भारत की ‘रोटी’ का नक्शा: (Famous rotis of India) थालीपीठ से खूबा रोटी तक, जानें हर राज्य की सबसे मशहूर रोटियों की कहानी
Famous rotis of India: भारत के हर राज्य की पहचान उसकी पारंपरिक रोटी से भी होती है। महाराष्ट्र के थालीपीठ, राजस्थान की खूबा रोटी से लेकर दक्षिण की अक्की रोटी तक, पढ़ें भारत की फेमस रोटियों का ये दिलचस्प सफरनामा। भारत के हर राज्य का अपना एक 'रोटी सिग्नेचर' है। थालीपीठ, खूबा रोटी, थेपला और अक्की रोट्टी का यह सफरनामा आपको भारत के असली देसी स्वाद से रूबरू कराएगा।
Famous rotis of India: भारत का स्वाद सिर्फ मसालों में नहीं, बल्कि यहाँ की रोटियों की बनावट और खुशबू में भी बसा है! 🌾 महाराष्ट्र का मसालेदार थालीपीठ हो, राजस्थान की खूबसूरत खूबा रोटी या फिर पंजाब की सोंधी मक्के की रोटी—हर चपाती की अपनी एक अनूठी कहानी है। आपके घर में आज कौन सी रोटी बनी है? कमेंट्स में बताएं!
थालीपीठ से खूबा रोटी तक: भारत के कोने-कोने में छिपे ‘रोटी’ के अनोखे स्वाद

Famous rotis of India: भारत में खान-पान की विविधता इतनी समृद्ध है कि यहाँ हर कुछ किलोमीटर पर पानी का स्वाद और हर राज्य में रोटी का अंदाज बदल जाता है। हमारे देश में रोटी सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं, बल्कि त्योहारों, मौसमों और स्थानीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा है। उत्तर भारत के तंदूर से लेकर दक्षिण के तवे तक, भारत की पारंपरिक रोटियों का सफरनामा बेहद दिलचस्प है।

Famous rotis of India
पश्चिम का पारंपरिक तड़का: थालीपीठ और थेपला
पश्चिम भारत की बात करें तो महाराष्ट्र का थालीपीठ सबसे पहले जुबां पर आता है। यह एक मल्टीग्रेन रोटी है, जिसे भजनी (भुने हुए अनाजों और दालों का आटा) से बनाया जाता है। इसमें प्याज, धनिया और मसाले डालकर तवे पर हाथ से थपथपाकर सेंका जाता है। वहीं पड़ोसी राज्य गुजरात का थेपला सफर और नाश्ते की जान है। गेहूं के आटे में ताजी मेथी, दही और हल्के मसाले मिलाकर बना यह थेपला कई दिनों तक खराब नहीं होता। गुजरात में सर्दियों के दिनों में बाजरे का रोटला भी खूब चाव से खाया जाता है, जो रींगण नु भड़थु (बैंगन का भर्ता) के साथ लाजवाब लगता है।
कला और सेहत का संगम: खूबा रोटी और मक्के की रोटी Famous rotis of India
राजस्थान की खूबा रोटी स्वाद के साथ-साथ कला का भी बेजोड़ नमूना है। गेहूं के मोटे आटे से बनने वाली इस रोटी पर पकते समय उंगलियों से पिंच करके खूबसूरत डिजाइन (खूबा) बनाई जाती है। इन गड्ढों में ढेर सारा देसी घी भरा जाता है, जो इसके स्वाद को दोगुना कर देता है। वहीं, सर्दियों के मौसम में उत्तर भारत, खासकर पंजाब की पहचान मक्के की रोटी और सरसों का साग से होती है। मक्के के पीले आटे से बनी यह मोटी रोटी गुड़ और सफेद मक्खन के साथ हर दिल अजीज बन जाती है।
दक्षिण और पूर्व के अनोखे रंग
दक्षिण भारत की तरफ बढ़ें तो कर्नाटक की अक्की रोट्टी (चावल के आटे और सब्जियों से बनी) और रागी रोट्टी सेहत का खजाना हैं। केरल का परतों वाला मालाबार परोटा अपनी सॉफ्टनेस के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। पूरब की ओर चलें तो बिहार की मरुआ (रागी) की रोटी और झारखंड का धस्का स्थानीय खान-पान की सादगी और शुद्धता को दर्शाता है। लखनऊ की मुगलाई शीरमाल (केसर और दूध से बनी मीठी रोटी) उत्सवों की रौनक बढ़ाती है।
यहाँ भारत के अलग-अलग राज्यों की सबसे प्रसिद्ध पारंपरिक रोटियों की एक पूरी लिस्ट है: Famous rotis of India

🌾 पश्चिम और उत्तर भारत (West & North India)
- मिस्सी रोटी (राजस्थान / पंजाब): गेहूं और बेसन (चने का आटा) को मिलाकर बनाई जाती है। इसमें अजवाइन, कसूरी मेथी और बारीक कटा प्याज डालकर तवे या तंदूर में सेंका जाता है।
- बाटी (राजस्थान): हालांकि यह पूरी तरह चपटी रोटी नहीं है, लेकिन गेहूं के आटे को सख्त गूंथकर बनाई जाने वाली यह गोल बॉल्स राजस्थान का सिग्नेचर फूड हैं, जिन्हें कंडे (उपले) पर या ओवन में बेक किया जाता है और घी में डुबोया जाता है।
- शीरमाल (उत्तर प्रदेश – लखनऊ): यह एक मुगलई मीठी रोटी है जिसे मैदा, दूध, केसर और घी से बनाया जाता है। यह बेहद सॉफ्ट होती है और कोरमे के साथ खाई जाती है।
- खमीरी रोटी (दिल्ली / यू.पी.): खमीर (yeast) का उपयोग करके बनाई जाने वाली यह रोटी बाहर से थोड़ी क्रिस्पी और अंदर से बेहद स्पंजी होती है। मुगलई खान-पान का यह अहम हिस्सा है।
- बाकरखानी (कश्मीर): यह एक कश्मीरी बिस्किट जैसी रोटी है, जो थोड़ी मोटी, क्रिस्पी और तिल से ढकी होती है। इसे चाय (कहवा) के साथ बहुत पसंद किया जाता है।

🌴 दक्षिण भारत (South India)
- अक्की रोटी (कर्नाटक): ‘अक्की’ का मतलब होता है चावल। चावल के आटे में कद्दूकस की हुई गाजर, प्याज, हरी मिर्च और कढ़ी पत्ता मिलाकर इसे सीधे तवे पर फैलाकर (थपथपाकर) बनाया जाता है।
- रगी रोट्टी (कर्नाटक): अक्की रोटी की तरह ही इसे रागी (Finger Millet) के आटे से बनाया जाता है। यह आयरन और कैल्शियम से भरपूर बेहद सेहतमंद रोटी है।
- मालाबार परोटा (केरल): मैदा से बनने वाली यह बेहद लोकप्रिय परतदार (layered) और सॉफ्ट ब्रेड है। इसे बार-बार मोड़कर और पटककर लच्छेदार बनाया जाता है।
- कोथु परोटा (तमिलनाडु): मालाबार परोटे को छोटे टुकड़ों में तोड़कर, उसमें मसाले, सब्जियां, अंडा या मीट मिलाकर तवे पर कूट-कूट कर (chopping style) बनाया जाने वाला एक मशहूर स्ट्रीट फूड।
- दिब्ला रोट्टी (आंध्र प्रदेश): यह एक बहुत मोटी, क्रिस्पी रोटी जैसी डिश है जो इडली/डोसा के बैटर (उड़द दाल और चावल के रवे) से बनती है। इसे धीमी आंच पर पैन में दोनों तरफ से एकदम क्रिस्पी होने तक पकाया जाता है।
🏔️ पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत (East & North-East India)
- लची रोटी (पश्चिम बंगाल / असम): यह उत्तर भारत की पूड़ी जैसी ही होती है, लेकिन इसे गेहूं के बजाय पूरी तरह मैदा से बनाया जाता है और इसका रंग एकदम सफेद (बिना ज्यादा लाल किए) रखा जाता है। अल्लू दम के साथ यह वहां की जान है।
- धस्का (झारखंड): चावल और चने की दाल के घोल (batter) को डीप फ्राई करके बनाई जाने वाली एक बेहद सॉफ्ट और फूली हुई पूड़ी/रोटी जैसी डिश।
- मरुआ की रोटी (बिहार): रागी (जिसे बिहार में मरुआ कहा जाता है) के आटे से बनी पारंपरिक रोटी। इसे अमूमन बैंगन के भर्ते या आलू के चोखे के साथ खाया जाता है।
- तनगाल रोट (मणिपुर): उत्तर-पूर्व की एक पारंपरिक चावल की रोटी, जिसे अक्सर चाय के साथ स्नैक के रूप में परोसा जाता है।

