सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) के 12 चरण और उनके नाम: जानिए हर आसन का सही तरीका और शरीर पर इसका जादुई असर
Surya Namaskar शरीर, मन और आत्मा को एक साथ चार्ज करने का नाम है ‘सूर्य नमस्कार’। क्या आप खुद को फिट और ऊर्जावान रखना चाहते हैं? जानिए सूर्य नमस्कार के 12 चरणों के नाम, उन्हें करने का सही तरीका और हर एक आसन से शरीर को मिलने वाले अद्भुत फायदों के बारे में। संपूर्ण स्वास्थ्य की चाबी, सिर्फ एक योग में!
Surya Namaskar क्या आपके पास जिम जाने का समय नहीं है? कोई बात नहीं! सूर्य नमस्कार एक ऐसा 'कम्प्लीट वर्कआउट' है जो सिर से लेकर पैर तक आपके पूरे शरीर को टोन करता है। इसके 12 चरण न सिर्फ आपकी फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाते हैं, बल्कि मानसिक शांति भी देते हैं। जानिए इन 12 आसनों के नाम और उनके खास फायदे हमारे लेटेस्ट ब्लॉग में! लिंक बायो में है।
Surya Namaskar के 12 चरण: नाम, करने का तरीका और हर आसन से मिलने वाले चमत्कारी फायदे
भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली में खुद को फिट और तनावमुक्त रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। जिम की महंगी मेंबरशिप, तरह-तरह के सप्लीमेंट्स और समय की कमी के बीच हम अक्सर अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हमारे प्राचीन भारतीय योग विज्ञान में एक ऐसा अद्भुत अभ्यास है, जिसे यदि आप रोज केवल 10 से 15 मिनट भी कर लें, तो आपको किसी जिम या हैवी वर्कआउट की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसे हम सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) कहते हैं।
सूर्य नमस्कार केवल व्यायाम नहीं है, बल्कि यह 12 अलग-अलग आसनों का एक ऐसा चक्र (Flow) है, जो हमारे शरीर, मन और श्वास को सूर्य की असीम ऊर्जा से जोड़ता है। आइए जानते हैं सूर्य नमस्कार के इन 12 चरणों के नाम और हर एक आसन से हमारे शरीर को क्या-क्या बेमिसाल फायदे मिलते हैं।

Surya Namaskar के 12 चरण: नाम और उनके व्यक्तिगत फायदे
सूर्य नमस्कार का अभ्यास करते समय सांसों की गति (Inhale/Exhale) का विशेष ध्यान रखा जाता है। नीचे इसके सभी 12 चरणों को क्रमवार उनके फायदों के साथ समझाया गया है: Surya Namaskar
1. प्रणामासन (Prayer Pose) Surya Namaskar
- कैसे करें: सीधे खड़े हो जाएं, दोनों पैरों को आपस में मिलाएं और छाती को चौड़ा रखें। अब दोनों हाथों को नमस्कार की मुद्रा में छाती के बीच में लाएं। आँखें बंद करें और सामान्य रूप से सांस लें।
- फायदा: यह आसन पूरे शरीर को शांत करता है। यह मन की एकाग्रता को बढ़ाता है और तनाव व एंग्जायटी (घबराहट) को दूर करने में मदद करता है।
2. हस्तउत्तानासन (Raised Arms Pose)
- कैसे करें: गहरी सांस लेते हुए (Inhale) दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और शरीर को पीछे की ओर झुकाएं (Stretching)। ध्यान रहे कि आपकी कोहनियां और घुटने सीधे रहें।
- फायदा: यह आसन छाती को खोलता है, जिससे फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है। यह रीढ़ की हड्डी (Spine) को लचीला बनाता है और पेट की मांसपेशियों को स्ट्रेच कर पाचन तंत्र को मजबूत करता है।
3. पादहस्तासन (Hand to Foot Pose)
- कैसे करें: सांस छोड़ते हुए (Exhale) कमर से आगे की ओर झुकें। अपने हाथों की हथेलियों को पैरों के पास जमीन पर टिकाने की कोशिश करें और सिर को घुटनों से छुएं।
- फायदा: यह आसन पीठ और हैमस्ट्रिंग (जांघ के पीछे की मांसपेशियां) को बेहतरीन स्ट्रेच देता है। यह पेट की चर्बी (Belly Fat) को कम करने और कब्ज की समस्या को दूर करने में बेहद असरदार है।
4. अश्व संचालनासन (Equestrian Pose)
- कैसे करें: सांस लेते हुए (Inhale) अपने दाहिने (Right) पैर को पीछे ले जाएं और घुटने को जमीन से टिकाएं। बाएं पैर को आगे घुटने से मोड़कर रखें और अपनी गर्दन को ऊपर की ओर उठाएं।
- फायदा: यह आसन रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से को मजबूत बनाता है। इससे कूल्हों (Hips) और पैरों की मांसपेशियों में लचीलापन आता है।
5. दंडासन (Plank Pose) Surya Namaskar
- कैसे करें: सांस छोड़ते हुए (Exhale) बाएं पैर को भी पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को एक सीधी रेखा (Push-up पोजीशन) में रखें। आपके हाथ जमीन पर सीधे होने चाहिए।
- फायदा: यह आपके कोर (Core) यानी पेट की मांसपेशियों, बाजुओं और कंधों को गजब की मजबूती देता है। यह शारीरिक संतुलन सुधारने के लिए सबसे अच्छा आसन है।
6. अष्टांग नमस्कार (Salute with Eight Parts)
