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Twisha Sharma Death Case: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद सीबीआई ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को भोपाल स्थित आवास से किया गिरफ्तार

Twisha Sharma Death Case: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद सीबीआई ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को भोपाल स्थित आवास से किया गिरफ्तार

Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के तुरंत बाद यह कदम उठाया गया।
कानून के हाथ सबसे लंबे होते हैं! पूर्व जज गिरिबाला सिंह को उनकी बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने कस्टडी में ले लिया है। कोर्ट ने मृतका के शरीर पर चोट के निशान और मानसिक प्रताड़ना के सबूतों को बेहद गंभीर माना है। ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई! मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को उनके भोपाल आवास से गिरफ्तार कर लिया गया है।

हाई-प्रोफाइल मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई

देश भर में चर्चा का विषय बने ट्विशा शर्मा मौत मामले (Twisha Sharma Death Case) में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से आ रही खबरों के मुताबिक, सीबीआई की टीम ने गुरुवार (28 मई 2026) को ट्विशा शर्मा की सास और सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) जिला जज गिरिबाला सिंह को उनके भोपाल स्थित निवास स्थान से गिरफ्तार कर लिया है।

यह गिरफ्तारी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) द्वारा गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail) को सिरे से खारिज किए जाने के महज कुछ ही घंटों बाद हुई है। इस कदम के बाद इस हाई-प्रोफाइल कथित दहेज हत्या और प्रताड़ना के मामले में सीबीआई की जांच अब बेहद तेज हो गई है।

हाई कोर्ट ने रद्द की थी अग्रिम जमानत

गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी की जमीन बुधवार को ही तैयार हो गई थी, जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के वैकेशन जज देवनारायण मिश्रा ने भोपाल सत्र न्यायालय द्वारा 15 मई को दिए गए उस आदेश को पलट दिया, जिसके तहत पूर्व जज को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत (अग्रिम जमानत) मिली हुई थी।

मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता (Advocate General) प्रशांत सिंह ने जबलपुर में इस कानूनी घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि हाई कोर्ट ने मामले में पेश किए गए सबूतों को बेहद गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने माना कि मृतका ट्विशा शर्मा के शरीर पर मृत्यु पूर्व (Antemortem Injuries) कई गंभीर चोटें थीं और उनके साथ मानसिक व शारीरिक क्रूरता की गई थी। इसके साथ ही यह भी नोट किया गया कि गिरिबाला सिंह पूर्व में दिए गए नोटिसों के बावजूद जांच में सहयोग नहीं कर रही थीं। जमानत खारिज होते ही सीबीआई के लिए हिरासत में लेकर पूछताछ (Custodial Interrogation) करने का रास्ता साफ हो गया था।

क्या है पूरा मामला? (Background of the Case)

उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के रहने वाले समर्थ सिंह के साथ हुई थी। समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह न्यायपालिका में 36 वर्षों तक अपनी सेवाएं दे चुकी हैं और जिला जज के पद से सेवानिवृत्त हुई हैं।

शादी के महज कुछ महीनों बाद ही, 12 मई 2026 को भोपाल स्थित ससुराल में ट्विशा शर्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया था। ट्विशा के परिवार वालों ने आरोप लगाया कि शादी के तुरंत बाद से ही समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह ट्विशा को कम दहेज लाने और उनके ‘स्टैंडर्ड’ के मुताबिक शादी न होने के ताने देकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। ट्विशा की संदिग्ध मौत के बाद उनके परिवार ने भोपाल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद इस मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने संभाली जांच

शुरुआती जांच में स्थानीय पुलिस की ढिलाई और रसूखदार आरोपियों को बचाने के आरोपों के बाद मामला देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंचा। सोमवार (25 मई 2026) को भारत के सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) ने मामले की गंभीरता और आरोपियों के न्यायिक पृष्ठभूमि से जुड़े होने के कारण निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मामला सीधे सीबीआई (CBI) को सौंपने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय एजेंसी को इस मामले में बिना किसी देरी के त्वरित और गहन जांच करने का आदेश दिया था। सीबीआई ने केस को री-रजिस्टर कर नए सिरे से जांच शुरू की और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से सबूत जुटाने शुरू कर दिए।

सीबीआई की अदालत में दलीलें: चरित्र हनन और जबरन गर्भपात के आरोप

हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने गिरिबाला सिंह को कस्टडी में लेने के लिए कई चौंकाने वाले और पुख्ता सबूत पेश किए। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि:

  1. शरीर पर चोट के निशान: ट्विशा के शव के पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट से पता चला कि उसकी कलाई और कोहनी पर मृत्यु पूर्व (Antemortem) 7 गंभीर चोटें थीं। ससुराल वालों की ओर से इन चोटों को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, ये चोटें पंखे से फंदा उतारने या सामान्य गिरने की वजह से नहीं आ सकती थीं।
  2. चरित्र हनन और जबरन गर्भपात: सीबीआई ने जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल से व्हाट्सएप चैट्स (WhatsApp Chats) बरामद किए। इन चैट्स से खुलासा हुआ कि ट्विशा के गर्भवती होने के बाद सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह ने उनके चरित्र पर कीचड़ उछाला और अजन्मे बच्चे को किसी और का बताते हुए उन पर मानसिक दबाव बनाया। सीबीआई का आरोप है कि ट्विशा को प्रताड़ित कर जबरन उनका गर्भपात (Abortion) कराया गया था।
  3. दहेज के लिए प्रताड़ना: गवाहों के बयानों के आधार पर यह साबित हुआ कि ससुराल पक्ष शादी में मिले दहेज से खुश नहीं था और लगातार पैसों व अन्य चीजों की मांग कर रहा था।
  4. सोशल मीडिया पर नैरेटिव बदलने की कोशिश: सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व जज होने के नाते गिरिबाला सिंह ने मामले को प्रभावित करने की कोशिश की। उन्होंने सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ा एक चुनिंदा और छोटा सा वीडियो क्लिप लीक किया ताकि जनभावनाओं और जांच को भटकाया जा सके।
Twisha Sharma Death Case
Twisha Sharma Death Case

गंभीर धाराओं के तहत दर्ज हुआ मुकदमा

सीबीआई ने देश में लागू नई कानून व्यवस्था भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के तहत सख्त कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया है। गिरिबाला सिंह के खिलाफ दर्ज मुख्य धाराएं इस प्रकार हैं:

  • धारा 80(2), BNS: दहेज मृत्यु (Dowry Death)
  • धारा 85, BNS: पति या रिश्तेदारों द्वारा महिला के प्रति क्रूरता (Cruelty)
  • धारा 3(5), BNS: सामान्य आशय को पूरा करने के लिए कई व्यक्तियों द्वारा किया गया कृत्य
  • दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4

आगे क्या होगा? (Next Steps in Investigation)

गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम उन्हें भोपाल की एक विशेष अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड की मांग करेगी। जांच एजेंसी का मुख्य ध्यान अब आरोपियों के वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, डिजिटल फुटप्रिंट्स और कॉल लॉग्स को खंगालने पर होगा ताकि ट्विशा शर्मा की मौत के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके। ट्विशा के परिवार के वकीलों ने इस गिरफ्तारी का स्वागत किया है और कहा है कि कानून के सामने सब बराबर हैं, चाहे कोई कितने ही बड़े न्यायिक पद पर क्यों न रहा हो।


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