US-Iran War: डील का वक्त खत्म’… ईरान पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, किए 3 बड़े ऐलान
US-Iran War: अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर गिराने पर भड़के ट्रंप, कहा- “ईरान को चुकानी होगी भारी कीमत”, कब रुकेगा मिडिल ईस्ट का युद्ध?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ‘मिडिल ईस्ट का गुंडा’ बताते हुए बड़ा दावा किया है कि उसकी सेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है। अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सीधी जंग शुरू हो गई है। जानिए ट्रंप के 3 बड़े ऐलान और कब खत्म होगा यह महायुद्ध।

‘मिडिल ईस्ट का गुंडा मर चुका है, डील का वक्त खत्म’, ईरान तबाह करके मानेंगे ट्रंप? जानें क्या होगा आगे और कब खत्म होगी वोर?
US-Iran War: मिडिल ईस्ट (Middle East) में बारूद की गंध और आसमान में गूंजते लड़ाकू विमानों की आवाज के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने जलते हुए पश्चिम एशिया में घी का काम किया है। अभी दो दिन पहले तक जो ट्रंप दावा कर रहे थे कि वे ईरान के साथ दो-तीन दिन के भीतर एक ‘ऐतिहासिक शांति समझौता’ (Peace Deal) करने वाले हैं, आज उनके तेवर पूरी तरह बदल चुके हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट लिखते हुए एलान कर दिया: US-Iran War

US-Iran War
“ईरान की सेना पूरी तरह से तबाह हो चुकी है। उसकी नेवी और एयरफोर्स का अब कोई अस्तित्व नहीं बचा है… मिडिल ईस्ट का गुंडा मर चुका है (The Bully of the Middle East is DEAD!!!) उन्होंने डील के लिए बहुत लंबा वक्त ले लिया, जो उनके लिए बेहतरीन हो सकती थी। अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी!!!”
आखिर ऐसा क्या हुआ कि अचानक शांति की बातें करने वाले ट्रंप युद्ध मोड में आ गए? क्या अमेरिका और ईरान के बीच अब आर-पार की जंग शुरू हो चुकी है? और सबसे बड़ा सवाल—यह महायुद्ध कब खत्म होगा?
क्यों भड़के ट्रंप? क्या है ताजा विवाद की वजह?
US-Iran War: इस भीषण तनाव के पीछे की वजह हुरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास हुई एक सैन्य घटना है।
- अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर पर हमला: ईरान ने कथित तौर पर अमेरिका के एक बेहद आधुनिक अपाचे हेलीकॉप्टर (Apache Helicopter) को मार गिराया। गनीमत रही कि ड्रोन हमले के बावजूद अमेरिकी पायलट सुरक्षित बच गए।
- अमेरिका का पलटवार: इसके तुरंत बाद ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम और तटीय इलाकों में रडार साइट्स पर भीषण एयरस्ट्राइक कर दी।
- ईरान का जवाबी हमला: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी पीछे हटने से इनकार कर दिया और बुधवार सुबह जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में स्थित 21 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें और ड्रोन दाग दिए।
अप्रैल में दोनों देशों के बीच जो एक कमजोर सी युद्धविराम (Ceasefire) की सहमति बनी थी, वह अब पूरी तरह हवा में उड़ चुकी है।
डोनाल्ड ट्रंप के 3 बड़े एलान: अब क्या करेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति?
ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे अब ईरान के साथ किसी ‘सॉफ्ट डिप्लोमेसी’ के मूड में नहीं हैं। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू और अपनी पोस्ट्स में उन्होंने 3 बेहद खतरनाक एलान किए हैं: US-Iran War

1. “डील का वक्त खत्म, अब सिर्फ एक्शन होगा”
ट्रंप ने साफ कर दिया है कि कतर की मध्यस्थता में तेहरान के साथ चल रही शांति वार्ता अब ठंडे बस्ते में जा चुकी है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने बातचीत की मेज पर बहुत ज्यादा समय बर्बाद किया और अब अमेरिका समझौते के लिए गिड़गिड़ाएगा नहीं।
2. ईरान के पावर प्लांट्स और ब्रिजों को निशाना बनाने की तैयारी
ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो अमेरिकी सेना सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगी। अमेरिका अब ईरान के बुनियादी ढांचे, जैसे उसके बिजली घर (Power Plants), प्रमुख पुल (Bridges) और तेल रिफाइनरियों को निशाना बना सकता है, जिससे ईरान आर्थिक रूप से पूरी तरह पंगु हो जाए।
3. ‘स्टील वॉल’ बंदरगाह नाकेबंदी को और सख्त करना
ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि ईरान के समुद्री व्यापार को पूरी तरह ठप कर दिया जाए। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका की ‘स्टील वॉल’ (समुद्री नाकेबंदी) बेहद सफल रही है और अब इसे इस कदर मजबूत किया जाएगा कि ईरान न तो अपना तेल बेच पाए और न ही बाहर से कोई मदद हासिल कर सके।
अब आगे क्या होगा? क्या ईरान सच में तबाह हो जाएगा?
US-Iran War ट्रंप भले ही दावा कर रहे हों कि ईरान की सेना का अस्तित्व खत्म हो चुका है, लेकिन जमीनी हकीकत इतनी सरल नहीं है। ईरान के पास मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा मिसाइल प्रोग्राम है और उसके पास ‘एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस’ (हूती, हिजबुल्लाह और इराकी मिलिशिया) जैसे लड़ाकू गुटों का एक मजबूत नेटवर्क है।
- क्षेत्रीय युद्ध का खतरा: अगर अमेरिका ईरान की मुख्य भूमि पर बड़ा हमला करता है, तो ईरान खाड़ी देशों (Gulf Countries) में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और तेल के कुओं को निशाना बनाएगा। कुवैत, बहरीन और जॉर्डन पहले से ही ईरान की मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर रहे हैं।
- वैश्विक तेल संकट: हुरमुज जलडमरूमध्य से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। अगर यह रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हुआ, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, जिससे वैश्विक मंदी आ सकती है।
कब खत्म होगी ये वोर (War)?
दुनिया भर के लोग अब एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर यह तबाही कब थमेगी? कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस युद्ध के खत्म होने के दो ही रास्ते नजर आते हैं: US-Iran War
- ईरान का पूरी तरह घुटने टेकना (कम संभावना): ट्रंप की रणनीति ईरान को इतना डराने और आर्थिक रूप से तोड़ने की है कि वे बिना किसी शर्त के अमेरिका की बात मान लें। लेकिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के रहते इसकी संभावना कम है।
- बैकचैनल डिप्लोमेसी और नया प्रतिबंध समझौता (अधिक संभावना): ट्रंप असल में एक ‘बिजनेसमैन’ राष्ट्रपति हैं। वे युद्ध को चरम सीमा (Brinkmanship) तक ले जाते हैं ताकि सामने वाले पर दबाव बना सकें। जानकारों का मानना है कि इस भारी गोलाबारी के बाद, जब दोनों पक्ष अपनी ताकत का अहसास करा देंगे, तो पर्दे के पीछे से कतर या ओमान एक बार फिर दोनों को बातचीत की मेज पर ला सकते हैं।
हालांकि, इस ताजा एस्केलेशन (तनाव) को देखते हुए अगले कुछ हफ्ते मिडिल ईस्ट के लिए बेहद खौफनाक होने वाले हैं और तुरंत युद्ध खत्म होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
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