- कैसे करें: सांस को रोकते हुए (Hold Breath) या धीरे से छोड़ते हुए अपने घुटनों, छाती और ठुड्डी (Chin) को जमीन से छुएं। आपके कूल्हे (Hips) थोड़े ऊपर उठे रहेंगे। इसमें शरीर के 8 अंग जमीन को छूते हैं।
- फायदा: यह आसन पीठ की मांसपेशियों और कंधों को बेहद मजबूत बनाता है। यह फेफड़ों की ताकत बढ़ाता है और छाती के हिस्से को चौड़ा करता है।
7. भुजंगासन (Cobra Pose)
- कैसे करें: अब अपनी छाती और सिर को आगे की ओर खिसकाते हुए ऊपर उठाएं (जैसे कोबरा सांप उठता है)। अपनी कोहनियों को हल्का मुड़ा रख सकते हैं और ऊपर आसमान की तरफ देखें। इस दौरान सांस लें (Inhale)।
- फायदा: यह रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन के लिए रामबाण है। यह पीठ दर्द (Back Pain) से राहत दिलाता है, लिवर और किडनी को उत्तेजित करता है और तनाव को कम करता है।
8. अधोमुख श्वानासन (Downward-Facing Dog Pose)
- कैसे करें: सांस छोड़ते हुए (Exhale) अपने कूल्हों और रीढ़ की हड्डी को ऊपर की तरफ उठाएं और एक उल्टा ‘V’ आकार बनाएं। अपनी एड़ियों को जमीन पर टिकाने की कोशिश करें और नजरें नाभि पर रखें।
- फायदा: यह पूरे शरीर में रक्त संचार (Blood Circulation) को तेज करता है, विशेषकर सिर की तरफ, जिससे बालों का झड़ना रुकता है और चेहरे पर चमक आती है। यह तनाव से भी राहत देता है।
9. अश्व संचालनासन (Equestrian Pose)
- कैसे करें: सांस लेते हुए (Inhale) अपने दाहिने पैर को आगे लाएं और दोनों हथेलियों के बीच में रखें। बाएं पैर को पीछे सीधा रखें और गर्दन को ऊपर की ओर उठाएं। (यह चौथे चरण का उल्टा है)।
- फायदा: पैरों की मांसपेशियों को मजबूती देता है, पेट के अंगों की मालिश करता है और मानसिक संतुलन को बेहतर बनाता है।
10. पादहस्तासन (Hand to Foot Pose)
- कैसे करें: सांस छोड़ते हुए (Exhale) बाएं पैर को भी आगे लाएं और दाहिने पैर के पास रखें। घुटनों को बिना मोड़े सिर को घुटनों से लगाने का प्रयास करें (तीसरे चरण की पुनरावृत्ति)।
- फायदा: दिमाग को शांत करता है, पाचन क्रिया में सुधार लाता है और रीढ़ की हड्डी को स्ट्रेच करता है।
11. हस्तउत्तानासन (Raised Arms Pose)
- कैसे करें: सांस लेते हुए (Inhale) दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और शरीर को पीछे की तरफ झुकाएं (दूसरे चरण की तरह)।
- फायदा: कंधों, बाजुओं और छाती की मांसपेशियों को टोन करता है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार करता है।
12. प्रणामासन (Prayer Pose) Surya Namaskar
- कैसे करें: सांस छोड़ते हुए (Exhale) धीरे-धीरे सीधे खड़े हो जाएं और हाथों को वापस छाती के पास नमस्कार की मुद्रा में ले आएं।
- फायदा: यह आसन पूरे चक्र को पूरा करता है, जिससे शरीर वापस अपनी सामान्य स्थिति में आता है और मन पूरी तरह शांत महसूस करता है।

सूर्य नमस्कार के समग्र फायदे (Overall Benefits of Surya Namaskar)
यदि आप रोज सूर्य नमस्कार के 4 से 12 चक्र (Rounds) करते हैं, तो आपको निम्नलिखित बड़े फायदे मिलते हैं: Surya Namaskar
| क्षेत्र | शारीरिक और मानसिक लाभ |
| वजन घटाना (Weight Loss) | यह एक बेहतरीन कार्डियो वर्कआउट है। तेजी से सूर्य नमस्कार करने से कैलोरी बर्न होती है और पेट की चर्बी तेजी से घटती है। |
| त्वचा और बाल (Glowing Skin & Hair) | इसके अभ्यास से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, जिससे चेहरे पर ग्लो आता है और बालों की ग्रोथ अच्छी होती है। |
| पाचन क्रिया (Better Digestion) | झुकने और स्ट्रेचिंग वाले आसनों से पेट के अंगों पर दबाव पड़ता है, जिससे कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याएं जड़ से खत्म हो जाती हैं। |
| डिटॉक्सिफिकेशन (Detoxification) | तेज सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया से फेफड़ों में ताजी ऑक्सीजन जाती है और खून साफ होता है। |
| मानसिक शांति (Mental Health) | यह शरीर में ‘एंडोर्फिन’ (हैप्पी हार्मोन्स) को रिलीज करता है, जिससे डिप्रेशन, एंग्जायटी और तनाव मिनटों में दूर हो जाते हैं। |
स्वस्थ जीवन की शुरुआत Surya Namaskar
सूर्य नमस्कार भारतीय संस्कृति का वह अनमोल तोहफा है जो बिना किसी इक्विपमेंट के आपको आजीवन निरोगी रख सकता है। शुरुआत में इसे धीरे-धीरे और कम से कम 2 से 4 बार से शुरू करें, और धीरे-धीरे अपनी क्षमता के अनुसार बढ़ाएं। सुबह उगते सूरज के सामने इसे करना सबसे ज्यादा फलदायी माना जाता है। तो देर किस बात की? आज ही से सूर्य नमस्कार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और एक स्वस्थ, ऊर्जावान और खुशहाल जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।
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