Wednesday, January 14, 2026
HomeWeatherVolcano Eruption 2025 इथियोपिया में 12,000 साल बाद ज्वालामुखी फटा — राख...

Volcano Eruption 2025 इथियोपिया में 12,000 साल बाद ज्वालामुखी फटा — राख का गुबार 15 किमी ऊँचा, भारत तक पहुंचने की संभावना

Volcano Eruption 2025 इथियोपिया में 12,000 साल बाद ज्वालामुखी फटा — राख का गुबार 15 किमी ऊँचा, भारत तक पहुंचने की संभावना

Volcano Eruption 2025 इथियोपिया के हायली गुब्बी ज्वालामुखी (Hayli Gubbi) में 23 नवंबर 2025 को विस्फोट हुआ — 12,000 वर्षों में पहली बार। राख-और सल्फर डाइऑक्साइड का गुबार 14–15 किमी ऊंचा उठा। राख बाद में वायु धाराओं के साथ यमन, ओमान होते हुए भारत, पाकिस्तान तक पहुँची; कई उड़ानों पर असर हुआ।

Hayli Gubbi ज्वालामुखी विस्फोट: राख-बादल 15 किमी तक गया

इथियोपिया के उत्तर-पूर्वी अफ़ार क्षेत्र में स्थित Hayli Gubbi नामक ज्वालामुखी ने 23 नवंबर 2025 को अचानक फटकर एक दुर्लभ एवं भयानक घटना को जन्म दिया, जिसने 12,000 साल से मूक पड़े इस पर्वत को पहली बार सक्रिय कर दिया। भू–वैज्ञानिकों के अनुसार, यह इस ज्वालामुखी की होलोसीन युग (Holocene epoch) में पहली पुष्टि-शुदा गतिविधि है।

राख का गुबार अफ़ार से रेड सी, ओमान, यमन होते हुए भारत तक पहुँचा

विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि राख और सल्फर डाइऑक्साइड का गुबार आसमान में करीब 14–15 किलोमीटर ऊँचाई तक पहुंच गया। विस्फोट के बाद गग्गल “एश क्लाउड” (राख-बादल ) रेड सी और अरबी सागर की हवा के साथ पूर्व की ओर बहने लगी, जिसमें यमन और ओमान होते हुए राख बाद में भारत-पाकिस्तान की ओर बढ़ी। इस गहरी राख-बादल ने अफ़ार क्षेत्र के आस-पास के गांवों, जैसे अफ़डेरा, को भी प्रभावित किया — वहां के लोगों ने अचानक देर तक गहरी धुंध, राख और धूल महसूस की। भू-कंप और हल्की कंपन भी महसूस हुई, जिससे स्थानीय लोग दहशत में थे। हालांकि, अभी तक किसी जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

Volcano Eruption 2025
Volcano Eruption 2025

उड़ानों पर असर — Air India एवं अन्य एयरलाइंस ने कई फ्लाइट रद्द/रूट बदली

दफ्तरों और अधिकारियों ने हवाई यात्राओं पर अलर्ट जारी कर दिया। भारत में कई उड़ानों को रद्द या रूट बदले जाने की सूचना मिली। कुछ एयरलाइनों ने precautionary जांच के लिए अपने विमान रोक दिए।

भूगर्भ विशेषज्ञों ने कहा — शांत ज्वालामुखी भी अचानक सक्रिय हो सकते हैं

विशेषज्ञों का कहना है कि चाहे राख-बादल भारत तक पहुँची हो, लेकिन अधिकतर यह वायुमंडल की ऊँची परत में थी। इस वजह से फिलहाल यह माना जा रहा है कि जमीन पर वायुमंडलीय गुणवत्ता (AQI) पर इसका असर बहुत सीमित रहेगा। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यह घटना यह दिखाती है कि प्राचीन काल में शांत रहे ज्वालामुखी अचानक सक्रिय हो सकते हैं और उनका प्रभाव सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि अन्य महाद्वीपों तक भी पहुँच सकता है। भू–वैज्ञानिकों ने कहा है कि अफ़ार क्षेत्र की अव्यवस्थित भू-भौतिक स्थिति और प्लेट टेक्टोनिक्स के कारण ऐसा अचानक हों सकता है।

इस अप्रत्याशित घटना ने न सिर्फ इथियोपिया बल्कि अरब क्षेत्र, मध्य पूर्व और भारत समेत एशिया के कई हिस्सों में हवाई सेवाओं, वायु-दूरसंचार एवं मौसम-पूर्वानुमान प्रणालियों को अलर्ट मोड में ला दिया है।


Imran Khan Pakistan News क्या जेल में इमरान खान के साथ सब ठीक है? अफवाहों के बीच 3 हफ्तों से नहीं मिला परिवार, पाकिस्तान में खलबली

Constitution Day 2025 संविधान को नमन, वंदन: संविधान दिवस पर राष्ट्रपति बोलीं—25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए

शोर्ट वीडियोज देखने के लिए VR लाइव से जुड़िये


RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments