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क्या मर्दों को भी होता है पीरियड्स जैसा दर्द? जानें क्या है ‘मेल पीएमएस’ (Irritable Male Syndrome – IMS) और पुरुषों के व्यवहार में क्यों आते हैं अचानक बदलाव

क्या मर्दों को भी होता है पीरियड्स जैसा दर्द? जानें क्या है ‘मेल पीएमएस’ (IMS) और पुरुषों के व्यवहार में क्यों आते हैं अचानक बदलाव (Irritable Male Syndrome – IMS)

सिर्फ महिलाएं ही नहीं, पुरुष भी हार्मोनल बदलाव के दौर से गुजरते हैं। जानें इरीटेबल मेल सिंड्रोम (IMS) के लक्षण, कारण और यह पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है। (Irritable Male Syndrome – IMS)

पीरियड्स नहीं, पर कुछ वैसा ही! क्या आपका पार्टनर अचानक चिड़चिड़ा हो जाता है? 😟 यह सिर्फ मूड स्विंग्स नहीं, बल्कि ‘Male PMS’ या IMS हो सकता है। पुरुषों के हार्मोनल स्वास्थ्य को समझना भी उतना ही जरूरी है। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

Irritable Male Syndrome - IMS
Irritable Male Syndrome – IMS

सिर्फ महिलाएं ही नहीं, मर्द भी होते हैं शिकार: क्या है मेल पीएमएस (IMS) और क्यों होता है यह?

जब हम ‘पीएमएस’ (PMS) शब्द सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में महिलाओं के मासिक चक्र और उससे जुड़े मूड स्विंग्स की तस्वीर आती है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि पुरुष भी कभी-कभी बिना किसी ठोस वजह के बहुत चिड़चिड़े, उदास या गुस्से में नजर आते हैं?

मेडिकल की दुनिया में इसे इरीटेबल मेल सिंड्रोम (Irritable Male Syndrome – IMS) कहा जाता है। इसे बोलचाल की भाषा में ‘मेल पीएमएस’ भी कहते हैं। हालांकि पुरुषों को ब्लीडिंग नहीं होती, लेकिन उनके शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव महिलाओं के पीएमएस से काफी मिलते-जुलते होते हैं।

क्या है IMS (इरीटेबल मेल सिंड्रोम)? Irritable Male Syndrome – IMS

IMS पुरुषों में होने वाली एक जैविक स्थिति है जिसमें उनके मुख्य हार्मोन, टेस्टोस्टेरोन (Testosterone), के स्तर में अचानक गिरावट आती है। मनोवैज्ञानिक गे़ड डायमंड्स (Jed Diamond) ने अपनी किताब में इस पर विस्तार से चर्चा की है। उनके अनुसार, जिस तरह महिलाओं के हार्मोन का एक चक्र होता है, पुरुषों के टेस्टोस्टेरोन का स्तर भी दिन भर और महीने भर बदलता रहता है।

Irritable Male Syndrome - IMS
Irritable Male Syndrome – IMS

पुरुषों में क्या बदलाव आते हैं? (लक्षण)

जब किसी पुरुष का टेस्टोस्टेरोन स्तर गिरता है, तो उसमें ये बदलाव देखे जा सकते हैं:

  • अत्यधिक चिड़चिड़ापन: छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना।
  • थकान और सुस्ती: पर्याप्त नींद के बाद भी ऊर्जा की कमी महसूस होना।
  • मूड स्विंग्स: अचानक उदास हो जाना या घबराहट महसूस करना।
  • आत्मविश्वास की कमी: खुद को कमजोर या असफल महसूस करना।
  • लिबिडो में कमी: यौन इच्छा में अचानक गिरावट आना।
  • एकाग्रता की कमी: काम पर ध्यान केंद्रित न कर पाना।
  • नींद में बदलाव: रात को नींद न आना या बार-बार टूटना।

पुरुषों को यह क्यों होता है? (प्रमुख कारण)

पुरुषों में हार्मोनल असंतुलन और IMS के पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • टेस्टोस्टेरोन में गिरावट: टेस्टोस्टेरोन पुरुषों को ऊर्जा, आत्मविश्वास और शांति देता है। जब इसका स्तर गिरता है (खासकर सुबह के मुकाबले शाम को या उम्र बढ़ने के साथ), तो IMS के लक्षण उभरते हैं।
  • तनाव (Stress): कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) का बढ़ना टेस्टोस्टेरोन को कम कर देता है। ऑफिस का काम या पारिवारिक तनाव इसका मुख्य कारण है।
  • खराब डाइट: अधिक चीनी, जंक फूड और पोषण की कमी हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ देती है।
  • नींद की कमी: टेस्टोस्टेरोन का अधिकतर निर्माण नींद के दौरान होता है। अगर नींद पूरी न हो, तो शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है।
  • मोटापा: शरीर में ज्यादा फैट होने से टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन (महिला हार्मोन) में बदलने लगता है, जिससे पुरुष अधिक भावुक और चिड़चिड़े हो जाते हैं।
Irritable Male Syndrome - IMS
Irritable Male Syndrome – IMS

महिलाओं के PMS और पुरुषों के IMS में अंतर

विशेषतामहिलाओं का PMSपुरुषों का IMS
मुख्य कारणएस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का उतार-चढ़ावटेस्टोस्टेरोन के स्तर में गिरावट
चक्रमासिक (28-30 दिन)दैनिक या परिस्थिति जन्य (तनाव आधारित)
शारीरिक लक्षणपेट दर्द, ब्लीडिंग, सूजनथकान, मांसपेशियों में कमजोरी
मानसिक लक्षणचिंता, रोना, मूड स्विंग्सगुस्सा, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता की कमी

इससे कैसे निपटें? (उपाय)

यदि आप या आपके परिवार का कोई पुरुष सदस्य ऐसे दौर से गुजर रहा है, तो ये तरीके मददगार हो सकते हैं:

  1. प्रोटीन और जिंक युक्त डाइट: कद्दू के बीज, नट्स, और हरी सब्जियां टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने में मदद करती हैं।
  2. नियमित व्यायाम: वेट लिफ्टिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से टेस्टोस्टेरोन का स्तर सुधरता है।
  3. तनाव प्रबंधन: योग और ध्यान (Meditation) कोर्टिसोल को कम करने में मदद करते हैं।
  4. अच्छी नींद: रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद लें।
  5. बातचीत करें: अक्सर पुरुष अपनी भावनाओं को छिपाते हैं। पार्टनर या दोस्तों से बात करने से मानसिक बोझ कम होता है।

यह समझना जरूरी है कि पुरुष ‘पत्थर’ नहीं होते। उनके शरीर में भी जटिल रासायनिक प्रक्रियाएं चलती हैं। ‘मेल पीएमएस’ या IMS को पहचानना और उस पर खुलकर बात करना पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। अगली बार अगर घर का कोई पुरुष बिना वजह गुस्से में हो, तो मुमकिन है कि वह अपनी ‘हार्मोनल जंग’ लड़ रहा हो।



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