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Malasana Benefits: रोज सिर्फ 2 मिनट बैठने से दूर होंगी पेट और पैरों की बीमारियां, जानें सही तरीका

Malasana Benefits: रोज सिर्फ 2 मिनट बैठने से दूर होंगी पेट और पैरों की बीमारियां, जानें सही तरीका

Malasana Benefits:

कमर और पेट की चर्बी होगी गायब, आज से ही रूटीन में शामिल करें मालासन

Malasana Benefits
Malasana Benefits

Malasana Benefits: कब्ज से लेकर रीढ़ की हड्डी के दर्द तक, बड़े काम का है यह एक आसन। “योग में मालासन (Garland Pose) का बहुत महत्व है। जानिए मालासन करने का सही तरीका, इसके हैरान करने वाले फायदे और यह किन लोगों के लिए सबसे ज्यादा असरदार है। पूरा लेख यहाँ पढ़ें।”

मालासन: शरीर को निरोगी और लचीला बनाने का प्राचीन सूत्र, जानें विधि और अद्भुत लाभ

Malasana Benefits: आज की आधुनिक जीवनशैली में ‘सिटिंग जॉब’ (लगातार बैठे रहना) और शारीरिक निष्क्रियता के कारण पेट की समस्याएं, कमर दर्द और पैरों की कमजोरी एक आम बात हो गई है। हमारी पारंपरिक भारतीय जीवनशैली में जमीन पर बैठने और उठने की आदत थी, जो हमें कई बीमारियों से दूर रखती थी। योग विज्ञान में एक ऐसा ही बेहद प्रभावशाली और सरल आसन है—मालासन (Malasana), जिसे अंग्रेजी में Garland Pose या Squat Pose भी कहा जाता है।

यह आसन दिखने में जितना सरल है, हमारे पूरे शरीर के लिए उतना ही ज्यादा फायदेमंद है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मालासन क्या है, इसे कैसे किया जाता है, इसके क्या लाभ हैं और यह किन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।

Malasana Benefits
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मालासन क्या है? (What is Malasana?)

Malasana Benefits: ‘मालासन’ शब्द संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है— ‘माला’ जिसका अर्थ है हार या कंगन, और ‘आसन’ यानी मुद्रा। जब हम इस आसन की अंतिम स्थिति में होते हैं, तो हमारा शरीर एक माला के आकार की तरह झुका हुआ दिखाई देता है। सीधे शब्दों में कहें तो यह जमीन पर उकड़ू (Squat) बैठने की एक योगिक मुद्रा है। पुराने समय में लोग इसी मुद्रा में बैठकर खाना खाते थे या बात करते थे, जिससे वे लंबे समय तक स्वस्थ रहते थे।

मालासन कैसे करते हैं? (Step-by-Step Method)

मालासन का पूरा लाभ उठाने के लिए इसे सही तकनीक और सही पोस्चर (मुद्रा) के साथ करना बेहद जरूरी है। नीचे इसकी स्टेप-बाय-स्टेप विधि दी गई है: Malasana Benefits

Malasana Benefits
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  1. शुरुआती स्थिति: सबसे पहले योग मैट पर सीधे खड़े हो जाएं (ताड़ासन की मुद्रा में)। अपने दोनों पैरों के बीच लगभग एक से डेढ़ फीट की दूरी रखें। पैरों के पंजे थोड़े बाहर की तरफ होने चाहिए।
  2. नीचे झुकें: अब एक गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ते हुए नीचे की तरफ बैठें, जैसे आप उकड़ू बैठते हैं या वेस्टर्न टॉयलेट के बजाय इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं।
  3. पैरों की स्थिति: ध्यान रखें कि आपके दोनों पैर जमीन पर पूरी तरह टिके होने चाहिए। एड़ियां हवा में नहीं उठनी चाहिए। यदि शुरुआत में एड़ियां जमीन पर न टिकें, तो आप पैर के नीचे कोई मुड़ा हुआ कपड़ा या योगा ब्लॉक रख सकते हैं।
  4. हाथों की मुद्रा: अब अपने दोनों हाथों की कोहनियों को दोनों घुटनों के अंदरूनी हिस्से पर टिकाएं। हथेलियों को आपस में जोड़कर ‘नमस्ते’ या ‘प्रणाम’ की मुद्रा बनाएं।
  5. रीढ़ की हड्डी सीधी रखें: अपनी कोहनियों से घुटनों को बाहर की तरफ धकेलने का प्रयास करें और अपनी छाती को आगे की ओर खोलें। इस दौरान आपकी रीढ़ की हड्डी (Spine) बिल्कुल सीधी और तनी हुई होनी चाहिए। गर्दन को सीधा रखें और सामने की ओर देखें।
  6. सांस लेने की प्रक्रिया: इस स्थिति में रहते हुए सामान्य रूप से गहरी सांस लेते और छोड़ते रहें। शुरुआत में 30 सेकंड से 1 मिनट तक इस मुद्रा में रहें।
  7. वापस आएं: आसन से बाहर आने के लिए धीरे-धीरे हाथों को छोड़ें और जमीन का सहारा लेते हुए वापस खड़े हो जाएं या सुखासन में बैठ जाएं।

