Indonesia Volcano का तांडव: धमाके के बाद फटी धरती, 10KM ऊपर तक उठा राख का गुबार, 3 पर्यटकों की जिंदा जलकर मौत
Indonesia Volcano प्रकृति का रौद्र रूप! इंडोनेशिया के सक्रिय ज्वालामुखी में भीषण विस्फोट। 10 किलोमीटर ऊंची राख की दीवार और बहते लावे की चपेट में आने से 3 पर्यटकों की दर्दनाक मौत।
इंडोनेशिया में ज्वालामुखी का तांडव: एक दर्दनाक दास्तां
प्रकृति का अचानक प्रहार
इंडोनेशिया, जिसे दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखी क्षेत्रों में गिना जाता है, एक बार फिर कुदरत के कहर का गवाह बना है। बीते कुछ घंटों में इंडोनेशिया के एक प्रमुख सक्रिय ज्वालामुखी (संभावित माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी या मरपी) में अचानक एक भीषण धमाका हुआ। यह धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह का शांत माहौल अचानक किसी युद्ध क्षेत्र जैसा लगने लगा।


आसमान में 10 किलोमीटर ऊंची राख की दीवार
धमाके के साथ ही ज्वालामुखी के मुहाने से गरम राख, जहरीली गैसें और पत्थर निकलने शुरू हो गए। देखते ही देखते राख का गुबार आसमान में 10 किलोमीटर (लगभग 32,000 फीट) की ऊंचाई तक पहुंच गया। इस काले धुएं और राख ने सूरज की रोशनी को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया, जिससे दिन में ही रात जैसा मंजर दिखने लगा। विमानन सेवाओं के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया गया है क्योंकि यह बारीक राख हवाई जहाजों के इंजन को पल भर में ठप कर सकती है।
3 पर्यटकों की दर्दनाक मौत
Indonesia Volcano इस त्रासदी का सबसे काला पहलू मानवीय क्षति है। आधिकारिक खबरों के मुताबिक, ज्वालामुखी के पास ट्रैकिंग कर रहे और नज़ारे को कैमरे में कैद करने की कोशिश कर रहे 3 पर्यटक जिंदा जल गए। बताया जा रहा है कि विस्फोट के बाद ‘पायरोक्लास्टिक फ्लो’ (बेहद तेज गति से बहने वाली गर्म गैस और राख) ने उन्हें संभलने का मौका भी नहीं दिया। बचाव दल के लिए उनके शवों तक पहुंचना भी फिलहाल नामुमकिन बना हुआ है क्योंकि वहां का तापमान अभी भी झुलसा देने वाला है।
दहलाने वाला सीन: बहता लावा और चीख-पुकार Indonesia Volcano
विस्फोट के बाद पहाड़ की ढलानों से लाल-तप्त लावा बहने लगा। रास्ते में आने वाले पेड़, घर और बिजली के खंभे तिनकों की तरह जलकर राख हो गए। गांवों में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए नंगे पैर भागते नजर आए। चश्मदीदों का कहना है कि आसमान से जलते हुए पत्थरों की बारिश हो रही थी, जिससे कई घरों की छतों में छेद हो गए और उनमें आग लग गई।
प्रशासन की कार्रवाई और बचाव कार्य
Indonesia Volcano इंडोनेशियाई आपदा प्रबंधन एजेंसी (BNPB) ने ज्वालामुखी के चारों ओर 7 से 10 किलोमीटर के दायरे को ‘नो-गो जोन’ घोषित कर दिया है। हजारों लोगों को अस्थाई शिविरों में शिफ्ट किया जा रहा है। सरकार ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में और भी छोटे-बड़े विस्फोट हो सकते हैं।
महत्वपूर्ण सूचना:
यदि आप ऐसे किसी क्षेत्र में हैं, तो स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें ताकि फेफड़ों को राख से बचाया जा सके।
क्यों फटते हैं इंडोनेशिया में इतने ज्वालामुखी?
इंडोनेशिया ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है। यहाँ टेक्टोनिक प्लेट्स के आपस में टकराने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। इस वजह से यहाँ 120 से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से इन प्लेट्स में हलचल बढ़ी है, जिसके कारण यह विनाशकारी विस्फोट हुआ।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि मनुष्य चाहे कितनी भी तरक्की कर ले, प्रकृति की ताकत के सामने वह आज भी बौना है। उन 3 पर्यटकों की मौत ने पूरी दुनिया के ट्रेवलर्स को झकझोर कर रख दिया है। सुरक्षा और सतर्कता ही ऐसे समय में एकमात्र बचाव है।
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