सकारात्मक ऊर्जा के लिए शक्तिशाली मंत्र: इन मंत्रों के जाप से दूर होगा मानसिक तनाव और चमकेगी आपकी किस्मत (Mantra for Positivity)
Mantra for Positivity क्या आप मानसिक तनाव और नकारात्मकता से परेशान हैं? जानें सकारात्मकता के लिए सबसे शक्तिशाली मंत्र, उनके अर्थ और जाप करने की सही विधि। अपने जीवन में लाएं सुख और शांति। सकारात्मकता केवल एक विचार नहीं, बल्कि एक ऊर्जा है। जब हमारा मन नकारात्मकता, चिंता या भय से घिरा होता है, तो प्राचीन भारतीय मंत्र विज्ञान हमारे लिए एक औषधि की तरह काम करता है।
यहाँ सकारात्मकता के लिए सबसे प्रभावी मंत्रों की विस्तृत व्याख्या और उनके लाभ दिए गए हैं।
सकारात्मकता के लिए मंत्र: एक आध्यात्मिक मार्गदर्शिका
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, ईर्ष्या और असफलता का डर हमें अक्सर नकारात्मक बना देता है। मंत्रों का उच्चारण ध्वनि विज्ञान पर आधारित है, जो हमारे मस्तिष्क की कोशिकाओं को पुनर्जीवित करता है।
गायत्री मंत्र: बुद्धि और प्रकाश का मंत्र Mantra for Positivity
मंत्र: ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥

- अर्थ: हम उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा का ध्यान करते हैं, जो हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करे।
- सकारात्मकता के लिए क्यों? यह मंत्र सीधे हमारी बुद्धि और निर्णय लेने की क्षमता पर प्रहार करता है। इसके नियमित जाप से मन के जाले साफ होते हैं और आत्मविश्वास बढ़ता है।
शांति मंत्र: मानसिक स्थिरता के लिए
मंत्र: ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते। पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

- अर्थ: वह परमात्मा पूर्ण है, यह संसार भी पूर्ण है। उस पूर्ण से ही यह पूर्ण प्रकट हुआ है।
- सकारात्मकता के लिए क्यों? यह मंत्र हमें सिखाता है कि हम अपने आप में पूर्ण हैं। यह ‘अधूरेपन’ के अहसास को खत्म कर मन को गहरी शांति प्रदान करता है।
महामृत्युंजय मंत्र: भय से मुक्ति के लिए
मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

- अर्थ: हम तीन नेत्रों वाले भगवान शिव की पूजा करते हैं, जो सुगंधित हैं और हमारा पोषण करते हैं। जैसे ककड़ी अपनी बेल से मुक्त हो जाती है, वैसे ही हम मृत्यु और भय के बंधनों से मुक्त हों।
- सकारात्मकता के लिए क्यों? जब मन में किसी अनहोनी का डर हो, तो यह मंत्र सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और सकारात्मकता भरता है।
जाप करने की सही विधि:
- समय: सूर्योदय का समय (ब्रह्म मुहूर्त) सबसे श्रेष्ठ है।
- स्थान: किसी शांत और स्वच्छ स्थान पर बैठें।
- मुद्रा: रीढ़ की हड्डी सीधी रखें और आँखें बंद कर ध्यान केंद्रित करें।
- संख्या: कम से कम 108 बार जाप करना सबसे अधिक प्रभावशाली माना जाता है।
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