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Solar Eclipse 2026: साल का दूसरा सूर्य ग्रहण क्या भारत में दिखाई देगा यह ग्रहण? जानिए सूतक काल का समय और जरूरी नियम

Solar Eclipse 2026: साल का दूसरा सूर्य ग्रहण क्या भारत में दिखाई देगा यह ग्रहण? जानिए सूतक काल का समय और जरूरी नियम

Solar Eclipse 2026: लगने जा रहा है साल का दूसरा सूर्य ग्रहण। इस तारीख को लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण; जानें क्यों भारत के लोगों को सूतक काल को लेकर डरने की जरूरत नहीं

Solar Eclipse 2026: साल का दूसरा सूर्य ग्रहण जल्द ही लगने जा रहा है! 🌑 इस खगोलीय घटना को लेकर जहां वैज्ञानिक उत्साहित हैं, वहीं आम लोगों के मन में सूतक काल और इसके प्रभावों को लेकर कई सवाल हैं। क्या यह ग्रहण भारत में दिखेगा? क्या मंदिर के कपाट बंद होंगे? और गर्भवती महिलाओं को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

साल का दूसरा सूर्य ग्रहण! क्या भारत में मान्य होगा सूतक काल और क्या होंगे इसके नियम? जानिए तारीख, समय और सभी जरूरी जानकारियां।

Solar Eclipse 2026

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साल का दूसरा सूर्य ग्रहण: क्या भारत में लगेगा सूतक काल? जानिए समय, तारीख और धार्मिक नियम

Solar Eclipse 2026: खगोलीय और धार्मिक नजरिया विज्ञान की नजर में सूर्य ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है, जब चंद्रमा घूमते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी कुछ समय के लिए धरती तक नहीं पहुंच पाती। लेकिन भारतीय सनातन परंपरा और वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रहण को बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील समय माना जाता है। साल का पहला सूर्य ग्रहण बीतने के बाद अब हर किसी की नजरें साल के दूसरे सूर्य ग्रहण पर टिकी हैं।

इस समय लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा? और अगर दिखाई देगा, तो क्या इसका सूतक काल भारत में मान्य होगा? आइए ज्योतिष और विज्ञान के नजरिए से इस पूरी कहानी और इसके पीछे के नियमों को विस्तार से समझते हैं।

कब लग रहा है साल का दूसरा सूर्य ग्रहण?

Solar Eclipse 2026: साल का दूसरा सूर्य ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse) होने जा रहा है। इसे आसमान में ‘रिंग ऑफ फायर’ (Ring of Fire) के रूप में भी देखा जाता है, जहां चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता और सूर्य का बाहरी हिस्सा एक चमकती हुई अंगूठी की तरह दिखाई देता है।

यह ग्रहण भारतीय समयानुसार रात के समय शुरू होगा, जिसके कारण यह भारत के अधिकांश हिस्सों में दृश्यमान (visible) नहीं होगा। चूंकि यह रात के समय लगेगा, इसलिए भारत में इस दौरान सूर्योदय नहीं हो रहा होगा। दूसरा सूर्य ग्रहण

तिथि: 12 अगस्त, 2026 (बुधवार) Solar Eclipse 2026

समय: भारतीय समयानुसार रात 9:04 बजे शुरू होकर अगली सुबह 4:25 बजे तक रहेगा (कुल अवधि 7 घंटे 21 मिनट)।

प्रकार: खग्रास (पूर्ण सूर्य ग्रहण)

दृश्यता: यह मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, रूस और अटलांटिक महासागर में दिखाई देगा। रात का समय होने के कारण यह भारत में दिखाई नहीं देगा और यहाँ सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।

Solar Eclipse 2026
Solar Eclipse 2026

क्या भारत में सूतक काल मान्य होगा?

धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सूतक काल को लेकर एक बहुत ही स्पष्ट नियम है—“जहां ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सूतक काल मान्य नहीं होता।”

  • सूतक काल का नियम: सूर्य ग्रहण लगने से ठीक 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, पूजा-पाठ वर्जित होता है और भोजन बनाना या खाना भी ठीक नहीं माना जाता।
  • भारत में स्थिति: चूंकि यह साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में इसका कोई धार्मिक प्रभाव या सूतक काल मान्य नहीं होगा। * क्या मंदिर बंद होंगे?: नहीं, भारत के सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे और रोज की तरह पूजा-अर्चना की जा सकेगी। लोगों को अपनी दैनिक दिनचर्या बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है।

यह सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा?

