नेपाल राजनीति में भूचाल:(Nepal Home Minister Resigns) बालेन शाह को बड़ा झटका, गृह मंत्री सुदन गुरुंग का 26 दिन में इस्तीफा; जानें क्या है पूरा विवाद
Nepal Home Minister Resigns: नेपाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। भ्रष्टाचार विरोधी लहर पर सवार होकर सत्ता में आए प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार को कार्यकाल के पहले महीने में ही सबसे बड़ा झटका लगा है। नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने पद संभालने के मात्र 26 दिनों के भीतर इस्तीफा दे दिया है। वित्तीय संपत्तियों और विवादास्पद कारोबारी से रिश्तों के आरोपों के बीच उन्होंने ‘नैतिकता’ का हवाला देते हुए पद छोड़ा। पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट।
नेपाल में बालेन शाह सरकार को लगा पहला बड़ा झटका! 26 दिन पहले भ्रष्टाचार खत्म करने की कसम खाने वाले गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने दिया इस्तीफा। क्या यह 'Gen Z' आंदोलन की साख पर सवाल है? पद से बड़ी नैतिकता है!
नेपाल में फिर बवाल: बालेन शाह सरकार को लगा बड़ा झटका, गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने 26 दिन में छोड़ा पद

नेपाल की राजनीति में पिछले कुछ महीनों से चल रहा बदलाव का दौर आज एक नाटकीय मोड़ पर पहुँच गया। भ्रष्टाचार मिटाने और पारदर्शिता लाने के वादे के साथ सत्ता में आई बालेन शाह (Balendra Shah) सरकार के सबसे मजबूत स्तंभ माने जाने वाले गृह मंत्री सुदन गुरुंग (Sudan Gurung) ने बुधवार (22 अप्रैल 2026) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
महज 27 मार्च 2026 को कार्यभार संभालने वाले गुरुंग का इस्तीफा उस समय आया है जब बालेन शाह सरकार को बने अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है।
इस्तीफे की मुख्य वजह: वित्तीय गड़बड़ी और कारोबारी रिश्ते
सुदन गुरुंग का इस्तीफा अचानक नहीं हुआ, बल्कि पिछले कुछ दिनों से उनकी संपत्ति और निवेश को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए जा रहे थे। Nepal Home Minister Resigns

Nepal Home Minister Resigns
- विवादास्पद कारोबारी से संबंध: गुरुंग का नाम चर्चित कारोबारी दीपक भट्ट के साथ जोड़ा जा रहा था, जो वर्तमान में मनी लॉन्ड्रिंग (धोखाधड़ी) के आरोपों में पुलिस की हिरासत में हैं। खबरों के अनुसार, गुरुंग की एक सामाजिक संस्था को भट्ट की कंपनियों से करीब 5 करोड़ रुपये का फंड मिला था।
- शेयर होल्डिंग्स पर सवाल: सोशल मीडिया पर गुरुंग की अघोषित संपत्तियों और शेयर बाजार में उनके निवेश को लेकर डेटा वायरल होने लगा, जिससे उनकी ‘स्वच्छ छवि’ पर सवाल उठने लगे।
- नैतिक जिम्मेदारी: अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए गुरुंग ने फेसबुक पर लिखा, “मेरे लिए पद से बड़ी नैतिकता है और जन विश्वास से बड़ी कोई ताकत नहीं है। मेरे खिलाफ लगे आरोपों की जांच निष्पक्ष हो, इसलिए मैं पद छोड़ रहा हूँ।”

‘Gen Z’ आंदोलन और बालेन शाह की चुनौतियां
नेपाल में साल 2025 के अंत में शुरू हुए ‘Gen Z’ आंदोलन ने पुरानी राजनीतिक व्यवस्था को उखाड़ फेंका था। इसी लहर के बाद मार्च 2026 में बालेन शाह देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने। सुदन गुरुंग इस युवा आंदोलन का एक बड़ा चेहरा थे, इसलिए उनका इस्तीफा सरकार की साख पर सीधे प्रहार माना जा रहा है।
वर्तमान में बालेन सरकार इन मोर्चों पर घिरी है:
- आयात शुल्क विवाद: भारतीय सामानों पर सीमा शुल्क बढ़ाने के फैसले के खिलाफ नेपाल की सड़कों पर भारी प्रदर्शन हो रहे हैं।
- छात्र संघों पर पाबंदी: छात्र संघों को भंग करने की योजना ने युवाओं के एक बड़े वर्ग को सरकार के खिलाफ खड़ा कर दिया है।
- भ्रष्टाचार की जांच: गुरुंग ने पद संभालते ही पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे, जिससे राजनीतिक तनाव चरम पर है।

नेपाल की राजनीति पर क्या होगा असर?
Nepal Home Minister Resigns सुदन गुरुंग का इस्तीफा बालेन शाह के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ जैसा है। यदि वे जल्द ही मंत्रिमंडल में सुधार नहीं करते और जनता का भरोसा बहाल नहीं कर पाते, तो जिस ‘Gen Z’ क्रांति ने उन्हें सत्ता दिलाई थी, वही उनके खिलाफ भी खड़ी हो सकती है। विपक्षी दल अब प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग भी तेज कर सकते हैं।
नेपाल एक ऐसे संक्रमण काल से गुजर रहा है जहाँ युवा नेतृत्व से उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं। सुदन गुरुंग का इस्तीफा यह संकेत देता है कि नई सरकार में भी ‘जवाबदेही’ और ‘पारदर्शिता’ के मानक बहुत ऊंचे रखे जा रहे हैं, लेकिन क्या यह इस्तीफा सरकार को बचा पाएगा या और बड़े संकट की शुरुआत है, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।
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