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योग क्या है, इसका इतिहास और इंटरनेशनल योग डे (International Yoga Day): जानिए कैसे योग से 10 मिनट में रीसेट करें अपना दिमाग

योग क्या है, इसका इतिहास और इंटरनेशनल योग डे (International Yoga Day): जानिए कैसे योग से 10 मिनट में रीसेट करें अपना दिमाग

योग क्या है और इसकी शुरुआत कहाँ से हुई? जानें इंटरनेशनल योग डे (International Yoga Day) की तारीख और कुछ आसान योगासनों व प्राणायाम के तरीके, जो आपके तनावग्रस्त दिमाग को पूरी तरह रीसेट और शांत कर सकते हैं।

International Yoga Day
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  • What is Yoga in Hindi (योग क्या है)
  • Origin of Yoga (योग कहाँ से आया)
  • International Yoga Day Date (इंटरनेशनल योग डे कब है)
  • Reset Brain with Yoga (योग से दिमाग को रीसेट कैसे करें)
  • Yoga for Mental Peace (मानसिक शांति के लिए योग)
क्या भागदौड़ भरी जिंदगी में आपका दिमाग भी थक गया है? तनाव, एंग्जायटी और ओवरथिंकिंग से परेशान हैं? योग सिर्फ शरीर को मोड़ना नहीं, बल्कि मन को शांत करना है। जानिए योग का इतिहास और कुछ ऐसे प्राणायाम जो आपके दिमाग को तुरंत रीसेट कर देंगे!
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आधुनिक जीवन और योग की प्रासंगिकता

International Yoga Day आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस का तनाव, सोशल मीडिया का ओवरडोज और भविष्य की चिंता—इन सबने मिलकर इंसानी दिमाग को विचारों का एक ऐसा प्रेशर कुकर बना दिया है जो कभी शांत नहीं होता। ऐसे में हर व्यक्ति मानसिक शांति की तलाश में है। इस मानसिक अशांति और शारीरिक बीमारियों का सबसे अचूक और प्राचीन समाधान है—योग (Yoga)

दुनिया भर के वैज्ञानिक और डॉक्टर अब यह मान चुके हैं कि दवाइयां जो काम नहीं कर पातीं, वह योग और ध्यान (Meditation) से संभव है। आइए विस्तार से समझते हैं कि योग क्या है, इसका इतिहास क्या है, और यह कैसे हमारे दिमाग को रीसेट करने का रिमोट कंट्रोल बन सकता है।

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योग क्या है? (What is Yoga?)

सरल शब्दों में कहें तो ‘योग’ केवल शारीरिक कसरत या जिम की तरह पसीना बहाना नहीं है। ‘योग’ शब्द की उत्पत्ति संस्कृत की ‘युज’ (Yuj) धातु से हुई है, जिसका अर्थ होता है—जोड़ना या मिलना

  • आध्यात्मिक स्तर पर: आत्मा का परमात्मा से मिलन ही योग है।
  • व्यावहारिक स्तर पर: शरीर, मन, विचार और आत्मा के बीच एक सुंदर संतुलन (Harmony) स्थापित करना ही योग है।

जब आपका शरीर आपके मन की बात सुनने लगता है और आपका मन आपके नियंत्रण में आ जाता है, तो उस स्थिति को योग कहा जाता है। महान ऋषि पतंजलि ने योग को परिभाषित करते हुए लिखा है: “योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः” अर्थात् मन की चंचल वृत्तियों (विचारों) को रोकना ही योग है।

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योग कहाँ से आया? (Origin and History of Yoga)

योग की जड़ें हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति और सनातन सभ्यता से जुड़ी हैं। योग का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है: International Yoga Day

  • आदियोगी शिव: भारतीय परंपरा के अनुसार, भगवान शिव को ‘आदियोगी’ (पहले योगी) और ‘आदिगुरु’ माना जाता है। उन्होंने ही सबसे पहले हिमालय पर कांति सरोवर के तट पर अपने सात शिष्यों (सप्तऋषियों) को योग का विज्ञान सिखाया था। इन ऋषियों ने इस ज्ञान को दुनिया के कोने-कोने में फैलाया।
  • वेदों और उपनिषदों में प्रमाण: योग का सबसे पहला लिखित प्रमाण हमारे सबसे प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद में मिलता है। इसके बाद उपनिषदों और भगवद्गीता में योग के दर्शन को विस्तार से समझाया गया है।
  • महर्षि पतंजलि का योगदान: लगभग 2000 वर्ष पहले महर्षि पतंजलि ने ‘योगसूत्र’ की रचना की। उन्होंने योग के बिखरे हुए ज्ञान को एक जगह समेटा और ‘अष्टांग योग’ (8 अंगों वाला योग) का नियम दिया, जिसमें यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि शामिल हैं।

इंटरनेशनल योग डे कब है? (When is International Yoga Day?)