Solar Eclipse 2026: भले ही भारत के लोग इस अद्भुत नजारे को सीधे आसमान में न देख पाएं, लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में यह सूर्य ग्रहण बेहद साफ और खूबसूरत दिखाई देगा।

  1. अंटार्कटिका और आर्कटिक क्षेत्र: इन ठंडे इलाकों में ग्रहण का प्रभाव काफी अच्छा देखा जाएगा।
  2. प्रशांत और अटलांटिक महासागर: महासागर के तटीय क्षेत्रों में यह वलयाकार रूप में दिखेगा।
  3. उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका के कुछ हिस्से: यहां के कुछ देशों में आंशिक या पूर्ण रूप से सूर्य ग्रहण का नजारा देखने को मिलेगा।
Solar Eclipse 2026

क्या गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतने की जरूरत है?

भारतीय समाज में ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को लेकर कई तरह के नियम और मान्यताएं प्रचलित हैं। जैसे—ग्रहण के समय बाहर न निकलना, सुई या चाकू का इस्तेमाल न करना आदि।

ज्योतिषियों का मत: Solar Eclipse 2026

जब ग्रहण भारत में अदृश्य है, तो इसका सीधा नकारात्मक प्रभाव यहां के गर्भस्थ शिशुओं पर नहीं पड़ता। इसलिए डरने या घबराने की कोई बात नहीं है।

हालांकि, मानसिक शांति और आत्मिक शुद्धि के लिए यदि गर्भवती महिलाएं ग्रहण के समय भगवान का नाम लें, ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ या ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जाप करें, तो यह हमेशा लाभदायक ही होता है।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें? (सामान्य नियम)

यदि आप उन क्षेत्रों में रहते हैं जहां ग्रहण दिखाई दे रहा है, या आप ज्योतिषीय दृष्टिकोण से मानसिक शुद्धि चाहते हैं, तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:Solar Eclipse 2026

क्या करें (Dos)क्या न करें (Don’ts)
मंत्र जाप: ग्रहण की अवधि में मंत्रों का जाप करना सामान्य दिनों से कई गुना अधिक फलदायी माना जाता है।नग्न आंखों से देखना: सूर्य ग्रहण को कभी भी बिना विशेष चश्मे (Solar Filters) के सीधे न देखें, इससे आंखें खराब हो सकती हैं।
गंगाजल का उपयोग: ग्रहण समाप्त होने के बाद पूरे घर में गंगाजल छिड़कना चाहिए और स्वयं भी स्नान करना चाहिए।भोजन करना: जहां ग्रहण दिखाई दे रहा हो, वहां ग्रहण के दौरान भोजन पकाने और खाने से बचना चाहिए (बुजुर्गों और बीमारों को छूट है)।
दान-पुण्य: ग्रहण खत्म होने के बाद गरीबों या जरूरतमंदों को अनाज, तिल या कपड़ों का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।शुभ कार्य: सूतक काल या ग्रहण के दौरान किसी भी नए या मांगलिक कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।

वैज्ञानिक घटना का आनंद लें, अंधविश्वास से बचें

Solar Eclipse 2026 साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत के लिहाज से पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि यह यहां दिखाई नहीं देगा और न ही इसका कोई सूतक काल लगेगा। इसलिए देशवासियों को किसी भी प्रकार के भ्रम या डर में जीने की जरूरत नहीं है। विज्ञान के छात्र और खगोल प्रेमी इंटरनेट या लाइव स्ट्रीम के जरिए दुनिया के दूसरे हिस्सों से आने वाली ‘रिंग ऑफ फायर’ की खूबसूरत तस्वीरों का आनंद ले सकते हैं। तकनीक के इस दौर में, प्रकृति के इस अनोखे खेल को समझना और देखना हमेशा एक अद्भुत अनुभव होता है।


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