदान की जाएगी। घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
परभणी के यशवाड़ी हनुमान मंदिर में हुआ यह हादसा इस बात का एक दुखद उदाहरण है कि धार्मिक स्थलों पर निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। आस्था के केंद्र पर उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करना और निर्माणाधीन ढांचों से दूर रखना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय और हृदयविदारक घटना को रोका जा सके। फिलहाल पूरा परभणी जिला इस दुखद घड़ी में शोकाकुल है और लोग घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
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