हर साल 21 जून को पूरे विश्व में इंटरनेशनल योग डे (अंतरराष्ट्रीय योग दिवस) मनाया जाता है।

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21 जून को ही क्यों चुना गया? 21 जून साल का सबसे लंबा दिन होता है (ग्रीष्म संक्रांति या Summer Solstice)। इस दिन सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सबसे लंबे समय तक रहती हैं। भारतीय संस्कृति में इस समय के संक्रमण को आध्यात्मिक सिद्धियों और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए बेहद खास माना गया है।

इस दिवस की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर हुई थी। उन्होंने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में इसका प्रस्ताव रखा था, जिसे रिकॉर्ड 177 देशों ने स्वीकार किया। इसके बाद 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।

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कैसे करें रिसेट अपने दिमाग को योग से? (How to Reset Your Brain with Yoga?)

हमारा दिमाग कंप्यूटर की तरह है। जब कंप्यूटर में बहुत सारी ऐप्स एक साथ खुल जाती हैं, तो वह हैंग (Hang) हो जाता है। तब हम उसे ‘रिसेट’ या ‘रीस्टार्ट’ करते हैं। योग आपके दिमाग के लिए वही ‘रिसेट बटन’ है।

जब आप तनाव में होते हैं, तो शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol) नामक स्ट्रेस हार्मोन बनता है। योग करने से यह हार्मोन कम होता है और एंडोर्फिन व डोपामाइन जैसे ‘फील-गुड’ हार्मोन्स रिलीज होते हैं। दिमाग को रीसेट करने के लिए आप रोज सुबह केवल 15 से 20 मिनट नीचे दिए गए योगासन और प्राणायाम कर सकते हैं:

अ. प्राणायाम (सांसों की तकनीक – सबसे असरदार)

दिमाग को तुरंत शांत करने के लिए प्राणायाम से बेहतर कुछ नहीं है क्योंकि सांसों का सीधा संबंध हमारे विचारों से होता है।

  1. भ्रामरी प्राणायाम (Bee Breathing):
    • कैसे करें: सुखासन में बैठ जाएं। अपनी तर्जनी उंगलियों को कानों के अंगूठे (Tragus) पर रखें। आंखें बंद करें, गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए मधुमक्खी की तरह “मूं……” (Humming sound) की आवाज निकालें।
    • फायदा: यह दिमाग में कंपन पैदा करता है, जिससे नर्वस सिस्टम तुरंत शांत होता है। यह एंग्जायटी (घबराहट) के लिए बेस्ट है।
  2. अनुलोम-विलोम (Alternate Nostril Breathing):
    • कैसे करें: दाएं अंगूठे से दाईं नाक बंद करें और बाईं से सांस लें। फिर बाईं नाक बंद करके दाईं से सांस छोड़ें। अब दाईं से सांस लें और बाईं से छोड़ें।
    • फायदा: यह दिमाग के बाएं (Left) और दाएं (Right) हेमीस्फीयर को संतुलित करता है, जिससे फोकस बढ़ता है।

ब. योगासन (शारीरिक मुद्राएं)

  1. बालासन (Child’s Pose):
    • कैसे करें: वज्रासन में बैठें, सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं और सांस छोड़ते हुए आगे झुकें, जिससे आपका माथा जमीन को छुए। हाथ आगे की ओर सीधे रखें।
    • फायदा: यह मुद्रा केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) को शांत करती है और मानसिक थकान को सोख लेती है।
  2. शवासन (Corpse Pose – अंतिम रीसेट):
    • कैसे करें: पीठ के बल सीधे लेट जाएं। पैरों के बीच दूरी रखें और हथेलियों को आसमान की तरफ खुला रखें। आंखें बंद कर लें और शरीर को बिल्कुल ढीला छोड़ दें। केवल अपनी आती-जाती सांसों पर ध्यान केंद्रित करें।
    • फायदा: यह केवल लेटना नहीं है, यह सचेत रूप से दिमाग को पूरी तरह शांत (Deep Relaxation) करने की स्थिति है। 10 मिनट का शवासन कई घंटों की नींद जैसी ताजगी दे सकता है।

निष्कर्ष

योग कोई धर्म नहीं है, बल्कि यह जीने की एक कला है, एक विज्ञान है। यदि आप रोज सुबह उठकर केवल 10 मिनट भ्रामरी प्राणायाम और शवासन भी कर लेते हैं, तो आपका दिमाग पूरे दिन के तनाव को झेलने के लिए तैयार हो जाता है और क्रिएटिविटी बढ़ती है। इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर खुद से वादा करें कि आप अपनी मेंटल हेल्थ (Mental Health) के लिए योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाएंगे।


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