PICA Disorder क्या है? जानें बच्चों में मिट्टी, चॉक या कागज खाने की आदत के पीछे का वैज्ञानिक कारण और उपाय
PICA Disorder क्या आपका बच्चा भी मिट्टी या चॉक खाता है? यह PICA विकार हो सकता है। क्यों होता है यह बच्चों को? जानें इसका फुल फॉर्म, कारण, लक्षण और इसे ठीक करने के प्रभावी तरीके। बच्चे का मिट्टी, पेंट या चॉक खाना सिर्फ एक ‘शरारत’ नहीं, बल्कि PICA नामक विकार हो सकता है। इसे नजरअंदाज न करें, यह पोषण की कमी का संकेत है।
PICA विकार: जब बच्चे खाने लगते हैं मिट्टी और चॉक—कारण और समाधान
अक्सर माता-पिता इस बात से परेशान रहते हैं कि उनका छोटा बच्चा छुपकर मिट्टी खाता है, दीवार का पेंट खुरचकर निगल जाता है या स्कूल में चॉक और स्लेट पेंसिल खाने लगता है। ग्रामीण इलाकों में इसे अक्सर ‘मिट्टी खाने की आदत’ कहकर टाल दिया जाता है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इसे PICA (पिका) कहा जाता है।
यह एक गंभीर ईटिंग डिसऑर्डर (Eating Disorder) है, जो न केवल बच्चे के विकास को रोकता है बल्कि शरीर में कई बीमारियों का घर भी बना सकता है। आइए जानते हैं क्या है पिका, इसके कारण और इसे ठीक करने के तरीके।


1. PICA का फुल फॉर्म और अर्थ (What is PICA?)
हैरानी की बात यह है कि चिकित्सा क्षेत्र में PICA का कोई लंबा “फुल फॉर्म” नहीं है। यह शब्द लैटिन भाषा के शब्द ‘Pica-Pica’ से आया है, जिसका अर्थ होता है “मैगपाई” (Magpie) पक्षी। मैगपाई एक ऐसा पक्षी है जो कुछ भी खा लेता है, चाहे वह खाने लायक हो या न हो।
चिकित्सा विज्ञान में, पिका एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति (अक्सर बच्चे) ऐसी चीजें खाने की तीव्र इच्छा रखते हैं जिनमें कोई पोषण मूल्य (Nutritional Value) नहीं होता। जैसे:
- मिट्टी, धूल या कीचड़।
- चॉक, स्लेट पेंसिल या पेंट।
- कागज, कपड़ा या बाल।
- बर्फ (इसे पैगोफैगिया कहते हैं)।
- साबुन या माचिस की तीलियां।
पिका एक इर्टिंग डिसऑर्डर (खाने का विकार) कहते है, कोई संक्षिप्त नाम (Acronym) नहीं।

2. बच्चों में PICA क्यों होता है? (Causes of PICA)
पिका होने के पीछे कई शारीरिक और मनोवैज्ञानिक कारण हो सकते हैं। इसे समझना बहुत जरूरी है क्योंकि यह केवल एक ‘आदत’ नहीं है:
पोषक तत्वों की कमी (Nutritional Deficiency)
पिका का सबसे बड़ा कारण शरीर में आयरन (Iron) और जिंक (Zinc) की कमी है। जब शरीर में खून की कमी (Anemia) होती है, तो मस्तिष्क ऐसी चीजें खाने का संकेत देता है जिससे उसे लगता है कि कमी पूरी होगी (भले ही मिट्टी से आयरन न मिले)।
विकासात्मक मुद्दे (Developmental Issues)
ऑटिज्म (Autism) या एडीएचडी (ADHD) जैसी स्थितियों से जूझ रहे बच्चों में पिका होने की संभावना अधिक होती है। कभी-कभी बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability) के कारण भी बच्चा खाद्य और अखाद्य वस्तुओं में अंतर नहीं कर पाता।
मानसिक तनाव या उपेक्षा
यदि बच्चा अकेलापन महसूस कर रहा है, तनाव में है या उसके साथ दुर्व्यवहार हो रहा है, तो वह खुद को शांत करने या ध्यान आकर्षित करने के लिए इन चीजों को खाने लगता है।
सांस्कृतिक कारण PICA Disorder
कुछ संस्कृतियों में मिट्टी या खड़िया खाने को सामान्य माना जाता है, जिसे देखकर बच्चे भी यह आदत अपना लेते हैं।