🌋 मध्य भारत (Central India)
- पानी हाथ की रोटी (मध्य प्रदेश / बुंदेलखंड): इस रोटी को बेलने के लिए सूखे आटे (पलोथन) का इस्तेमाल नहीं होता। हाथों में पानी लगाकर, थपथपाकर इसे बड़ा किया जाता है और फिर मिट्टी के तवे पर सेंका जाता है। इसका स्वाद बहुत ही सोंधा होता है।
- चीला (छत्तीसगढ़): इसे छत्तीसगढ़ का डोसा या चावल की रोटी भी कह सकते हैं। चावल के आटे और पानी का घोल बनाकर तवे पर फैलाया जाता है।

💡 एक नज़र में क्विक समरी: Famous rotis of India
| राज्य | प्रसिद्ध रोटी/ब्रेड | मुख्य सामग्री |
|---|---|---|
| महाराष्ट्र | थालीपीठ, भाकरी | मल्टीग्रेन / ज्वार-बाजरा |
| गुजरात | थेपला, रोटला | गेहूं-मेथी / बाजरा |
| राजस्थान | खूबा रोटी, मिस्सी, बाटी | गेहूं / बेसन |
| पंजाब | मक्के की रोटी, लच्छा परांठा | मक्का / गेहूं |
| कर्नाटक | अक्की रोट्टी, रागी रोट्टी | चावल का आटा / रागी |
| केरल | मालाबार परोटा | मैदा और घी |
| उत्तर प्रदेश | शीरमाल, खमीरी रोटी | मैदा, दूध, केसर |
| बिहार / झारखंड | मरुआ की रोटी, धस्का | रागी / चावल-चना दाल |
भारत में रोटियों की विविधता: एक संक्षिप्त परिचय Famous rotis of India
भारत जितना अपनी भाषाओं, संस्कृतियों और पहनावों की विविधता के लिए प्रसिद्ध है, उतना ही अपने खान-पान के लिए भी जाना जाता है। देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में जलवायु, कृषि और परंपराओं के अनुसार रोटियों के भी अनेक प्रकार देखने को मिलते हैं। यही विविधता भारतीय भोजन को विशेष बनाती है। हमारे भारत में जितनी भाषाएँ, पहनावे है वेसे ही रोटियां भी भिन्न-भिन्न प्रकार की है। कह सकते हैं कि भारत में जितनी भाषाएं और वेशभूषाएं हैं, उतनी ही विविधता रोटियों में भी दिखाई देती है। हर रोटी अपने क्षेत्र की पहचान और स्वाद का अनोखा प्रतीक है।
इन रोटियों की खासियत केवल उनका स्वाद नहीं, बल्कि उनका पोषण मूल्य भी है। गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का और रागी जैसे अनाज शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं। यही कारण है कि भारत की हर रोटी अपने क्षेत्र की संस्कृति, इतिहास और जीवनशैली की कहानी कहती है।
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