सोशल मीडिया पर वायरल हुई ‘Black Coal Candy’: क्या सच में कोयले से बनती है यह मिठाई? जानें इसे बनाने का तरीका और सेहत पर इसका असर
Black Coal Candy: इंटरनेट पर तहलका मचा रही ब्लैक कोल कैंडी का सच क्या है? जानें यह कोयला कैंडी कैसे बनाई जाती है, इसमें कौन से तत्व होते हैं और क्या यह स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है।
क्या आपने कभी कोयला खाया है? चौंकिए मत! यह वायरल ‘ब्लैक कोल कैंडी’ आजकल सबकी पहली पसंद बनी हुई है। जानें इसके पीछे का असली सच।
कोयला कैंडी (Coal Candy): वायरल ट्रेंड का पूरा सच

इंटरनेट की दुनिया में हर दिन कुछ नया वायरल होता है, और इन दिनों ‘कोयला कैंडी’ (Black Coal Candy) चर्चा का विषय बनी हुई है। पहली नजर में देखने पर यह बिल्कुल अंगीठी में जलने वाले काले कोयले जैसी दिखती है, लेकिन जैसे ही आप इसे तोड़ते हैं, यह एक कुरकुरी मिठाई की तरह निकलती है।


क्या है यह कोयला कैंडी?
कोल कैंडी असल में एक प्रकार की ‘हनीकॉम्ब कैंडी’ (Honeycomb Candy) या ‘शक्कर की मिठाई’ है, जिसमें एक्टिवेटेड चारकोल (Activated Charcoal) या खाने वाले काले रंग का इस्तेमाल करके इसे कोयले जैसा लुक दिया जाता है। यह कैंडी छूने में सख्त और खाने में बहुत हल्की और छेददार (Porous) होती है।
इसे कैसे बनाया जाता है? (रेसिपी)
इसे बनाना विज्ञान के एक छोटे से प्रयोग जैसा है। यहाँ इसकी मुख्य सामग्री और विधि दी गई है:
सामग्री:
- चीनी (Sugar): 1 कप
- कॉर्न सिरप या शहद: 1/4 कप
- पानी: 2 चम्मच
- बेकिंग सोडा: 1 चम्मच
- एक्टिवेटेड चारकोल पाउडर (Edible Grade): 1 चम्मच
बनाने की विधि:
- एक भारी तले वाले बर्तन में चीनी, शहद और पानी मिलाकर धीमी आंच पर गर्म करें।
- इसे तब तक पकाएं जब तक कि यह गाढ़ा चाशनी जैसा न हो जाए (लगभग 150°C तापमान तक)।
- अब इसमें काला चारकोल पाउडर मिलाएं ताकि इसका रंग गहरा काला हो जाए।
- अंत में, इसमें बेकिंग सोडा डालें। सोडा डालते ही मिश्रण में झाग बनेगा और वह फूलने लगेगा।
- इस फूलते हुए मिश्रण को तुरंत एक ट्रे पर फैला दें और ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इसे अनियमित टुकड़ों में तोड़ लें, जो बिल्कुल कोयले जैसे लगेंगे।


क्या यह हेल्दी है? (Health Analysis)
कोयला कैंडी को अक्सर इसके मुख्य तत्व ‘एक्टिवेटेड चारकोल’ की वजह से “डिटॉक्स” मिठाई के रूप में प्रचारित किया जाता है। लेकिन इसकी असलियत थोड़ी अलग है:
1. डिटॉक्स का दावा: एक्टिवेटेड चारकोल का उपयोग चिकित्सा क्षेत्र में जहर या ओवरडोज के मामलों में पेट साफ करने के लिए किया जाता है। लेकिन कैंडी के रूप में इसे खाने से कोई विशेष ‘डिटॉक्स’ लाभ नहीं मिलता।
2. पोषक तत्वों की कमी: यह कैंडी मुख्य रूप से चीनी और सिरप से बनी होती है। इसमें कैलोरी बहुत अधिक होती है और पोषण के नाम पर कुछ भी नहीं। अधिक मात्रा में सेवन से शुगर लेवल बढ़ सकता है।
3. दवाइयों पर असर: एक महत्वपूर्ण चेतावनी यह है कि एक्टिवेटेड चारकोल शरीर में मौजूद दवाओं को सोख सकता है। यदि आप नियमित रूप से कोई दवा (जैसे बीपी या शुगर की दवा) ले रहे हैं, तो चारकोल वाली चीजें खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
4. पाचन: बहुत अधिक मात्रा में चारकोल खाने से कब्ज (Constipation) या जी मिचलाने जैसी समस्या हो सकती है।
ब्लैक कोल कैंडी दिखने में आकर्षक और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए बेहतरीन है। स्वाद में यह ‘कैंडी फ्लॉस’ या ‘बुढ़िया के बाल’ जैसी मीठी होती है। इसे कभी-कभी स्वाद या मजे के लिए खाना ठीक है, लेकिन इसे एक ‘हेल्थ फूड’ या ‘डिटॉक्स स्नैक’ मानकर रोजाना सेवन करना सेहत के लिए सही नहीं है।
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