3. PICA के लक्षण और खतरे PICA Disorder
अगर आपका बच्चा 2 साल से बड़ा है और एक महीने से अधिक समय से अखाद्य चीजें खा रहा है, तो यह पिका है। इसके खतरे निम्नलिखित हैं: PICA Disorder
- संक्रमण (Infections): मिट्टी में मौजूद परजीवी और कीड़े पेट में संक्रमण पैदा करते हैं।
- कब्ज या रुकावट: बाल या कपड़ा खाने से आंतों में रुकावट (Bowel Obstruction) हो सकती है, जो जानलेवा है।
- सीसा विषाक्तता (Lead Poisoning): दीवार का पेंट खाने से शरीर में लेड की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे दिमाग पर बुरा असर पड़ता है।
- दांतों की समस्या: चॉक या पत्थर चबाने से दांत टूट या घिस सकते हैं।
4. पिका का निदान और उपचार (How to Treat PICA?)
पिका को ठीक करना असंभव नहीं है, लेकिन इसके लिए धैर्य और सही दिशा में प्रयास की आवश्यकता होती है:
डॉक्टरी जांच (Medical Checkup)
सबसे पहले डॉक्टर से मिलें और बच्चे का ब्लड टेस्ट करवाएं। इससे पता चलेगा कि क्या बच्चे के शरीर में आयरन, हीमोग्लोबिन या जिंक की कमी है। यदि कमी है, तो डॉक्टर सप्लीमेंट्स (Supplements) देंगे, जिससे पिका की इच्छा अपने आप कम हो जाएगी।
आहार में बदलाव PICA Disorder
बच्चे के खाने में आयरन से भरपूर चीजें शामिल करें। जैसे:
- हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक, मेथी)।
- अनार, चुकंदर और सेब।
- दालें और गुड़।
- अंडा और मांस (यदि खाते हों)।
व्यवहार चिकित्सा (Behavioral Therapy)
PICA Disorder बच्चे को डांटने या पीटने के बजाय उसे प्यार से समझाएं। जब वह मिट्टी खाए, तो उसका ध्यान किसी खिलौने या फल की ओर भटका दें। ‘पॉजिटिव रिइंफोर्समेंट’ का उपयोग करें—जब वह मिट्टी न खाए, तो उसे इनाम दें।
सुरक्षित वातावरण PICA Disorder
बच्चे की पहुंच से ऐसी चीजें दूर रखें। दीवारों पर सुरक्षित पेंट (Lead-free) का उपयोग करें और फर्श को साफ रखें।
5. माता-पिता के लिए कुछ खास सुझाव
पिका अक्सर एक संकेत है कि बच्चे के शरीर या मन को किसी चीज की जरूरत है। एक सजग माता-पिता के रूप में:
- बच्चे के साथ ज्यादा समय बिताएं।
- उसकी गतिविधियों पर नजर रखें, खासकर जब वह अकेला खेल रहा हो।
- पिका के उपचार में समय लग सकता है, इसलिए धैर्य न खोएं।
पिका कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, बल्कि एक स्वास्थ्य संकेत है। अगर इसे समय रहते पहचान लिया जाए और पोषक तत्वों की कमी को दूर कर दिया जाए, तो बच्चा बहुत जल्द इस आदत को छोड़ देता है। यदि समस्या बनी रहती है, तो बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) के साथ-साथ बाल मनोवैज्ञानिक की सलाह लेना भी फायदेमंद हो सकता है।
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