मालासन के मुख्य लाभ (Top Benefits of Malasana)

1. पाचन तंत्र और कब्ज में रामबाण मालासन के नियमित अभ्यास से पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे जठराग्नि तेज होती है। यह कब्ज (Constipation), गैस और अपच की समस्या को जड़ से खत्म करने में मदद करता है। सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीकर इस आसन में बैठने से पेट खुलकर साफ होता है।

2. पेल्विक मसल्स और लोअर बैक को मजबूती यह आसन हमारे पेल्विक फ्लोर (Pelvic Floor) और कूल्हों (Hips) की मांसपेशियों को खोलता है और उन्हें लचीला बनाता है। इसके साथ ही, यह लोअर बैक (कमर के निचले हिस्से) की जकड़न और दर्द को दूर करने में बेहद मददगार है।

3. पैरों और टखनों को टोन करना इस मुद्रा में पूरे शरीर का वजन पैरों और पंजों पर होता है। इससे जांघें (Thighs), घुटने, पिंडलियां और टखने (Ankles) मजबूत होते हैं।

4. वजन कम करने में सहायक मालासन करने से पेट के निचले हिस्से और जांघों के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी (Fat) धीरे-धीरे कम होने लगती है। यह मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है।

5. मानसिक शांति और एकाग्रता योग में माना जाता है कि मालासन ‘अपान वायु’ (नीचे की ओर जाने वाली ऊर्जा) को संतुलित करता है। इससे शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं, जिससे मानसिक तनाव कम होता है और मन शांत रहता है।

Malasana Benefits
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यह आसन किसके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है? (Who Benefits the Most?)

वैसे तो मालासन हर उम्र के व्यक्ति के लिए फायदेमंद है, लेकिन निम्नलिखित लोगों को इससे सबसे ज्यादा और त्वरित लाभ मिलता है: Malasana Benefits

  • सिटिंग जॉब वाले प्रोफेशनल्स (Desk Job Workers): जो लोग दिन में 8 से 10 घंटे कुर्सी पर बैठकर बिताते हैं, उनके हिप्स और लोअर बैक लॉक हो जाते हैं। उनके लिए यह आसन एक ‘लाइफसेवर’ है, जो शरीर के निचले हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन को दोबारा दुरुस्त करता है।
  • महिलाओं के लिए (विशेषकर पीरियड्स और प्रेगनेंसी में): महिलाओं के लिए यह आसन वरदान है। यह पीरियड्स के दौरान होने वाले क्रैम्प्स (दर्द) को कम करता है। इसके अलावा, डॉक्टर की सलाह पर गर्भावस्था (Pregnancy) के शुरुआती महीनों में इसे करने से पेल्विक एरिया मजबूत होता है, जो नॉर्मल डिलीवरी में मदद करता है।
  • क्रॉनिक कब्ज के मरीज: जिन लोगों का पेट आसानी से साफ नहीं होता और जो सालों से कब्ज की दवाइयां खा रहे हैं, उन्हें इस आसन से चमत्कारी फायदे मिलते हैं।
  • एथलीट्स और रनर्स: धावकों और खिलाड़ियों के लिए हिप्स और टखनों का लचीलापन बहुत जरूरी है। मालासन उनकी परफॉर्मेंस को सुधारने और चोट के जोखिम को कम करने में मदद करता है।

सावधानी और निषेध (Precautions & Contraindications)

भले ही यह एक बेहद सुरक्षित आसन है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसे करने से बचना चाहिए: Malasana Benefits

  • यदि आपके घुटनों में तेज दर्द हो या घुटने की कोई गंभीर बीमारी (जैसे गंभीर अर्थराइटिस) हो, तो इसे न करें।
  • यदि आपकी लोअर बैक में गंभीर इंजरी (Slip Disc) है, तो बिना विशेषज्ञ की सलाह के इसका अभ्यास न करें।
  • टखने (Ankle) या हिप्स की हालिया सर्जरी या चोट की स्थिति में इससे दूर रहें।
Malasana Benefits
Malasana Benefits

निष्कर्ष: मालासन हमारी प्राचीन भारतीय जीवनशैली की सहजता को वापस पाने का एक बेहतरीन जरिया है। यदि आप जिम या भारी वर्कआउट नहीं कर सकते, तो भी रोजाना सुबह सिर्फ 2 से 3 मिनट मालासन में बैठने की आदत डालें। यह छोटा सा बदलाव आपके स्वास्थ्य को एक नई दिशा दे सकता है।


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